दिल्ली उच्च न्यायालय में होगी बीसीसीआइ के इस निर्णय पर सुनवाई

 दिल्ली उच्च न्यायालय में होगी बीसीसीआइ के इस निर्णय पर सुनवाई

दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में तीन सदस्यीय एडहॉक कमेटी बनाने के भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के निर्णय को डीडीसीए पूर्व डायरेक्टर एवं मेम्बर नितिन मेहरा ने दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी.

 चुनौती याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई कर न्यायमूर्ति नज्मी वजीरी की पीठ ने बीसीसीआइ के निर्णय पर 26 मई तक रोक लगा दी है. पीठ ने एडहॉक कमेटी गठित करने की बीसीसीआइ की दलीलों से अहमति जताई व दोनों पक्षों को सुनने के बाद बोला कि इस पर 26 मई को निर्णय लिया जाएगा. पीठ ने कि तब तक यथास्थिति बनी रहेगी.

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के माध्यम से नितिन मेहरा ने याचिका दायर कर बोला कि डीडीसीए का पैसा बीसीसीआइ ने रोका है व डीडीसीए की अपनी कोई आय नहीं है. कपिल सिब्बल ने मेहरा की तरफ से बोला कि एक खबर लेटर के माध्यम से जानकारी मिली है कि बीसीसीआइ डीडीसीए में तीन सदस्यीय एडहॉक कमेटी नियुक्त कर रहा है. सिब्बल ने पीठ के समक्ष अखबार की प्रति पेश की व सवाल उठाया कि क्या बीसीसीआइ का डीडीसीए पर अधिकार है कि वह कमेटी बना सके. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या कंपनी कानून में ऐसा कोई प्रावधान है कि बीसीसीआइ डीडीसीए पर कमेटी बैठा सकती है.

बीसीसीआइ की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पीठ ने जवाब इस विषय में पूछा तो उन्होंने बोला कि इस बात तो हुई है लेकिन इस पर निर्णय नहीं हुआ है. पीठ ने बोला इस जवाब से कार्य नहीं चलेगा, स्पष्ट तौर पर हां या न में जवाब दें. इस पर तुषार मेहता ने जानकारी करने के लिए दो मिनट की अनुमति मांगी. कुछ समय बाद तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि बीसीसीआइ ऐसा चाहता तो है, लेकिन न्यायालय के सहमति पर ही बीसीसीआइ ऐसा करेगा.

तुषार मेहता ने यह भी बोला कि बीसीसीआइ इंतजार कर रहा था कि अगली तारीख पर न्यायालय से इस पर समहति ली जाए व न्यायालय की सहमति होने पर ही इसका फैसला लिया जाए. इस पर न्यायमूíत नज्मी वजीरी की पीठ ने बोला कि न्यायालय को यह मुद्दा अच्छा नहीं लगा रहा है व ऐसे में मैं एढॉक समिति के गठन की प्रक्रिया पर 26 मई तक रोक लगाता हूं. पीठ ने बोला कि 26 मई की अगली तारीख पर डीडीसीए के अन्य मामलों के साथ पर इस पर सुनवाई होगी. पीठ ने बोला कि इस समय डीडीसीए में जो उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त की गई कमेटी है वही रहेगी.