दिल्ली कैपिटल्स किस खिलाड़ी के लय में नहीं होने की वजह से है परेशानी में, ब्रायन लारा ने बताया नाम

दिल्ली कैपिटल्स किस खिलाड़ी के लय में नहीं होने की वजह से है परेशानी में, ब्रायन लारा ने बताया नाम

आइपीएल 2021 के दूसरे क्वालीफायर मैच में दिल्ली कैपिटल्स का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ बुधवार को होगा। इस मैच में दोनों टीमों के पास फाइनल में पहुंचने का बराबर का मौका होगा। इस सीजन में सीएसके पहले ही फाइनल में पहुंच चुकी है और अब दिल्ली और केकेआर में से जिसे जीत मिलेगी वो धौनी की टीम के साथ भिड़ेगी। दिल्ली को पहले क्वालीफायर में सीएसके के हाथों हार मिली थी और वो फाइनल में जाने से चूक गई थी। अब दिल्ली की टीम में आखिर ऐसी क्या कमजोरी है जो उसके लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है इसके बारे में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा ने बताया। 

वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा का मानना है कि दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज कागिसो रबाडा का लय में नहीं होना टीम के लिए इंडियन प्रीमियर लीग के नॉकआउट चरण में चिंता की बात है। पिछले सत्र में टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले रबाडा मौजूदा सीजन में उस लय को दोहराने में नाकाम रहे है। बायें हाथ के इस पूर्व बल्लेबाज लारा ने स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम सिलेक्ट डगआउट में कहा कि हां रबाडा का लय में नहीं होना दिल्ली के लिए चिंताजनक स्थिति है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने दिल्ली को प्लेआफ में पहुंचने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई, उन्होंने धीमी गेंदों के साथ बीच और आखिरी के ओवरों में बहुत सारे विकेट हासिल किए है लेकिन पिछले कुछ मैचों से वह ऐसा नहीं कर पा रहे है। वो अपने हमवतन एनरिच नार्त्जे के साथ दिल्ली की फ्रेंचाइजी के मुख्य गेंदबाज है। रबाडा ने हालांकि पिछले चार मैचों में एक भी विकेट नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि जब नार्त्जे अपना काम शानदार तरीके से कर रहे हैं। तो आप चाहते है कि रबाडा की तरह का विश्वस्तरीय गेंदबाज वैसा ही प्रदर्शन करें जैसा कि उसने पिछले टूर्नामेंट में किया था। लारा ने कहा कि इससे टीम को थोड़ी चिंता हो रही होगी। मुझे लगता है कि दिल्ली की टीम रबाडा को फिर से लय हासिल करते देखना पसंद करेगी।


किसने किसको धोखा दिया, ऐसी क्या मजबूरी आ गई कि हार्दिक पांड्या को टीम में रखना जरूरी हो गया

किसने किसको धोखा दिया, ऐसी क्या मजबूरी आ गई कि हार्दिक पांड्या को टीम में रखना जरूरी हो गया

यहां कौन किसको धोखा दे रहा है? हार्दिक पांड्या, चयनकर्ता को या चयनकर्ता, टीम को या टीम, प्रशंसकों को? बीसीसीआइ को इसे देखना होगा क्योंकि जो पांड्या रविवार को खुद कह रहे थे कि अभी वह गेंदबाजी करने की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें चयनकर्ताओं ने करीब एक महीने पहले किस आधार पर आलराउंडर मानते हुए विश्व कप की टीम में रख दिया। चयनसमिति के अध्यक्ष चेतन शर्मा ने नौ सितंबर को कहा था कि हार्दिक 100 फीसद फिट हैं और वह हर मैच में अपने कोटे के पूरे ओवर डालेंगे। हार्दिक भारत के शीर्ष आलराउंडर हैं और हम टीम में ज्यादा से ज्यादा आलराउंडर रखना चाहते हैं। विश्व कप से पहले हम उन्हें बचाना चाह रहे थे, लेकिन वह 100 फीसद फिट हैं।


इसका मतलब है कि या तो चेतन शर्मा झूठ बोल रहे हैं या पांड्या? पांड्या झूठ बोल नहीं सकते क्योंकि उन्हें उनके शरीर के बारे में सबसे ज्यादा पता है। हालांकि यह जरूर हो सकता है कि चयनकर्ताओं को टीम प्रबंधन की तरफ से पांड्या के बारे में यह बताया गया हो कि वह विश्व कप तक गेंदबाजी के लिए फिट हो जाएंगे, लेकिन ऐसे में क्या चयनकर्ताओं ने पांड्या की फिटनेस रिपोर्ट नहीं देखी? क्या उन्होंने सिर्फ मुंह जुबानी दिए वादों को मानकर इतना बड़ा फैसला कर लिया। टीम घोषणा के बाद यूएई में ही आइपीएल का दूसरा चरण हुआ जिसमें पांड्या ने मुंबई इंडियंस के लिए एक भी गेंद नहीं फेंकी। जब इस बारे में मुंबई इंडियंस के कप्तान और भारतीय टीम के उप कप्तान रोहित शर्मा से नौ अक्टूबर को पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि वह अगले सप्ताह से गेंदबाजी करना शुरू कर देंगे। फिजियो और ट्रेनर उनके साथ काम कर रहे हैं। वह हर दिन बेहतर हो रहे हैं। हालांकि सही जानकारी डाक्टर और फिजियो दे पाएंगे।


इसके बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने 23 अक्टूबर को कहा कि मुझे लगता है कि टूर्नामेंट में एक समय पर हार्दिक दो ओवर डालने की स्थिति में होंगे। एक बार फिर चयनकर्ता का रोल आता है। आइसीसी ने टीम में परिवर्तन की अंतिम तारीख बढ़ाई थी। इस दौरान चयनकर्ताओं ने देख लिया था कि पांड्या मुंबई के लिए गेंदबाजी नहीं कर रहे हैं तो टीम में बदलाव किया जा सकता था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने पांड्या की गेंदबाजी नहीं करने की स्थिति को देखते हुए स्पिनर अक्षर पटेल की जगह तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर को 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया लेकिन वह कड़ा फैसला नहीं ले सके।


फिलहाल गेंदबाजी करने की स्थिति में नहीं हैं पांड्या : अब ये लोग जो भी कह रहे हों, एक जानकार के नाते मैं ये कह सकता हूं कि आइसीसी अकादमी में 20 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए मैच में पांड्या गेंदबाजी करने की स्थिति में तो दूर तेजी से झुकने की स्थिति में भी नजर नहीं आ रहे थे। जब बाहर से बैठकर हम लोगों को यह दिख रहा था तो अंदर बैठे लोगों को यह नहीं दिख रहा होगा ऐसा तो हो नहीं सकता। अब या तो उन्होंने ना दिखने का नाटक किया या वे देखना ही नहीं चाहते हैं।

पाकिस्तान के खिलाफ महामुकाबले में पांड्या ने आठ गेंदों में 11 रन बनाए। इसमें एक चौका तो उनके बल्ले से छूकर पीछे की तरफ चौके के लिए गया। इसमें वह भाग्यशाली रहे। एक चौका उन्होंने फुलटास गेंद पर मारा। पाकिस्तानी गेंदबाजों को पता था कि उनकी कमर में समस्या है और यही कारण था कि उनके गेंदबाज आफ स्टंप के बाहर गेंद खिला रहे थे। इसी कारण पांड्या ने दो गेंद मिस भी कीं। इसी दौरान एक गेंद उनके कंधे में लगी और उनका स्कैन किया गया है। बीसीसीआइ ने अभी तक स्कैन के आगे का अपडेट नहीं दिया है।


ऐसी क्या मजबूरी : भारतीय टीम को पांड्या को खिलाने की ऐसी क्या मजबूरी है? अगर वह फिट नहीं हैं तो उन्हें फिट होने देना चाहिए क्योंकि वह गेंद तो छोडि़ए बल्ले से भी मैच जिताने की स्थिति में नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि जितना मुझे पता है रोहित ही नहीं, विराट और मेंटर महेंद्र सिंह धौनी भी उन्हें पसंद करते हैं। एक बात और हार्दिक ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले कहा था कि मेरी पीठ ठीक है। पहले परेशानी थी। अभी मैं गेंदबाजी नहीं करूंगा। नाकआउट के नजदीक में मैं गेंदबाजी करने की स्थिति में रहूंगा।


चेतन शर्मा (मुख्य चयनकर्ता), नौ सितंबर : हार्दिक सौ फीसद फिट हैं। वह हर मैच में अपने कोटे के पूरे ओवर डालेंगे।

रोहित शर्मा (उप कप्तान), नौ अक्टूबर : हार्दिक अगले सप्ताह से गेंदबाजी करना शुरू कर देंगे। वह हर दिन बेहतर हो रहे हैं।

विराट कोहली (कप्तान), 23 अक्टूबर : टूर्नामेंट में एक समय पर हार्दिक दो ओवर डालने की स्थिति में होंगे।


हार्दिक पांड्या, 24 अक्टूबर : फिलहाल मैं गेंदबाजी नहीं करूंगा। मैं नाकआउट के पास में गेंद डालने की स्थिति में रहूंगा।

समस्या कहां है

अक्टूबर-2019 में पांड्या ने लंदन में लोअर बैक सर्जरी कराई। इसके बाद से उनका करियर डगमगा गया है। 2018 के बाद से उन्हें किसी टेस्ट मैच में खेलने का मौका नहीं मिला। जहां तक टी-20 की बात है तो उन्होंने आपरेशन के बाद इस साल अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी-20 मैचों में 17 और श्रीलंका के खिलाफ एक मैच में दो ओवर डाले। इन छह मैचों में उन्होंने चार विकेट भी लिए लेकिन उनकी वह फार्म नहीं दिखी जिसके लिए वह जाने जाते थे।