शख्स ने बॉस के लिए टॉयलेट पेपर पर लिखा अपना इस्तीफा, हो गया वायरल

शख्स ने बॉस के लिए टॉयलेट पेपर पर लिखा अपना इस्तीफा, हो गया वायरल

लोग नौकरी पाने के लिए लगातर मेहनत करते हैं तो वहीं नौकरीपेशा लोग अपना काम पूरा करने के लिए जी तोड़ मेहनत भी कर रहे हैं। लेकिन सोचिए कोई कर्मचारी अपने बॉस को अपना रिजाइन लेटर टॉयलेट पेपर पर लिखकर भेज तो शायद यह एक अजूबा होगा। एक कर्मचारी ने जब नौकरी छोड़ी तो उसका रेजिगनेशन लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया क्योंकि उसने इसे टॉयलेट पेपर पर लिखा है।

दरअसल, इस कर्मचारी का रिजाइन लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। लेविस नाम के इस कर्मचारी ने इसे सोशल मीडिया स्पेस रेडिट पर पोस्ट किया है। डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस शख्स ने लेटर की कई तस्वीरें शेयर की हैं। जैसे ही शख्स की कहानी वायरल हुई लोग मौजे लेने लगे। हालांकि इनमें से कुछ लोगों ने यह भी पूछा कि ऐसा क्या हो गया कि शख्स को टॉयलेट पेपर पर अपना रेजिगनेशन लिखना पड़ा।

रिपोर्ट के मुताबिक, टॉयलेट पेपर पर लिखे गए इस नोट में लिखा है कि मैं 25 तारीख को यहां से चला जाऊंगा। इतना ही नहीं इसके लिए कर्मचारी ने एक बिना कपड़े का कार्टून भी बनाया है, कार्टून को उसने अपने रूप में प्रेजेंट किया है। उसने आगे लिखा कि आज मैं अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं। हालांकि लेविस ने लोगों को यह भी बताया कि उसके बॉस को उसका इस्तीफा पसंद आया है, क्योंकि वो एक आराम की नौकरी कर रहा था।


इस झील में पड़ा है अरबों का खजाना, लेकिन आज तक कोई छु भी नहीं पाया

इस झील में पड़ा है अरबों का खजाना, लेकिन आज तक कोई छु भी नहीं पाया

ह‌िमाचल प्रदेश ज‌िसे देवभूम‌ि यानी देवताओं की जमीन के नाम से भी जाना जाता है। इस भूम‌ि के चप्पे-चप्पे पर रहस्य छुपा हुआ है। जल प्रलय, धरती पर जन्म लेने वाले पहले मनुष्य का रहस्य से लेकर कौरवों और पाडवों से जुड़े कई रोचक और रहस्यमयी चीजें यहां देखने का म‌िल जाएगी। देवभूम‌ि ह‌िमाचल के मंडी ज‌िले में  आपको एक ऐसा झील भी द‌िखेगा ज‌िसमें ऊपर से ही आपको रुपये और सोने, चांदी के स‌िक्के चमकते नजर आएंगे।

इस झील के बारे में कहा जाता है क‌ि इसमें करोड़ों का खजाना है। कई लोग इस खजाने को पाने की हसरत ल‌िए यहां आए लेक‌िन इसे पाने में कोई कामयाब नहीं हो पाया। इस झील के बारे में ऐसी मान्यता है क‌ि भीम ने इस झील का न‌िर्माण क‌िया जो पाताल से जुड़ा हुआ है। इस झील के पास बाबा कमरुनाग का मंद‌िर है ज‌िसे वर्षा का देवता माना जाता है। बाबा के नाम से ही यह झील कमरुनाग के नाम से जाना जाता है।

हर साल 14 और 15 जून को बाबा कमरुनाग का दर्शन भक्तों को प्राप्त होता है। इनके दर्शन के लिए लोग रोहांडा नामक स्थान से 8 किलोमीटर घने जंगल और पहाड़ों की कठिन चढ़ाई पूरी करके आते हैं। रोहांडा हिमाचल प्रदेश के मण्डी नामक स्थान से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है।

कमरुनाग झील के विषय में मान्यता है कि इसमें सोना, चांदी गहना और धन कुछ भी अर्पित करने से मनोकामना पूरी होती है। इसलिए लोगों को गहने और धन चढ़ते हुए यहां देखा जा सकता है। कहते हैं लोगों की यह भेंट सीधे देवताओं तक पहुंच जाती है।

वर्षो से लोगों द्वारा चढ़ाए गए धन और गहने के कारण ऐसा माना जाता है क‌ि इस झील में अरबों का खजाना पड़ा हुआ है। लेक‌िन इसे कोई चुरा नहीं सकता क्योक‌ि यह देवताओं का खजाना है ज‌िसकी रक्षा स्वयं नाग देवता करते हैं। वर्षो से लोगों द्वारा चढ़ाए गए धन और गहने के कारण ऐसा माना जाता है क‌ि इस झील में अरबों का खजाना पड़ा हुआ है। लेक‌िन इसे कोई चुरा नहीं सकता क्योक‌ि यह देवताओं का खजाना है ज‌िसकी रक्षा स्वयं नाग देवता करते हैं।