सिंह और धनु का भाग्य देगा साथ, राशिफल से जानें बाकी का हाल

सिंह और धनु का भाग्य देगा साथ, राशिफल से जानें बाकी का हाल

शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की आराधना करें। आज की तिथि -द्वितीया,नक्षत्र-धनिष्ठा, पक्ष – शुक्ल योग–सिद्धी, वार-शुक्रवार,सूर्योदय – 07:14:21, सूर्यास्त – 18:00, राहु काल – 11:12 − 12:30 तक। 15 जनवरी किसी योजना को लेकर प्रयास करेंगे तो सफलता मिलने के योग बनेंगे। बिजनेस में लाभ मिलेगा।जानिए कैसा रहेगा 12 राशियों के लिए शुक्रवार।  

मेष 15 जनवरी के दिन शुक्रवार को जातक द्वारा किए गए प्रयासों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। किसी यात्रा पर जा सकते हैं। दोस्तों से खूब पटेगा। आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा।नौकरी व बिजनेस में  परिणाम मन के अनुसार नहीं मिलने से  आप परेशान रहेंगे।

वृष 15 जनवरी के दिन शुक्रवार को जातक के लिए मंगलकारी है। धन लाभ होगा। ऑफिस में भी काम को पसंद किया जाएगा। परिवार के साथ अच्छा दिन बीत सकता है। किसी योजना को लेकर प्रयास करेंगे तो सफलता मिलने के योग बनेंगे। बिजनेस में लाभ मिलेगा।

मिथुन 15 जनवरी के दिन शुक्रवार को जातक  सोच–समझकर बोले। कुछ नयी योजनाएं बनेगी। ऑफिस व बिजनेस में सतर्क रहें। कहीं से सरप्राइज गिफ्ट मिलेगा। परिवार व जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बीतेगा। मन प्रसन्न रहेगा। बच्चों का प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलने से आपका मन प्रसन्न रहेगा। समाज में सम्मान मिलने से आज के दिन प्रसन्न रहेंगे।

कर्क 15 जनवरी के दिन शुक्रवार को जातक के लिए शुभ है। कुछ जातकों को नौकरी मिलेगी। उनके लिए यह समय मौज- मस्ती व पार्टी का है। निवेश सोच-विचार कर करें, अच्छा परिणाम मिलेगा। स्वास्थ संबंधी परेशानी रहेगी। ससुराल में आपका विवाद हो सकता है। पढ़ाई में परिणाम अच्छे नहीं आने से मन खिन्न रहेंगे।

 
सिंह से वृश्चिक तक..
सिंह 15 जनवरी के दिन शुक्रवार को जातक के लिए सामान्य रहने वाला है। धन को लेकर सजग और सक्रिय रहेंगे तो इसका फायदा भविष्य में मिलेगा। परिवार में किसी बात को लेकर तनाव होगा। सेहत को लेकर सावधान रहें। ऑफिस में आपके खिलाफ सब रहेंगे। फिर भी बॉस के आप प्रिय रहेंगे। क्योंकि मेहनती लोगों की सदैव पुछ रहती है।

कन्या 15 जनवरी के दिन शुक्रवार को जातक के लिए अच्छा रहने वाला है। जो भी कार्य करेंगे, उन कामों में आपको सफलता मिलेगी। अनावश्यक क्रोध नहीं करना चाहिए। क्रोध पर नियंत्रण रखेंगे तो आपका हित होगा। अनावश्यक खर्चों से भी बचने की जरूरत है। परिवार को समय देंगे तो उनके भविष्य के लिए अच्छा रहेगा।

तुला 15 जनवरी के दिन शुक्रवार को जातक के लिए उदासी लेकर आने वाला है। परिवार के साथ भी मिला जुला दिन रहने वाला है। शादीशुदा जातक की आपस में नहीं बनने वाला है। वाद-विवाद से दूर रहे। जहां तक हो सकें, अनावश्यक बातों में न पड़ें। धैर्य से काम लेकर उसका निराकरण करेंगे तो अच्छा रहेगा। बच्चों की परवरिश में संभलकर कदम उठाएं।

वृश्चिक 15 जनवरी के दिन शुक्रवार को जातक के लिए शुभफलदायी है। कोई खास है जो आपसे आज मिलने आ सकता है। परिवार व जीवन साथी के साथ सहयोग पूर्ण रवैया रखेंगे। धन के लिए अच्छा रहेगा। सेहत खराब रह सकता है।  मां के सेहत का ख्याल रखें। बच्चों व दोस्तों के साथ मनोरंजन करेंगे।

 धनु 15 जनवरी के दिन शुक्रवार को जातक  का भाग्य जातक का साथ देगा। जो भी प्रयास करेंगे, उसके अच्छे परिणाम मिलेंगे। रुके हुए कार्य बनेंगे। आज पूरे दिन उत्साह से भरे रहेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। ऑफिस में भी अच्छा महसूस करेंगे। वाद-विवाद से दूर रहें। वाणी पर संयम रखें।

मकर 15 जनवरी के दिन शुक्रवार को जातक का बहुत अच्छा नहीं रहने वाला है, इसलिए सावधान रहें। धन के मामले में सावधानी बरतें। कोई परेशानी अचानक से आ सकती है। कुछ लोग उत्साह को कम करने का प्रयास करेंगे। लेकिन अच्छे कर्म करेंगे तो सफलता मिलेगी। परिवार के साथ सामान्य दिन रहेगा। नौकरी में जातक के काम से अधिकारी प्रसन्न रहेंगे।

कुंभ 15 जनवरी के दिन शुक्रवार को जातक के लिए शुभ है। प्रयास सफल होंगे। जिन कामों को लेकर आप लम्बे समय से प्रयासरत है, वह काम बनते नजर आएंगे। इससे उत्साह बढ़ेगा।। मन में सकारात्मक भाव रहने से बच्चों को सही मार्गदर्शन करेंगे। परिवार व जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बितेगा।

मीन 15 जनवरी के दिन शुक्रवार को जातक बहुत अच्छा रहेगा। आर्थिक लाभ होने का योग नजर आएगा।। नौकरी के लिए अगर कोई प्रयास करेंगे तो सफलता मिलने के योग है। परिवार के साथ भी अच्छा समय बीतेगा। परिवार व पत्नी का सहयोग मिलेगा। सेहत भी अनुकूल रहेगा।  जातक भावनाओं पर काबू रखें।


बस इन नियमों का करना होगा पालन, सूर्य देव को अर्घ्य देने से बन जाते हैं कैसे भी बिगड़े काम

बस इन नियमों का करना होगा पालन, सूर्य देव को अर्घ्य देने से बन जाते हैं कैसे भी बिगड़े काम

सनातन धर्म में जहां सूर्य देव को आदि पंच देवों में से कलयुग का एकमात्र दृश्य देवता माना जाता है. वहीं ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा माना गया है. वैदिक ज्योतिष के मुताबिक सूर्य को तारों का जनक माना जाता है.

वहीं जन्म कुंडली के शोध में सूर्य की अहम किरदार होती है. ज्योतिष के मुताबिक सूर्य कभी वक्री गति नहीं करते. विभिन्न राशियों में सूर्य की चाल के आधार पर ही हिन्दू पंचांग की गणना संभव है. राशिचक्र में 12 राशियां होती हैं. अतः राशिचक्र को पूरा करने में सूर्य को एक साल लगता है.

दरअसल सनातन संस्कृति में सूर्य को महज़ एक प्रकाश देने का प्राकृतिक स्रोत ही नहीं समझा जाता है, बल्कि इसे देवताओं की श्रेणी में रखा गया है. इसलिए हिन्दू संस्कृति में सदा से सूर्य देव की पूजा का विधान रहा है.

सूर्य न केवल अंधकार का नाशक है, बल्कि इसके प्रकाश में कई ऐसे तत्व भी हैं, जिनसे हमें रोग दोषों से मुक्ति मिलती है. शास्त्रों में सूर्य देव से प्राप्त होने वाली शक्तियों को हमारे धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों में भी विस्तार से बताया गया है.

सूर्य के चिकित्सीय और आध्यात्मिक फायदा को पाने के लिए लोग प्रातः उठकर सूर्य नमस्ते करते हैं. हिन्दू पंचांग के मुताबिक रविवार का दिन सूर्य ग्रह के लिए समर्पित है जो कि हफ्ते का एक जरूरी दिन माना जाता है.

सूर्य देव की कृपा पाने के लिए लोग सुबह-सुबह उठकर उन्हें अर्घ्य देते हैं. शास्त्रों में सूर्य के अर्घ्य को बहुत ज्यादा जरूरी माना गया है. मान्यता के मुताबिक ऐसा करने से जहां एक ओर आदमी का समाज में मान-सम्मान भी बढ़ने लगता है.

वहीं दूसरी ओर कुंडली में सूर्य से संबंधित गुनाह दूर होने लगते हैं. लेकिन कई बार लोग अर्घ्य देते हुए ऐसी गलतियां कर जाते हैं जिस वजह से उन्हें इसका फल मिल ही नहीं पाता है. ऐसे में आज हम आपको उन प्रमुख गलतियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें करने से सूर्य देवता नाराज हो जाते हैं

भूलकर भी ना करें गलतियां

केवल जल अर्पित ना करें
जब भी सूर्य देव की पूजा करें तो उन्हें लाल फूल, गुड़हल का फूल और चावल अर्पित जरूर करें और मीठे का भोग लगाएं. खाली जल भूलकर भी सूर्य देव को अर्पित नहीं करना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से भगवान रुष्ट हो जाते हैं. इसलिए जल के साथ पुष्प या अक्षत जरूर रखें. चाहें तो जल में रोली, चंदन या लाल फूल भी डाल सकते हैं.

पैरों में ना पड़े जल
सूर्य को अर्घ्य लोटे से दें, लेकिन ध्यान रहे कि, जल सीधे आपके पैरों पर ना पड़े. इसका कारण ये माना जाता है कि जो आदमी सूर्य को जल देते हुए अपने पैरों में ही जल डालने लगता है, उसे सूर्य देव का आशीर्वाद नहीं मिलता.

किस समय दें जल
वैसे तो नियमित रूप से सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए, लेकिन रविवार का दिन इसके लिए सबसे उत्तम माना गया है. तभी तो जो रोज भी सूर्य को जल देना चाहते हैं, उन्हें भी इसकी आरंभ रविवार से ही करने की सलाह दी जाती है. लेकिन ध्यान रखें कि सूर्य को ब्रह्म मुहूर्त में ही जल अर्पित करने से सबसे अधिक फायदा मिलता है. इसलिए प्रातः स्नान आदि कर साफ स्वच्छ कपड़ा धारण कर ही सूर्य को जल चढ़ाएं.

ऐसे दें अर्घ्य
सूर्य को अर्घ्य देते हुए तांबे के लोटे का उपयोग करें और पात्र को अपने दोनों हाथों से पकड़े. उसके बाद सिर के ऊपर से चढ़ाएं. ऐसा करने से सूर्य की किरणें पानी के बीच से होती हुईं सीधे शरीर पर पड़ती हैं.

दिशा का रखें ध्यान
जल तो कई लोग चढ़ाते हैं, लेकिन कुछ लोग कई बार गलत दिशा में जल चढ़ा देते हैं. जिसे अनुचित माना गया है, इसलिए सूर्य को जब भी अर्घ्य दें तो ध्यान रखें कि, आपका मुख पूर्व दिशा की तरफ हो.

अगर कभी सूर्य देव बेकार मौसम की वजह से नजर नहीं आ रहे हैं, तो भी पूर्व दिशा की तरफ मुख करके जल अर्पित करें. जल चढ़ाते हुए ध्यान रखें कि, सूर्य की किरणें जल की धार के बीच से जरूर नजर आएं.

सूर्य देव की आरती
ऊँ जय सूर्य भगवान,
जय हो दिनकर भगवान .
जगत् के नेत्र स्वरूपा,
तुम हो त्रिगुण स्वरूपा .
धरत सब ही तव ध्यान,
ऊँ जय सूर्य भगवान ॥
॥ ऊँ जय सूर्य भगवान  

सारथी अरूण हैं प्रभु तुम,
श्वेत कमलधारी .
तुम चार भुजाधारी ॥
अश्व हैं सात तुम्हारे,
कोटी किरण पसारे .
तुम हो देव महान ॥
॥ ऊँ जय सूर्य भगवान  

ऊषाकाल में जब तुम,
उदयाचल आते .
सब तब दर्शन पाते ॥
फैलाते उजियारा,
जागता तब जग सारा .
करे सब तब गुणगान ॥
॥ ऊँ जय सूर्य भगवान  

संध्या में भुवनेश्वर,
अस्ताचल जाते .
गोधन तब घर आते॥
गोधुली बेला में,
हर घर हर आंगन में .
हो तव महिमा गान ॥
॥ ऊँ जय सूर्य भगवान  

देव दनुज नर नारी,
ऋषि मुनिवर भजते .
आदित्य दिल जपते ॥
स्त्रोत ये मंगलकारी,
इसकी है रचना न्यारी .
दे नव जीवनदान ॥
॥ ऊँ जय सूर्य भगवान  

तुम हो त्रिकाल रचियता,
तुम जग के आधार .
महिमा तब अपरम्पार ॥
प्राणों का सिंचन करके,
भक्तों को अपने देते .
बल बृद्धि और ज्ञान ॥
॥ ऊँ जय सूर्य भगवान  

भूचर जल चर खेचर,
सब के हो प्राण तुम्हीं .
सब जीवों के प्राण तुम्हीं ॥
वेद पुराण बखाने,
धर्म सभी तुम्हें माने .
तुम ही सर्व शक्तिमान ॥
॥ ऊँ जय सूर्य भगवान  

पूजन करती दिशाएं,
पूजे दश दिक्पाल .
तुम भुवनों के प्रतिपाल ॥
ऋतुएं तुम्हारी दासी,
तुम शाश्वत अविनाशी .
शुभकारी अंशुमान ॥
॥ ऊँ जय सूर्य भगवान  

ऊँ जय सूर्य भगवान,
जय हो दिनकर भगवान .
जगत के नेत्र रूवरूपा,
तुम हो त्रिगुण स्वरूपा ॥
धरत सब ही तव ध्यान,
ऊँ जय सूर्य भगवान ॥


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