लॉकडाउन के दौरान भारतीय हॉकी खिलाड़ी टीम इस तरह उठा रही है खाली समय का लुफ्त

लॉकडाउन के दौरान भारतीय हॉकी खिलाड़ी टीम इस तरह उठा रही है खाली समय का लुफ्त

बेंगलुरू के साइ सेंटर में ओलंपिक की तैयारी में जुटे भारतीय हॉकी खिलाड़ी कोविड19 महामारी के कारण परिसर से बाहर नहीं जा सकते लिहाजा एक्सरसाइज से इतर समय का सदुपयोग अंग्रेजी सुधारने, किताबें पढने व अपनी मनपसंद बॉलीवुड फिल्में देखने में बिता रहे हैं.

 टोक्यो ओलंपिक के स्थगित होने की पूरी आसार के बीच हिंदुस्तान की पुरूष व महिला हॉकी टीमों अपने निर्धारित प्रोग्राम के अनुसार ही एक्सरसाइज कर रही हैं. पहले इन खिलाड़ियों को ब्रेक मिलना था लेकिन फिर बेंगलुरू स्थित साइ सेंटर ही रहने को बोला गया. खिलाड़ी परिसर से बाहर नहीं जा सकते व ना ही कोई अनधिकृत आदमी परिसर के भीतर आ सकता है.

ऐसे में कड़े एक्सरसाइज के बीच मनोरंजन के सभी के अपने ढंग हैं. पुरूष टीम के सीनियर मेम्बर गोलकीपर पी आर श्रीजेश किताबें पढकर समय काट रहे हैं. उन्होंने भाषा से बोला कि वैसे तो हमारा एक्सरसाइज का रूटीन बहुत ज्यादा व्यस्त है लेकिन रविवार व बुधवार की शाम अवकाश रहता है. ऐसे में हम फिटनेस व रिकवरी पर ज्यादा ध्यान देते हैं. मैंने दा विंची कोड, हेलर केलर की आत्मकथा पढ डाली है व कुछ अच्छी किताबें व पढना चाहता हूं.

केरल के रहने वाले श्रीजेश ने बोला कि ऐसे माहौल में खिलाड़ियों को घर की चिंता होना लाजमी है लिहाजा घरों पर वीडियो कॉल की संख्या भी बढ गई है. उन्होंने बोला कि मेरे पापा 60 से अधिक आयु के हैं व बच्चे सात वर्ष से छोटे हैं. मैने उन्हें घर से बिल्कुल बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी है.

वहीं जालंधर के रहने वाले हिंदुस्तान के स्टार फारवर्ड मनदीप सिंह ने बोला कि सभी खिलाड़ी अपनी अंग्रेजी सुधारने पर जोर दे रहे हैं जिसके लिए होमवर्क भी मिलता है. उन्होंने बोला कि क्रिस सिरिएलो (भारतीय टीम के विश्लेषण कोच) की पत्नी हफ्ते में एक बार खिलाड़ियों की अंग्रेजी की क्लास लेती है. हमें किताबें पढकर असाइमनमेंट करने होते हैं व इसमें मजा आ रहा है. मैं ओलंपिक पर आधारित किताब पढ रहा हूं.

भारतीय महिला टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता की मां उन्हें हरियाणा के सिरसा से वीडियो कॉल पर रोज कोरोना संक्रमण से बचने के लिए घरेलू नुस्खा देती है. सविता का बोलना है कि साइ सेंटर के सुरक्षित माहौल में होने से घरवाले भी निश्चिंत हैं. उन्होंने बोला  कि हम एक्सरसाइज के साथ टीम बांडिंग पर कार्य कर रहे हैं. वहीं सारे चेहरे रोज होते हैं तो हम रूममेट बदलकर आपसी तालमेल व बेहतर कर रहे हैं. इसके अलाव तैराकी करते हैं. मनोरंजक खेलों की जिम्मेदारी भी कुछ खिलाड़ियों को दी गई है जो कुछ ना कुछ नये खेल खिलाते हैं.

भारतीय महिला टीम ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन शाम पांच बजे परिसर के भीतर ही तालियां बजाकर कोरोना वायरस के विरूद्ध प्रयत्न में जुटे लोगों को धन्यवाद दिया था.
सविता ने बोला कि हम बाहर नहीं जा रहे व जाना भी नहीं चाहते लेकिन हमें पता है कि दशा कितने मुश्किल है. हमें भी लगा कि सारे देश के साथ इस मुहिम में जुडना चाहिए.

टीम की युवा खिलाड़ी नवनीत कौर ने बताया कि खिलाड़ी भी सफाईऔर दूरी बनाये रखने के निर्देशों का पालन कर रहे हैं. उन्होंने बोला कि यहां हर स्थान हैंडवॉश व सेनिटाइजर रखे हैं. हम जिम भी सेनिटाइज होने के बाद प्रयोग करते हैं. इसके अतिरिक्त दूरी भी बनाकर रख रहे हैं. नवनीत ने बताया कि खाली समय में खिलाड़ियों ने बैठक रूम में कई मनपसंद फिल्में देख डाली.उन्होंने बोला कि आम तौर पर हम बाहर शॉपिंग या मूवी के लिए ही जाते थे. हमने पिछले हफ्ते मिले समय में कई फिल्में देखी जिनमें पानीपत, प्यार का पंचनामा, वॉर आदि शामिल थी.