दादा ने हेलिकॉप्टर से घर लाकर पोती का किया ग्रैंड वेलकम, हुआ वीडियो वायरल

दादा ने हेलिकॉप्टर से घर लाकर पोती का किया ग्रैंड वेलकम, हुआ वीडियो वायरल

हाल ही में राजस्थान में एक अजीब खबर सुनने को मिली है। यहां नागौर जिले के निम्बड़ी चांदावता गांव में एक घर में 35 साल बाद जब लाडो का जन्म हुआ तो उस परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। खुशी भी इतनी कि इस नन्हीं जान के ग्रैंड वेलकम के लिये दादा ने अपनी सालभर की पूरी फसल बेच डाली और सात लाख रुपये किराया चुका कर हेलिकॉप्टर से अपनी पोती को उसके ननिहाल से घर लाये।

पोती का किया ग्रैंड वेलकम

लाडो के जन्म और उसके स्वागत का यह बेदह दिलचस्प मामला चांदावता गांव का है। इस गांव के हनुमानराम प्रजापत की पत्नी चुका देवी ने 3 मार्च 2021 को अपने पीहर नागौर जिले के ही गांव हरसोलव में बेटी को जन्म दिया। पोती होने का समाचार मिलने पर हनुमानराम के पिता मदनलाल प्रजापत और मां मुन्नीदेवी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दादा-दादी ने अपनी पोती का ग्रांड वेलकम करने की ठानी। बच्ची का नाम रिया रखा गया।

मदनलाल ने जब पोती रिया को हेलीकॉप्टर लाने की ठानी तो पता चला कि कम से कम सात लाख रुपए खर्च आएगा। लाखों रुपये के खर्चे की सोचकर भी मदनलाल प्रजापत का परिवार पीछे नहीं हटा। उसने तुरंत अपनी मैथी, सरसों और जीरे की फसल बेची। फसल बेचने से चार लाख रुपए जुटाए।

मदनलाल प्रजापत का यह फैसला उस वक्त सुर्खियों में आया जब इस परिवार ने नागौर जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी के यहां हेलीकॉप्टर उतारने की अनुमति चाहने के लिए आवेदन किया। मंजूरी मिली तो गांव निम्बड़ी और हरसोलाव के खेतों में अस्थायी हेलीपेड का निर्माण किया गया।


दो साल की मेहनत के बाद बना डाली लकड़ी की रॉयल एनफ़ील्ड बुलेट

दो साल की मेहनत के बाद बना डाली लकड़ी की रॉयल एनफ़ील्ड बुलेट

रॉयल एनफील्ड की मोटरसाइकिल्स पूरी दुनिया में मशहूर हैं और यह एक लोकप्रिय मोटरसाइकिल ब्रांड भी है। रॉयल एनफील्ड की सभी मोटरसाइकिल्स में से सबसे उपर नाम बुलेट का ही आता है। केरल राज्य में रहने वाले एक व्यक्ति ने रॉयल एनफील्ड बुलेट के मॉडल को लकड़ी से तराशा है और इसका आकार भी बुलेट के जितना ही रखा गया है।

आपको बता दें कि जिदहिन करुलाई ने इस प्रोजैक्ट पर 2 वर्षों तक काम किया है। इस लकड़ी के बुलेट को जिदहिन ने तीन अलग-अलग तरह की लकड़ी से तैयार किया है। इसके टायरों में उन्होंने मलेशियाई लकड़ी का इस्तेमाल किया, जबकि फ्यूल टैंक और बाकी अन्य पैनलों में रोजवुड और टीक का इस्तेमाल हुआ है।

इस लकड़ी की रॉयल एनफील्ड बुलेट के प्रत्येक पार्ट को असली बुलेट के साइज़ जितना ही रखा गया है। जिदहिन ने बाइक के सभी खुरदुरे किनारों को बहुत ही ध्यान से और अच्छे तरीके से पॉलिश भी किया है। सात साल पहले जिदहिन ने रॉयल एनफील्ड बुलेट का एक छोटा लकड़ी का मॉडल भी तैयार किया था।

एक इंटरव्यू में जिदहिन ने बताया कि जब तक लकड़ी की बुलेट तैयार हुई तो इसकी लागत असली बुलेट बाइक के दाम जितनी ही पहुंच गई। रियल बुलेट के साथ ही इस लकड़ी की बुलेट को भी रखा हुआ है। दूर दूर से लोग उनके घर इस लकड़ी की बुलेट को देखने पहुंच रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने लकड़ी से बाइक बना है। 


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