लॉकडाउन के दौरान कानपुर के कोल्ड स्टोरेज में करीब इतने करोड़ के अंडे रह गए कैद

लॉकडाउन के दौरान कानपुर के कोल्ड स्टोरेज में करीब इतने करोड़ के अंडे रह गए कैद

प्रोटीन व इम्यूनिटी बड़ा स्रोत अंडा (Egg) माना जाता है कि लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान शहर में इसकी बिक्री (Sale) आधी रह गई है। स्थिति ये है कि शहर की रोजमर्रा की आवश्यकता के हिसाब से इस समय उत्पादन 12 लाख अंडे का हो रहा है।

 ऐसे में बचे हुए सारे अंडे कोल्ड स्टोरेज (Cold Storage) में कैद हैं, जो कारोबारियों की चिंता का विषय हैं। जानकारी के अनुसार शहर में इन दिनों 6 से 7 लाख अंडे की ही बिक्री हो पा रही है। व्यापारियों के अनुमान के अनुसार इस समय कानपुर के कोल्ड स्टोरेज में करीब 40 करोड़ के अंडे रखे गए हैं।

होटलों, रेस्टोरेंट बंद होने से खपत घटी

अंडे का कारोबार करने वालों का बोलना है कि लॉकडाउन से पहले होटलों व रेस्टोरेंट ढाबो पर ही 7 लाख की खपत हुआ करती थी। मगर लॉकडॉन की वजह से खपत कम हो गई है, ऐसे में अंडों को कोल्ड स्टोरेज में ही रखा जा रहा है। नवाबगंज के पीएनबी चौराहे पर अंडे का स्टॉल लगाने वाले महेंद्र कुमार का बोलना है कि पहले 1 दिन में 3 पेटी यानी 630 संडे बिक जाते थे, अब आधी पेटी कठिन हो गया है। पोल्ट्री फॉर्म चलाने वाले रोहित मेहरा कहते हैं कि उत्पादन तो पहले ही जैसा है, कारोबार तो बंद नहीं किया जा सकता। अब बचे हुए अंडों को स्टोरेज किया जा रहा है। उन्होंने बोला कि चिकन की डिमांड बढ़ने व मक्के की मूल्य गिरने के कारण कुछ राहत है। 3 रुपए का एक बिक रहा अंडा



अंडे के कारोबार से जुड़े मनजीत सिंह ने बताया ₹40 करोड़ का वर्किंग कैपिटल बाजार में फंस गया है। 12 से 13 लाख अंडे रोज शहर में खपत है, जिसके लिए कानपुर की मांग को पूरी करने के लिए करीब एक से डेढ़ लाख अंडे राजस्थान के अजमेर, हैदराबाद व पंजाब के बरनाला से आते हैं। कानपुर के अंडों के भाव की बात की जाए, जो अंडा आम दिनों में ₹5 का फुटकर बिकता था, आज वही अंडा ₹3 से कम मूल्य का बिक रहा है।

गिरावट के चलते अंडा व्यापारी कोल्ड स्टोरेज में ही अंडा डंप कर रहे

कानपुर में 30 पोल्ट्री फॉर्म हैं, जिसमें 12 से 13 लाख अंडे का औसत उत्पादन है। गिरावट के चलते अंडा व्यापारी कोल्ड स्टोरेज में ही अंडा डंप कर रख रहे हैं। अंडे की कारोबारी अहमद का बोलना है कि लॉकडाउन खुलने के बाद इनके दामों में तेजी आएगी, यह उम्मीद की जाती है। तब जाकर कोल्ड स्टोरेज में व्यापारी अपने 40 करोड़ से ज्यादा के अंडे को मार्केट में निकाल पाएगा ताकि उसका मूलधन मिल सके।