CM योगी ने कहा कि अब्बाजान कहे जाने वाले लोग हजम कर जाते थे गरीबों का राशन

CM योगी ने कहा कि अब्बाजान कहे जाने वाले लोग हजम कर जाते थे गरीबों का राशन

लखनऊ/कुशीनगर। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 के पहले गरीबों को राशन तक नहीं मिलता था। अब्बाजान कहे जाने वाले लोग उसे हजम कर जाते थे। कुशीनगर का राशन नेपाल और बांग्लादेश जाता था। अब गरीबों का राशन निगलने वाले जेल जाएंगे। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुशीनगर में सैकड़ों करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करते हुए नाम लिए बगैर कांग्रेस को आतंकवाद की जननी और सपा को बिच्छू करार दिया।

योगी ने सपा के साथ बसपा को भी घेरा और कहा कि इनकी सरकारों ने बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित न करते लोगों को अंधेरे में रखा।

सीएम योगी ने रविवार को कप्तानगंज और तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र में दो स्थानों पर 400 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

इस अवसर पर आयोजित जनसभाओं में उन्होंने कहा कि पहले अब्बाजान गरीबों पर डकैती डालते थे। गरीब का अन्न सपा और बसपा के लोग खा जाते थे। नौकरी के नाम पर वसूली होती रही। योग्य चयनित नहीं हो पाते थे।

सीएम ने इंसेफेलाइटिस का जिक्र करते हुए कहा कि 1977 से 2017 तक यह बीमारी हर साल 700 से एक हजार बच्चों की जान ले लेती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान और शुद्ध पेयजल की योजना लागू कर इस जानलेवा बीमारी को खत्म कर दिया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध की नगरी कुशीनगर से जल्द ही अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू हो जाएगी। भगवान बुद्ध की वजह से कुशीनगर दुनिया के नक्शे पर आया। 13 शक्तिशाली देशों में बुद्ध ने भारत की शिक्षा और संस्कृति को पहुंचाया है। यहां से पहली उड़ान भी अंतरराष्ट्रीय होगी।

सीएम ने कहा कि 1947 से जाति-मजहब, क्षेत्र और भाषा के आधार पर योजनाएं संचालित होती थीं। आज बिना भेदभाव के लोगों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है।


गोरखपुर में बोले CM योगी, कोरोना काल में दुनिया ने देखा सरकार का मानवीय चेहरा

गोरखपुर में बोले CM योगी, कोरोना काल में दुनिया ने देखा सरकार का मानवीय चेहरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने 1 950 के दशक में समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास का जो सपना देखा था, सात दशक बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसे पूरा कर रहे हैं। बीते सात वर्ष से उन्होंने गरीबों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किया है जबकि पिछली सरकारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। मुख्यमंत्री शनिवार को पं. दीनदयाल की जयंती पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन परिसर में पं. दीनदयाल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि करने के बाद मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे।

गोविवि के प्रशासनिक भवन में मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल की प्रतिमा पर की पुष्पांजलि

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की अगुवाई में गरीबों के कल्याण के लिए बीते सात वर्ष में जो भी योजनाएं लागू हुई हैं, अंत:करण से उसकी प्रेरणा पं. दीनदयाल के अंत्योदय और एकात्म मानववाद से मिली। पं. दीनदयाल का स्पष्ट मत था कि हमारी योजनाओं का आधार समाज का संपन्न नहीं बल्कि अंतिम व्यक्ति होना चाहिए। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज हर गरीब को आवास, शौचालय, एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच दिया जा रहा है। इन योजनाओं का लाभ किसी का चेहरा, जाति, मजहब, क्षेत्र देखकर नहीं दिया जा रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के दौरान कई ऐसे कार्यक्रम शुरू हुए, जिससे लोककल्याणकारी सरकार का मानवीय चेहरा दुनिया के सामने आया। इसे पूरी दुनिया ने देखा।


दो साल में 15 महीने गरीबों को मुफ्त राशन दिया

आमतौर पर महामारी के समय बीमारी से तो मौतें हाेती ही हैं, भूख भी इसकी वजह बनती है पर सरकार ने ऐसा नहीं होने दिया। पिछले दो साल में 15 महीने गरीबों को मुफ्त राशन दिया गया। देश में 80 और प्रदेश में 15 करोड़ लोग इससे लाभान्वित हुए। निश्चित रूप से यह कल्याणकारी योजनाएं एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने की माध्यम बनेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पं. दीनदयाल की जयंती पर हर ब्लाक मेंं गरीब कल्याण मेला आयोजित किया जा रहा है। हर नागरिक काे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, यह मेला इसे सुनिश्चित करेगा। इस दौरान कुलपति प्रो. राजेश सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. शांतनु रस्तोगी, प्रो. नंदिता सिंह, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डा. धर्मेंद्र सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राहुल श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, डा. सत्येंद्र सिन्हा आदि मौजूद रहे।