ब्रिटेन के इस मंत्री के भगवत गीता पर हाथ रख कर शपथ लेने पर कई ब्रिटेन नागरिक कर रहे विरोध

ब्रिटेन के इस मंत्री के भगवत गीता पर हाथ रख कर शपथ लेने पर कई ब्रिटेन नागरिक कर रहे विरोध

भारतीय संस्कृति इतना प्रभावी है कि देश से जाने के बाद भी कोई इंसान इससे अलग नहीं रह सकता। इसी की एक मिसाल छोड़ रहा है ब्रिटेन का एक राजनेता। इस नेता ने एक इसाई देश में रहते हुए भी हिंदुस्तान का मान हमेशा बढ़ाया है।

ये राजनेता जब भी सांसद बनता है सिर्फ हिंदूओ के पवित्र ग्रंथ भगवत गीता के उपर हाथ रखकर ही शपथ ग्रहण करता है। इस नेता का नाम है ऋषि सुनक। इंफोसिस (Infosys) के फाउंडर नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनक को हाल ही में ब्रिटेन का वित्त मंत्री बनाया गया है।

अंग्रेज के विरोध का देते हैं ऐसे जवाब
ऋषि सुनक द्वारा हर बार भगवत गीता पर हाथ रख कर शपथ लेने पर कई ब्रिटेन नागरिक विरोध करते रहे हैं। इस मामले में जब एक ब्रिटिश अखबार ने सवाल पूछा तो ऋषि सुनक ने बड़े ही बेबाकी व गर्व से बोला कि मैं अब ब्रिटेन का नागरिक जरूर हूं। लेकिन मेरा धर्म हिंदू है। मेरी धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत भारतीय है। मैं गर्व से कहता हूं कि मैं हिंदू हूं व मेरी पहचान भी हिंदू ही है।

पिछले दशक भर से डंका बजा रहा है ये हिंदू सांसद
बताते चले ऋषि सुनाक पिछले दशक भर से ब्रिटेन की पॉलिटिक्स में सक्रिय हैं। वर्ष 2017 में सुनाक दूसरी बार सांसद बने थे। 39 वर्ष के ऋषि सुनक वित्‍त मंत्री के रूप में पीएम के बाद सरकार में दूसरे सबसे अहम पद को धारण करने जा रहे हैं। वित्‍त मंत्री के रूप में उनका नया पता नंबर 11, डाउनिंग स्‍ट्रीट होगा, जोकि पीएम कार्यालय यानी 10, डाउनिंग स्‍ट्रीट के बगल में है। सुनक, यॉर्कशायर में रिचमंड से सांसद हैं। 2015 में पहली बार ब्रिटिश संसद पहुंचे सुनक ने नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता से शादी किया है। उनको सत्‍ताधारी कंजरवेटिव पार्टी में उभरता हुआ सितारा माना जा रहा है व यूरोपीय संघ से अलग होने के बड़े पैरोकारों में शुमार रहे हैं। वह ब्रेक्जिट के मसले पर जॉनसन के प्रमुख रणनीतिकारों में रहे हैं।