टाटा मोटर्स अपनी suv Tata Hexa को अगले वर्ष से करेगा बंद, जाने क्या है आधिकारिक बयान

 टाटा मोटर्स अपनी suv Tata Hexa को अगले वर्ष से करेगा बंद, जाने क्या है आधिकारिक बयान

अभी कुछ दिनों पहले मीडिया में समाचार तेज से फैल रही थी कि टाटा मोटर्स अपनी suv Tata Hexa को अगले वर्ष यानि 2020 से बंद कर देगा. दरअसल बताया जा रहा था कि कंपनी अपनी suv Tata Hexa को BS-VI के इंजन से अपग्रेड नहीं करेगा यही वजह है कि इसके प्रो़डक्शन बंद होने व इसकी स्थान टाटा हैरियर के 7 सीटर वेरिएंट के बाजार में लॉन्च होने की खबरों ने जोर पकड़ लिया था । इस समाचार की वजह से hexa के मालिकों बहुत ज्यादा परेशान हो गए थे, लेकिन अब टाटा मोटर्स ने इस बारे में आधिकारिक बयान जारी करते हुए इस समाचार को कोरी अफ़वाह बताते हुए hexa का प्रोडक्शन जारी रहने की बात कही है.

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क्या है आधिकारिक बयान-

“Hexa, टाटा मोटर्स की बेहतरीन इंजीनियरिंग व स्टाइलिंग कैपासिटी को दिखाता हुआ प्रोडक्ट है. टाटा हेक्सा के मालिकों का इस कार के प्रति जुनून हमारे लिए अमूल्य है क्योंकि ये इस कार की परफार्मेंस को बयान करता है. '

कंपनी ने आगे बोला है कि हाल के दिनों में tata hexa के प्रोडक्शन बंद होने से संबंधित जो भी खबरें मीडिया में आई हैं वो पूरी तरह से कयासों पर आधारित हैं, टाटा मोटर्स ने इस suv के बंद होने से जुड़ा कोई भी बयान नहीं दिया है. इसके साथ ही कंपनी ने बोला है कि हमारे लिए हर hexa कस्टमर जरूरी है. हम परिवार की तरह है व ये भाईचारा आगे बढ़ाने की उम्मीद करते हैं.

Tata Buzzard का आना है तय-

टाटा मोटर्स भले ही hexa के बंद होने से इंकार कर रहा है लेकिन बड़ी बात तो ये है कि आने वाले महीनों में tata Buzzard ( हैरियर का 7सीटर वर्जन) बाजार में आने वाला है व ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि टाटा अपनी 3 suv पोर्टफोलियो की कारों को कैसे बेचता है. व ध्यान देने वाली बात ये है कि कंपनी के आधिकारिक बयान में tata hexa जो कि 2.2-liter 4 सिलंडर टर्बो चार्ज्ड डीजल इंजन से लैस है इसे bs-vi इंजन से लैस करने की बात नहीं कही गई है.

इस वजह से कंपनियां नहीं देती है आधिकारिक बयान-

खैर यहां ध्यान देने वाली बात ये भी है कि कंपनियां कभी भी किसी प्रोडक्ट को बंद करने से पहले आधिकारिक बयान नहीं देता है व टाटा की ही sumo व Nano इस बात के उदाहरण है.दरअसल कंपनियां हमेशा किसी भी कार को बंद करने से इंकार करती हैं ताकि उस कार का स्टॉक बेचने में मदद मिलती रहे.