पति-पत्नी में रहती है अनबन तो बेडरूम में रखें ये चीजें, रिश्तों में घुलेगी मिठास

पति-पत्नी में रहती है अनबन तो बेडरूम में रखें ये चीजें, रिश्तों में घुलेगी मिठास

प्यार, देखभाल और एक-दूसरे का सम्मान करना किसी भी स्वस्थ रिश्ते का मुख्य आधार होता है। मगर कई बार सारी चीजें सही होने के बावजूद पति-पत्नी में अनबन रहती है। इसकी वजह वास्तु दोष भी हो सकता है। ऐसे में दिक्कतों को दूर करने के लिए अपने बेडरूम में कुछ चीजों में बदलाव जरूरी है। तो क्या हैं वो चीजें आइए जानते हैं। 

1. वास्तु विशेषज्ञ के अनुसार कमरे का उत्तर-पूर्व कोना किसी भी तरह से अस्त-व्यस्त न हो। यहां चीजों के बिखरे होने से पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव आ सकता है। इसलिए बेडरुम में ये कोना साफ रखें।

2. रिश्तों में मिठास घोलने के लिए बेडरूम में इंडोर प्लांट्स लगाएं। उत्तर दिशा के कोने में सफेद फूल और दक्षिण-पश्चिम कोने में बैंगनी या लाल गुलाब लगाएं। इससे संबंधों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

3. बेडरूम की दीवारों पर इस्तेमाल किया जाने वाला रंग हल्का और आंखों को आराम देने वाला होना चाहिए। बेडरूम में हल्का गुलाबी या गाजरी रंगों का प्रयोग शुभ माना जाता है। इसके अलावा आप बेडशीट, पिलो कवर आदि में लाल रंग का इस्तेमाल करें, इससे प्यार बढ़ेगा।

4. फैमिली फोटो को दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए। आप चाहे तो इस दिशा में दो हंसों के जोड़े वाली तस्वीर या प्रेम करते हुए किसी भी जोड़े की तस्वीर लगा सकते हैं। 

5. विवाहित जोड़ों को बेडरूम में हमेशा चमकीले रंगों जैसे- नारंगी, पीला, नीला और गुलाबी आदि रंगों वाले शोपीस रखने चाहिए। इसके अलावा उन्हें काले, ग्रे और गहरे भूरे जैसे गहरे रंगों से बचना चाहिए।

6. वास्तु के मुताबिक आपके बेड का सिरहाना पूर्व या दक्षिण की ओर होना चाहिए।  दीवार की ओर बेड का सिरहाना दक्षिण या पश्चिम दिशा में होना चाहिए ताकि सोते वक्त आपके पैर दक्षिण या पूर्व की ओर हों.

7. घड़ियां, बिजली के सामान, टूटी हुई पेंटिंग्स और मशीनों को अपने बेडरूम में न रखें। ये चीजें पॉजिटिव एनर्जी को घर में आने से रोकती हैं और अशांति फैलाती हैं। 


हर स्त्री को करनी चाहिए इतनी बार शादी, तभी पूरा होता है उनका जीवन

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आप की शादी से पहले से दुल्हन का स्वामित्व 3 लोगों को सौंपा जाता है। विवाह के समय जब पंडित आपको विवाह का मंत्र पढ़ा रहा होता है तब आप मंत्र का मतलब नहीं समझते हैं। असल में वैदिक परंपरा में नियम है कि स्त्री अपनी इच्छा से चार लोगों को पति बना सकती है। इस नियम को बनाए रखते हुए स्त्री को पतिव्रत की मर्यादा में रखने के लिए विवाह के समय ही स्त्री का संकेतिक विवाह तीन देवताओं से करा दिया जाता है।

4 पतियों से होती है स्त्री की शादी:

इसमें सबसे पहले किसी भी दूल्हन (कन्या) का पहला अधिकार चन्द्रमा को सौंपा जाता है, इसके बाद विश्वावसु नाम के गंधर्व को और तीसरे नंबर पर अग्नि को और अंत में उसके पति को सौंपा जाता है। 

इसी ही वैदिक परंपरा के कारण ही द्रौपदी एक से अधिक पतियों के साथ रही थी। और फिर अंत में आपको दुल्हन का हाथ सोप जाता है।