बोकारो में महिला का कटा सिर मिला, धड़ तलाश करने में जुटी पुलिस

बोकारो में महिला का कटा सिर मिला, धड़ तलाश करने में जुटी पुलिस

बोकारो। झारखंड में बोकारो के सेक्टर-12 थाना क्षेत्र के बड़याडीह गांव के पास बुधवार को थैले में युवती का कटा सिर बरामद हुआ है। सिर लगभग 18 वर्षीया युवती का जान पड़ता है। पुलिसयुवती का धड़ तलाश करने में जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अभी भी युवती के धड़ का बरामद नहीं किया जा सका है। उन्होंने बताया कि पुलिस युवती का धड़ बरामद करने के लिए जंगलों में खोजबीन कर रही है।

बोकारो सेक्टर-12 थाना के प्रभारी जयगोविंद गुप्ता ने आज बताया कि सातनपुर के ग्रामीणों ने सूचना दी कि एक गर्दन से अलग सिर फेंका हुआ है जिसके बाद पुलिस ने वहां पहुंचकर सिर को अपने कब्जे में किया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस युवती की शिनाख्त का प्रयास कर रही है। पुलिस इसे घरेलू हिंसा एवं किसी के द्वारा हत्या कर फेंके जाने सहित कई बिन्दुओ से देख रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया युवती 18 से 20 वर्ष की प्रतीत होती है। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल के निरीक्षण से ऐसा प्रतीत होता है कि युवती की हत्या कहीं और करके शव यहां फेंका गया है।


इस झील में पड़ा है अरबों का खजाना, लेकिन आज तक कोई छु भी नहीं पाया

इस झील में पड़ा है अरबों का खजाना, लेकिन आज तक कोई छु भी नहीं पाया

ह‌िमाचल प्रदेश ज‌िसे देवभूम‌ि यानी देवताओं की जमीन के नाम से भी जाना जाता है। इस भूम‌ि के चप्पे-चप्पे पर रहस्य छुपा हुआ है। जल प्रलय, धरती पर जन्म लेने वाले पहले मनुष्य का रहस्य से लेकर कौरवों और पाडवों से जुड़े कई रोचक और रहस्यमयी चीजें यहां देखने का म‌िल जाएगी। देवभूम‌ि ह‌िमाचल के मंडी ज‌िले में  आपको एक ऐसा झील भी द‌िखेगा ज‌िसमें ऊपर से ही आपको रुपये और सोने, चांदी के स‌िक्के चमकते नजर आएंगे।

इस झील के बारे में कहा जाता है क‌ि इसमें करोड़ों का खजाना है। कई लोग इस खजाने को पाने की हसरत ल‌िए यहां आए लेक‌िन इसे पाने में कोई कामयाब नहीं हो पाया। इस झील के बारे में ऐसी मान्यता है क‌ि भीम ने इस झील का न‌िर्माण क‌िया जो पाताल से जुड़ा हुआ है। इस झील के पास बाबा कमरुनाग का मंद‌िर है ज‌िसे वर्षा का देवता माना जाता है। बाबा के नाम से ही यह झील कमरुनाग के नाम से जाना जाता है।

हर साल 14 और 15 जून को बाबा कमरुनाग का दर्शन भक्तों को प्राप्त होता है। इनके दर्शन के लिए लोग रोहांडा नामक स्थान से 8 किलोमीटर घने जंगल और पहाड़ों की कठिन चढ़ाई पूरी करके आते हैं। रोहांडा हिमाचल प्रदेश के मण्डी नामक स्थान से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है।

कमरुनाग झील के विषय में मान्यता है कि इसमें सोना, चांदी गहना और धन कुछ भी अर्पित करने से मनोकामना पूरी होती है। इसलिए लोगों को गहने और धन चढ़ते हुए यहां देखा जा सकता है। कहते हैं लोगों की यह भेंट सीधे देवताओं तक पहुंच जाती है।

वर्षो से लोगों द्वारा चढ़ाए गए धन और गहने के कारण ऐसा माना जाता है क‌ि इस झील में अरबों का खजाना पड़ा हुआ है। लेक‌िन इसे कोई चुरा नहीं सकता क्योक‌ि यह देवताओं का खजाना है ज‌िसकी रक्षा स्वयं नाग देवता करते हैं। वर्षो से लोगों द्वारा चढ़ाए गए धन और गहने के कारण ऐसा माना जाता है क‌ि इस झील में अरबों का खजाना पड़ा हुआ है। लेक‌िन इसे कोई चुरा नहीं सकता क्योक‌ि यह देवताओं का खजाना है ज‌िसकी रक्षा स्वयं नाग देवता करते हैं।