फ्राइड नहीं, इस बार तरीदार सब्जी के साथ लुत्फ उठाएं बेक्ड 'मटर-कचौड़ी पोटली' का

फ्राइड नहीं, इस बार तरीदार सब्जी के साथ लुत्फ उठाएं बेक्ड 'मटर-कचौड़ी पोटली' का

सामग्री :

1 टीस्पून तेल, 1/2 टीस्पून जीरा, 1 दालचीनी का टुकड़ा, 2 लौंग, 1/2 टीस्पून गरम मसाला, चुटकी भर हल्दी, 2 बारीक कटी हरी मिर्च, 1.5 कप मटर, 1 बारीक कटा प्याज, नमक, 3 टेबलस्पून कटा धनिया, 1 टेबलस्पून बारीक कटे नट्स, 8-10 मैदे की रोटियां या स्प्रिंग रोल शीट्स, 1 टेबलस्पून कॉर्न स्टॉर्च

विधि :

फ्राइंग पैन में तेल, जीरा, दालचीनी, लौंग, गरम मसाला, हल्दी, हरी मिर्च और अदरक-लहसुन मिलाएं। अब इसमें प्याज, मटर और नमक डालकर पकाएं। इस मिश्रण को पीस लें। पिसे हुए मिश्रण को बोल में निकालें। धनिया और नट्स मिलाएं। मैदे की रोटी में स्टफिंग भरें। कॉर्नस्टार्च में पानी मिलाकर स्लरी तैयार करें। इसके किनारे चिपकाकर पोटली बनाएं।
अवन को 190 डिग्री सेल्सियस पर प्रीहीट करें। ऑयल का स्प्रे करें। इसे 20 मिनट तक बेक करें। तैयार हो गईं मटर-कचौड़ी की पोटलियां।
शेफ टिप्स
ऊपर से काली मिर्च पाउडर छिड़कें और इन्हें मेयोनीज़+ केचअप वाली डिप के साथ सर्व करें।
अगर आप नॉन वेजटेरियन हैं तो मटर की जगह चिकेन कीमा से स्टफिंग तैयार करें, वहीं इसमें बारीक कटे नट्स मिलाएं। अगर चाहें तो इसमें मटर मिला सकती हैं। कीमा के साथ मटर का कॉम्बिनेशन स्वादिष्ट लगता है।
अगर करें डीप फ्राई
यहां यह मटर की पोटली को बेक कर बनाया गया है, लेकिन अगर आप इसे डीप फ्राई करेंगी, तब भी यह स्वादिष्ट बनेंगी। अब यह ऑप्शन आप पर निर्भर करता है कि आप इसे बेक करके खाएंगे या फ्राई करके।


अगर आपके विवाह में भी आ रही है परेशानियां तो अपनाएं तुलसी से जुड़ा ये खास उपाय

अगर आपके विवाह में भी आ रही है परेशानियां तो अपनाएं तुलसी से जुड़ा ये खास उपाय

सनातन धर्म में तुलसी का पौधा बहुत पवित्र माना जाता है। इस वृक्ष को लगाने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। इसका उपयोग औषधीय के रूप में भी होता है। बोलते हैं जहां तुलसी के पौधा होता है वहां नकारात्मक एनर्जी नहीं होती है। प्रभु श्री विष्णु की आराधना में तुलसी का उपयोग किया जाता है। इसके बगैर उनकी उपासना अधूरी मानी जाती है। परंपरा है कि नियमित तौर पर तुलसी की आरधना करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। ज्योतिष विद्या के मुताबिक, तुलसी का उपयोग गृह क्लेश, विवाह में देरी, व्यापार में हानि की दिक्कतें से छुटकारा पाने के लिए कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में.....

पूर्ण होगी मनोकामनाएं
ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, एक पीतल के लोटे में 4 से 5 तुलसी की पत्तियां डालकर लगभग 24 घंटे के लिए छोड़ दें। अगले दिन स्नान आदि करने के पश्चात् इस जल को अपने घर के प्रवेश द्वार पर छिड़के दें। इसके अतिरिक्त घर के अन्य भागों में छिड़के इस नकारात्मक एनर्जी दूर हो जाती है। परंपरा है कि इस उपाय को करने से आपकी इच्छाओं को पूरी करने वाली परेशानिया दूर हो जाती है। ध्यान रहे इस काम को करते वक़्त आपको कोई देखें और कोई टोके नहीं। इससे उपाय प्रभावहीन हो जाता है।

कन्या विवाह के लिए
यदि किसी लड़की की शादी में देरी हो रही हो या उसे मनचाहा साथी नहीं मिल रहा हो तो उस लड़की को प्रतिदिन तुलसी के पौधे में पानी डालना चाहिए अपनी कामना बोलनी चाहिए। मान्यता है कि इस उपाय को करने से शादी के योग बनते हैं।

व्यापार में तरक्की
कारोबार करने वाला मनुष्य चाहता है कि उसका काम अधिक से अधिक बढ़ें। सभी लोग जानते हैं कि कारोबार में अधिक और हानि दोनों चीजें होती रहती है। यदि कारोबार में हो रही हानि से परेशान है तो प्रत्येक शुक्रवार को स्नान करके तुलसी में कच्चा दूध चढ़ाएं। इसके अतिरिक्त किसी मिष्ठान का भोग लगाएं तथा बचे हुए प्रसाद को सुहागिन स्त्री को दान कर दें। कहा जाता है आहिस्ता-आहिस्ता कारोबार की हानि कम होने लगती है।

वास्तुदोष दूर करें
वास्तुदोष के कारण आपके काम बिगड़ने लगते हैं। वास्तुशास्त्र के मुताबिक, तुलसी सकारात्मक उर्जा देने का काम करता है। यदि आप वास्तुदोष की दिक्कतों से गुजर रहे हैं तो घर के दक्षिण पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाएं तथा उसके नियमित रूप से जल दें तथा घी का दीप जलाएं। इस उपाय को करने से घर में नकारात्मक उर्जा दूर हो जाएगी तथा गृह-क्लेश से भी छुटकारा प्राप्त होगा। इससे घर में सुख- समृद्धि बनी रहती हैं।