यूपी के कामगार मे लॉकडाउन के दौरान श्रमिक स्पेशल ट्रेन के अंदर एक महिला ने दिया बच्चे को जन्म

यूपी के कामगार मे लॉकडाउन के दौरान श्रमिक स्पेशल ट्रेन के अंदर एक महिला ने दिया बच्चे को जन्म

 लॉकडाउन (Lockdown) में दूसरे राज्यों में फंसे यूपी के कामगार मजदूरों का लगातार आना जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को गुजरात (Gujarat) के बड़ोदरा से श्रमिक स्पेशल ट्रेन कासगंज (Kasganj) पहुंची, जिसमें एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया।   स्पेशल ट्रेन में बच्चे की किलकारियां गूंजी।

 गुजरात से चलकर कासगंज पहुंची ट्रेन में सवार लक्ष्मी को प्रसव पीड़ा हुई तो साथ बैठा पति परेशान हो गया। सहयात्री भी चिंतित थे कि अब क्या होगा? ऐसे में गांव की स्त्रियों ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया।

मालिक ने भी मजदूरों को वापस भेजना प्रारम्भ कर दिया
दौड़ती रेल में ही छोटी लक्ष्मी की किलकारी गूंजी तो हर किसी के चेहरे खिल गए।   आप को बता दें कि गंजडुंडवारा के गांव बनैल निवासी सुनील अपनी पत्नी लक्ष्मी के साथ में सात महीने पहले गुजरात गया था। वहां पर भट्टे पर ईंट पथाई का कार्य करते थे। लॉकडाउन की घोषणा हो गई तो कार्य भी बंद हो गया। भट्टा मालिक ने भी मजदूरों को वापस भेजना प्रारम्भ कर दिया। बड़ोदरा से चलने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन से सुनील व उसकी पत्नी की टिकट बुधवार रात की बनी तो सुनील परेशान हो गया।



हर कोई मुस्कुरा उठा
सुनील की पत्नी गर्भवती थी तथा प्रसव की तिथि समीप थी, लेकिन वहां पर रुकने की कोई व्यवस्था नहीं थी। मालिक ने कह दिया कि टिकट बन गई है तो जाना ही पड़ेगा। ऐसे में वह शाम पांच बजे बड़ोदरा स्टेशन पहुंच गया। रात में ट्रेन चलने तक तो सब अच्छा था, लेकिन गुरुवार तड़के पत्नी को प्रसव पीड़ा होने लगी। आठ बजे करीब ट्रेन राजस्थान की सीमा से निकली तो लक्ष्मी की हालत बिगड़ने लगी। ऐसे में सुनील के गांव के ही पूजा व सरिता के साथ एक अन्य महिला लक्ष्मी को गैलरी में ले गईं। पुरुष यात्रियों को अलग जाने के लिए कह दिया गया। कुछ देर बाद जब बच्चे की किलकारी गूंजी तो, हर कोई मुस्कुरा उठा।

गांव की स्त्रियों ने की मदद
दंपति ने लॉकडाउन में जो परेशानियां व दर्द सहे, बच्ची का चेहरा देख कर वह सब काफूर हो गया। वहीं ट्रेन जब कासगंज स्टेशन पर पहुंची तो बोगी में बच्चे की जन्म की जानकारी मिलने पर सीएमओ डाक्टर प्रतिमा श्रीवास्तव ने एंबुलेंस मंगाकर लक्ष्मी व बच्चे को अस्पताल भेजा, जहां पर उनकी हालत अच्छा बताई जा रही है। वहीं लक्ष्मी के पति सुनील ने बताया कि गांव की स्त्रियों से मदद मिल गई नहीं तो कोरोना के चलते ट्रेन में उपस्थित अन्य महिलाएं तो पास भी नहीं आईं।

वहीं जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि श्रमिक स्पेशल में 50 वर्षीय रामौतार पुत्र तोड़ीलाल की भी तबियत बिगड़ गई। गंजडुंडवारा निवासी रामौतार भी लॉकडाउन में गुजरात में फंस गए थे। ट्रेन में आकस्मित उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रेन में लक्ष्मी नामक महिला ने बच्ची को जन्म दिया है। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। दोनों को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है।