करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को मिली पाक सरकार से यह बड़ी सौगात, जाने

करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को मिली पाक सरकार से यह बड़ी सौगात, जाने

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को साफ किया कि करतारपुर गुरुद्धारे आने वाले श्रद्धालुओं को पासपोर्ट लाने से छूट दी गई है व वे अगले एक वर्ष तक बिना पासपोर्ट करतारपुर यात्रा कर सकेंगे। मंत्रालय ने बोला है कि पाक ने बाबा गुरु नानक के 550वें प्रकाशोत्सव के मौका पर श्रद्धालुओं के लिए सद्भावना के तहत यह निर्णय किया है।

गौरतलब है कि इससे पहले पाक के पीएम इमरान खान ने बोला था कि इस वर्ष 12 नवंबर को मनाए जाने वाले बाबा गुरु नानक के प्रकाशोत्सव के मौका पर करतारपुर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट की बाध्यता नहीं होगी। लेकिन, इसके बाद सेना के प्रवक्ता ने यह बयान दिया कि करतारपुर आने वाले श्रद्धालुओं को अपने साथ पासपोर्ट लाना होगा।

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डाक्टर मुहम्मद फैसल ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बोला कि इस वर्ष करतारपुर गलियारे के उद्घाटन के मौका पर यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट साथ लाने की बाध्यता नहीं होगी, साथ ही यात्रियों को सारे एक वर्ष तक इससे छूट दी जाएगी।

पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा के प्रमुख मेजर जनरल आसिफ गफूर ने बोला था कि करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से पाक के पंजाब प्रांत स्थित करतारपुर गुरुद्वारे आने वाले भारतीय यात्रियों के पास पासपोर्ट होना जरूरी होगा। उन्होंने बोला था कि सुरक्षा के लिहाज से यह महत्वपूर्ण है। सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।

गफूर के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर फैसल ने कहा, "यह (करतारपुर यात्रियों के लिए पासपोर्ट एक वर्ष तक जरूरी नहीं होना) विदेश मंत्रालय की आधिकारिक अवस्थिति है। आईएसपीआर का बयान भी इससे अलग नहीं है। "

प्रवक्ता ने बोला कि करतारपुर गलियारे के उद्घाटन के बाद नौ व दस नवंबर को श्रद्धालुओं से बीस डॉलर का सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने बोला कि पाक के सद्भावना के कदमों के तहत दस दिन पहले यात्रा के लिए सूचित किए जाने की आवश्यकता को भी खत्म किया गया है।

उन्होंने बोला कि भारतीय राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू को करतारपुर की यात्रा के लिए पाक ने वीजा जारी कर दिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बोला कि पाक सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की इच्छुक है। उन्होंने बोला कि पाक सदियों से प्राचीन सभ्यताओं का केन्द्र रहा है। देश में उपस्थित हिंदू व बौद्ध स्थलों को विकसित करने पर अब जोर दिया जाएगा।

उन्होंने इस बात को गलत बताया कि पाक करतारपुर कॉरिडोर के जरिए खालिस्तान आंदोलन को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा, "हमारी नीति में ऐसी कोई नकारात्मकता नहीं है। "

उन्होंने बोला कि करतारपुर गलियारा परियोजना पूरी तरह से पीएम इमरान खान की पहल है जिसे 'काफी हिचकिचाहट के बाद हिंदुस्तान ने मंजूर किया। '

यह पूछे जाने पर कि क्या पाक कारगिल व लद्दाख के सीमावर्ती इलाकों में भी परिवारों को मिलने-जुलने देने के लिए ऐसे ही गलियारे खोलेगा, फैसल ने बोला कि 'पाकिस्तान को इसमें कोई असहमति नहीं है लेकिन विचार विमर्श के प्रति हिंदुस्तान की हिचकिचाहट एक बड़ी बाधा है। '