उंगलियों की बनावट से जानिए किसी भी व्यक्ति का स्वभाव और भविष्य

उंगलियों की बनावट से जानिए किसी भी व्यक्ति का स्वभाव और भविष्य

समुद्रशास्त्र ज्योतिष की ऐसी विद्या हैं जिसकी मदद से व्यक्ति की शारीरिक संरचना से उसके स्वभाव और भविष्य के बारे में जाना जा सकता हैं। आज हम आपको इस कड़ी में व्यक्ति की हथेली, उंगलियों की बनावट से व्यक्ति के स्वभाव और भविष्य के बारे में बताने जा रहे हैं। जी हां, उंगलियों की बनावट से आप किसी भी व्यक्ति के स्वभाव के बारे में पता लगा सकते हैं। तो आइये जानें कैसे लगाए इसका पता....

- जिन व्यक्तियों की अनामिका उंगली सीधी और लंबी होती है वो काफी धनी और भाग्यशाली होते हैं।

- तर्जनी अंगुली का झुकाव अगर अंगूठे की ओर है तो ऐसे व्यक्ति बड़े ही सौम्य स्वभाव के होते हैं।

- तर्जनी अंगुली का झुकाव मध्यमा अंगुली की और है तो ऐसे व्यक्ति खुले मिजाज के होते है।

- अगर आपकी सभी उंगलियां एक समान नहीं है तो इसका मतलब आपका जीवन काफी संतुलित है।

- जिन व्यक्तियों की सभी उंगलियां एक दूसरे की ओर झुकी हुई होती है तो ऐसे व्यक्ति लचीले स्वभाव के होते हैं।

- अगर सभी उंगलियों का झुकाव मध्यम की तरफ होती है तो ऐसे व्यक्ति काफी गुणवान होते हैं।

- मध्यमा उंगली का झुकाव अगर तर्जनी अंगुली की ओर है तो ऐसे व्यक्ति का स्वभाव बड़ा ही गंभीर होता है। ऐसे व्यक्ति काम बहुत ही सोच विचार कर करते है।

- छोटी उंगली का झुकाव अगर अनामिका उंगली की ओर होता है तो व्यक्ति स्वार्थी किस्म के होते है।

- छोटी उंगली का झुकाव हथेली के बाहर की ओर है तो ऐसे लोग बड़े लापरवाह होते हैं।


हर स्त्री को करनी चाहिए इतनी बार शादी, तभी पूरा होता है उनका जीवन

हर स्त्री को करनी चाहिए इतनी बार शादी, तभी पूरा होता है उनका जीवन

आप की शादी से पहले से दुल्हन का स्वामित्व 3 लोगों को सौंपा जाता है। विवाह के समय जब पंडित आपको विवाह का मंत्र पढ़ा रहा होता है तब आप मंत्र का मतलब नहीं समझते हैं। असल में वैदिक परंपरा में नियम है कि स्त्री अपनी इच्छा से चार लोगों को पति बना सकती है। इस नियम को बनाए रखते हुए स्त्री को पतिव्रत की मर्यादा में रखने के लिए विवाह के समय ही स्त्री का संकेतिक विवाह तीन देवताओं से करा दिया जाता है।

4 पतियों से होती है स्त्री की शादी:

इसमें सबसे पहले किसी भी दूल्हन (कन्या) का पहला अधिकार चन्द्रमा को सौंपा जाता है, इसके बाद विश्वावसु नाम के गंधर्व को और तीसरे नंबर पर अग्नि को और अंत में उसके पति को सौंपा जाता है। 

इसी ही वैदिक परंपरा के कारण ही द्रौपदी एक से अधिक पतियों के साथ रही थी। और फिर अंत में आपको दुल्हन का हाथ सोप जाता है।