एम्स की यह लापरवाही साबित हो सकती है खतरनाक, ब्लॉक में लगे हुए ...

एम्स की यह लापरवाही साबित हो सकती है खतरनाक, ब्लॉक में लगे हुए ...

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कुछ ब्लॉक में आग बुझाने वाले एक्सपायरी डेट के फायर सिलेंडर लगे हुए हैं. कुछ सिलेंडर 2018 में ही एक्सपायर हो चुके हैं. यह लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है.

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आग बुझाने वाले सिलेंडर आग लगने के दौरान सबसे जरूरी होते हैं. एम्स के कन्वर्जेंस ब्लॉक में ऐसे आग बुझाने वाले ऐसे ही कुछ सिलेंडर लगे हुए हैं. बताते चलें कि मार्च माह में एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भीषण आग लगी थी. आग ट्रॉमा सेंटर की पहली मंजिल स्थित ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में आग लगी थी. इससे एम्स के ट्रॉमा सेंटर में कई महीने तक ऑपरेशन नहीं किया जा सका था. इस दौरान एम्स ने दावा किया था कि वह जल्द ही फायर सेफ्टी को लेकर स्टेशन बनाएंगे. अब एम्स ने इस बार नयी योजना तैयार की है.

फायर स्टेशन बनाने की बनाई है योजना

एम्स ने आग पर तत्काल काबू पाने के लिए अपना फायर स्टेशन बनाने वाला है. इसके लिए फायर टेंडर जारी करने की योजना बनाई गई है. योजना के तहत अस्पताल में एक फायर स्टेशन बनाया जाएगा जहां दिल्ली फायर सेवा के पहुंचने तक स्थिति को नियंत्रित करने के सभी महत्वपूर्ण उपकरण व तरीका होंगे. ताज्जुब है कि फायर स्टेशन बनाने चला एम्स फायर सिलेंडर नहीं बदल पा रहा.

लैब जल जाने से जाँच प्रभावित रहीं

एम्स में आग की वजह से प्रयोगशाला जल जाने की वजह से मंगलवार को भी मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा. हालांकि प्रशासन ने व्यवस्था को पटरी पर लाने तके लिए माइक्रोबायोलॉजी लैब, पैथोलॉजी समेत कई प्रयोगशाला प्रभावित होने से इन्हें एनेटॉमी व कंवर्जेंस ब्लॉक में स्थानांतरित करना प्रारम्भ कर दिया है. यहां जाचें प्रारम्भ भी हो गई हैं.फिर भी स्थिति सामान्य होने में थोड़ा वक्त लग सकता है.