हाई-प्रोफाइल सेक्स-रैकेट को लेकर उत्तराखंड पुलिस की तलाश अभी भी है अधूरी

हाई-प्रोफाइल सेक्स-रैकेट को लेकर उत्तराखंड पुलिस की तलाश अभी भी है अधूरी

देहरादून में दबोचे गए हाई-प्रोफाइल सेक्स-रैकेट को लेकर उत्तराखंड पुलिस की तलाश अभी भी अधूरी ही है. शायद यही वजह है कि देहरादून स्थित थाना राजपुर की पुलिस राष्ट्रीय राजधानी में उपस्थित कुछ हाई-प्रोफाइल सेक्स-रैकेट सरगनाओं तक पहुंचने के लिए अभी तक खाक छान रही है, वो भी दिल्ली पुलिस को कोई भनक लगवाए बिना ही.

सूत्रों के मुताबिक बुधवार की रात भी उत्तराखंड पुलिस के कुछ जवान सादा कपड़ों में दिल्ली व उससे जुड़े उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा के कुछ इलाकों में घूमते नजर आये. सूत्र बताते है कि कुछ दिन पहले ही देहरादून पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल सेक्स स्कैंडल का भंडाफोड़ किया था. इस सिलसिले में राजपुर थाने में आपराधिक मुद्दा दर्ज करके कई लड़कियों को उनके दलालों के साथ पकड़ा गया था.

उस भंडाफोड़ के दौरान लड़कियों व उनके दलालों ने जो कुछ उगला उसने देश की राजधानी दिल्ली के कई इलाकों के शक में ला खड़ा किया. पकड़ी गईं हाईप्रोफाइल कॉलगर्ल्स में से कुछ दिल्ली की रहने वाली थीं. यह लड़कियां दलालों के जरिए 10 से 20 हजार प्रति रात्रि के रेट पर दिल्ली से देहरादून के कुछ होटल-गेस्ट हाउसों में सप्लाई की जाती थीं.

देहरादून के राजपुर थाना सूत्रों के मुताबिक, “लड़कियों व उनके दलालों से जो जानकारियां हासिल हुई, उससे कोई बड़ी बात नहीं कि धंधे में दिल्ली व उत्तराखंड के कुछ सफेदपोश भी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रुप से शामिल हों. इस काले-कारोबार में शामिल सफेदपोशों के 'कॉलर' तक पहुंचना देहरादून पुलिस का इसलिए भी व जरुरी है, ताकि इस सिंडीकेट को जड़ से तहस-नहस किया जा सके.”

देहरादून पुलिस को जैसे ही दिल्ली की कॉलगर्ल्स हाथ आईं, जाँच की दिशा राष्ट्रीय राजधानी की ओर तभी मुड़ गई थी. मुद्दा चूंकि उस वक्त मीडिया में बहुत ज्यादा उछल चुका था. इसके चलते उत्तराखंड पुलिस ने उन दिनों दिल्ली में आकर हाथ डालने का जोखिम लेना अच्छा नहीं समझा.

देहरादून थाने के एक पुलिस सूत्र ने नाम न खोलने की शर्त पर बताया, “दिल्ली में व इस गिरोह से जुड़े कुछ व दलाल और लड़कियां हाथ लग जाएं तो जाँच आगे तक बढ़ सकती है. कोई बड़ी बात नहीं है कि इस काले-कारोबार को बढ़वाने में कुछ रहीसजादे व सफेदपोश भी शामिल निकल आयें.”

दिल्ली में इस गिरोह से जुड़े लोगों की गर्दन तक पहुंचने के लिए दिल्ली पुलिस की मदद क्यों नहीं ली? इस सवाल के जबाब में देहरादून पुलिस के एक ऑफिसर ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया, “अभी सिर्फ ऐसे लोगों के तार जोड़ने की कोशिशें जारी हैं. दिल्ली में या फिर उससे सटे उत्तर प्रदेश व हरियाणा के शहरों में कुछ ठोस मिलेगा व छापा मारकर किसी की गिरफ्तारी की जरुरत महसूस हुई, तब लोकल पुलिस की मदद लेने पर विचार किया जायेगा.”

उल्लेखनीय है कि, देहरादून की राजपुर थाना पुलिस द्वारा किए गये हाईप्रोफाइल गिरोह के भंडाफोड़ का खुलासा देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया था. देहरादून पुलिस ने उस समय बताया था कि, इस गिरोह में कुछ टैक्सी चालक भी जुड़े हुए हैं जबकि पूछताछ में पकड़ी गई लड़कियों ने जो अपने एक रात के रेट बताए थे उसे सुनकर उत्तराखंड पुलिस के होश उड़ गए.

एक रात की एक लड़की की मूल्य 1० से 2० हजार सुनते ही पुलिस ताड़ गई कि, हो न हो इस सेक्स-रैकेट के पीछे कोई न कोई 'बड़ा' हाथ जरुर होगा. तभी दिल्ली की लड़कियों को कीमती कारों में विशेष-आर्डर पर देहरादून तक लाया जा रहा है. वैसे मुद्दे के भंडाफोड़ के बाद से ही देहरादून पुलिस उस 'बड़े-हाथ' की तलाश में देहरादून से दिल्ली तक मैराथन दौड़ में जुटी है ताकि इस काले कारोबार के पीछे उपस्थित सफेद-कॉलर वाले संदिग्धों को सामने लाया जा सके.