अक्टूबर महीने में हनीमून सेलिब्रेशन के लिए इन रोमांटिक शहरों की जरूर करें सैर

अक्टूबर महीने में हनीमून सेलिब्रेशन के लिए इन रोमांटिक शहरों की जरूर करें सैर

अक्टूबर महीने से विंटर सीजन की शुरुआत हो जाती है। यह महीना घूमने के लिए आदर्श होता है। इस महीने में न ज्यादा ठंडी और न ही ज्यादा गर्मी रहती है। अक्टूबर का महीना वंसत ऋतू के महीने की तरह होता है। इसके लिए लोग अक्टूबर के महीने में हॉलिडे पर जाना ज्यादा पसंद करते हैं। खासकर कपल्स के लिए यह महीना सबसे उपयुक्त होता है। बरसात के बाद चारों तरफ हरियाली रहती है। रंग-बिरंगे फूलों के खिलने और पक्षियों के चहकने से वातावरण का माहौल बेहद रोमांटिक रहता है। कई कपल्स हनीमून सेलिब्रेशन के लिए अक्टूबर के महीना का चयन करते हैं। अगर आप भी अक्टूबर के महीने में हनीमून सेलिब्रेट करना चाहते हैं, तो इन रोमांटिक शहरों की जरूर सैर करें। आइए जानते हैं-

श्रीनगर


श्रीनगर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है। इस शहर में प्राचीन झीलें, रोमांटिक वादियां, बर्फ से ढके पहाड़ और प्राकृतिक खूबसूरती देखने लायक है। साथ ही लव लाइफ में रोमांस का तड़का डालने के लिए शिकारा की सैर कर सकते हैं। जम्मू कश्मीर और केरल में शिकारा देखने को मिलती है। लकड़ी से बने नाव को शिकारा कहा जाता है। आप अक्टूबर महीने में हनीमून सेलिब्रेशन के लिए श्रीनगर जा सकते हैं।

मसूरी


लव बर्ड्स के लिए शिमला और मसूरी परफेक्ट डेस्टिनेशन हैं। साथ ही हनीमून मनाने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। काफी संख्या में पर्यटक हर साल मसूरी आते हैं। मसूरी को पर्वतों की रानी कहकर भी पुकारा जाता है। यह शहर देवों की भूमि उत्तराखंड में स्थित है। अनुमानतः देहरादून से उत्तराखंड की दूरी 35 किलोमीटर है। अगर आप हनीमून ट्रिप के लिए मसूरी जाना चाहते हैं, तो गन हिल जरूर जाएं। यह मसूरी के खूबसूरत जगहों में से एक है। इस हिल से आप हिमालय की खूबसूरत वादियों का नजारा दे सकते हैं। खासकर अक्टूबर के महीने में मौसम बेहद सुहाना रहता है। आप अपने पार्टनर के साथ बेहतरीन पल बिता सकते हैं।


जोधपुर

अगर आप अपने हनीमून को यादगार बनाना चाहते हैं, तो जोधपुर की सैर कर सकते हैं। इस शहर की गिनती खूबसूरत और रोमांटिक शहरों में की जाती है। जोधपुर रॉयल लाइफ के लिए जाना जाता है। शहर में कई इमारतें और किले हैं, जो अपनी खूबसूरती के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। साथ ही पिकनिक और सेल्फी स्पॉट हैं। जहां आप अपने पार्टनर के साथ न केवल खूबसूरत पल बिता सकते हैं, बल्कि यादगार फोटो और वीडियोग्राफी कर ट्रिप को यादगार बना सकते हैं।


हर स्त्री को करनी चाहिए इतनी बार शादी, तभी पूरा होता है उनका जीवन

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आप की शादी से पहले से दुल्हन का स्वामित्व 3 लोगों को सौंपा जाता है। विवाह के समय जब पंडित आपको विवाह का मंत्र पढ़ा रहा होता है तब आप मंत्र का मतलब नहीं समझते हैं। असल में वैदिक परंपरा में नियम है कि स्त्री अपनी इच्छा से चार लोगों को पति बना सकती है। इस नियम को बनाए रखते हुए स्त्री को पतिव्रत की मर्यादा में रखने के लिए विवाह के समय ही स्त्री का संकेतिक विवाह तीन देवताओं से करा दिया जाता है।

4 पतियों से होती है स्त्री की शादी:

इसमें सबसे पहले किसी भी दूल्हन (कन्या) का पहला अधिकार चन्द्रमा को सौंपा जाता है, इसके बाद विश्वावसु नाम के गंधर्व को और तीसरे नंबर पर अग्नि को और अंत में उसके पति को सौंपा जाता है। 

इसी ही वैदिक परंपरा के कारण ही द्रौपदी एक से अधिक पतियों के साथ रही थी। और फिर अंत में आपको दुल्हन का हाथ सोप जाता है।