आम रोटी को खास बनाने के लिए उसमें लगाएं बेसन और मसाले का तड़का

आम रोटी को खास बनाने के लिए उसमें लगाएं बेसन और मसाले का तड़का

सामग्री :

बेसन- 200 ग्राम, आटा- 200 ग्राम, नमक- स्वादानुसार, लाल मिर्च पाउडर- 1 टीस्पून, हल्दी पाउडर- 1 टीस्पून, अमचूर पाउडर- 1/2 टीस्पून, धनिया पाउडर- 1/2 टीस्पून, तेल-आवश्यकतानुसार

विधि :

आटा गूंथने वाले बर्तन में तेल और पानी को छोड़कर सारी चीज़ें अच्छे से मिक्स कर लें।
फिर धीरे-धीरे पानी डालते हुए आटा गूंथे। 5 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें जिससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाए।
5 मिनट बाद इसकी छोटी-छोटी लोई बना लें।
तवा गर्म होने के लिए रख दें।
पराठे को बेलकर रख लें। फिर एक के बाद एक करके इसे सेंकते जाएं।
पराठा बहुत ज्यादा जलाएं नहीं वरना इसका स्वाद बिगड़ जाता है।
तो एक साइड जैसे ही हल्का पक जाए तुरंत पलट दें। फिर घी, तेल या मक्खन जो आपको पसंद हो उसे लगाकर सुनहरा होने तक सेंक लें।
चम्मच की मदद से पराठे को तवे पर थोड़ा प्रेस करें जिससे अंदर से और किनारों से वो कच्चा न रह जाए।
बनने के बाद इसे दही, चटनी या अचार जो मौजूद हो और पसंद हो उसके साथ परोसें।


भारत के दो और beaches को मिला ब्लू फ्लैग, दुनिया के सबसे साफ-सुथरे बीच की लिस्ट में हुए शामिल

भारत के दो और beaches को मिला ब्लू फ्लैग, दुनिया के सबसे साफ-सुथरे बीच की लिस्ट में हुए शामिल

'ब्लू फ्लैग' दुनिया का बहुत ही खास और मान्यता प्राप्त स्वैच्छिक इको लेबल अवॉर्ड है, जो समुद्री तटों, मरीना बीच और सस्टेनेबल बोटिंग टूरिज्म ऑपरेटर्स को दिया जाता है। अब तक भारत में 8 समुद्री तटों को यह फ्लैग मिला था लेकिन हाल ही में इसमें दो और बीच शामिल हो गए हैं जो गर्व की बात है। तमिलनाडु के कोवलम और पुडुचेरी के ईडन समुद्र तट को ‘ब्लू फ्लैग’ दिया गया है। इसकी जानकारी ट्विटर के जरिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री, भूपेंद्र यादव ने साझा की है। 


पहले से शामिल 8 ब्लू फ्लैग Beahes

1. शिवराजपुर-गुजरात,

2. घोघला-दीव,

3. कासरकोड, कर्नाटक

4. कप्पड-केरल

6. रुशिकोंडा- आंध्र प्रदेश,

6. गोल्डन-ओडिशा

7. राधानगर- अंडमान और निकोबार

8. पदुबिद्री-कर्नाटक

इस देश के पास है सबसे ज्यादा ब्लू फ्लैग

ब्लू फ्लैग लिस्ट के हिसाब से फिलहाल स्पेन के पास दुनिया में सबसे ज्यादा 566 समुद्री तट हैं जो एकदम साफ-सुथरे हैं, जबकि ग्रीस के 515 और फ्रांस के 395 तट इसमें शामिल हैं। जहां प्रदूषण का स्तर तो कम है ही साथ ही नहाने के पानी की गुणवत्ता, पर्यावरण प्रबंधन और समुद्र तटों पर संरक्षण, सुरक्षा एवं सेवा भी बहुत बेहतर है।


एफईई देता है यह अवॉर्ड

समुद्री तटों को स्वच्छ और जीवों के अनुकूल बनाने की मुहिम चलाने वाली संस्था FEE (Foundation for Environmental Education) देशों के तटों को स्वच्छता के आधार पर चुनकर ब्लू फ्लैग देती है। यह एक गैर-सरकारी संस्था है, जिसके 60 सदस्य देश हैं। समुद्र तटों को पर्यावरण हितैषी बनाने के लिए ब्लू फ्लैग कार्यक्रम को फ्रांस के पेरिस से शुरू किया गया था।


तो घूमने-फिरने के हिसाब से तो ये बीचेज़ अच्छे हैं ही साथ में यहां पर्यावरण संरक्षण का भी खासतौर से ध्यान रखा जाता है।