अब कर्ज न चुकाने वाले लोगों की नही खैर आयकर विभाग ने कर्जदारों के सारे बैंक खातों व संपत्तियों बनाई सूची

अब कर्ज न चुकाने वाले लोगों की नही खैर आयकर विभाग ने कर्जदारों के सारे बैंक खातों व संपत्तियों बनाई सूची

आयकर विभाग ने कर्जदारों के सारे बैंक खातों व संपत्तियों की सूची बैंकों से साझा करने की तैयारी प्रारम्भ कर दी है. इससे जानबूझकर लोन न चुकाना आपको महंगा पड़ सकता है.

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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इनकम टैक्स विभाग को लोन न चुकाने वाले ऐसे डिफॉल्टरों की संपत्तियों व खातों का ब्योरा बैंकों से साझा करने को बोलाहै. दरअसल, लोन न चुकाने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकारी बैंकों ने इस बारे में सीबीडीटी से आग्रह किया था. इस कदम का मकसद ऐसी कर्जदारों के विरूद्ध घेरा कसना व उनसे जनता के पैसे की वसूली करना है. सीबीडीटी के नए आदेश के अनुसार, कर विभाग किसी आयकरदाता के इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) से यह ब्योरा निकालेगा.

आयकर विभाग के लिए नीतियां बनाने वाले सीबीडीटी ने बुधवार को अपने सभी फील्ड कार्यालयों को इस बारे में आदेश दिया. सीबीडीटी ने बोला है कि उसे सरकारी बैंकों की ओर से लोन न चुकाकर बच रहे कर्जदारों की ऐसी संपत्तियों व बैंक खातों की सूचना देने के आग्रह मिले हैं. लिहाजा बैंकों से ऐसे डिफॉल्टरों की अचल संपत्तियों का ब्योरा मांगा है, जिससे वसूली आगे बढ़ाई जा सके. सीबीडीटी का मानना है कि लोन चूककर्ताओं की संपत्तियों का ब्योरा सरकारी बैंकों को साझा किया जाना चाहिए ताकि वे उनसे लोन की वसूली कर सकें. बैंकों का फंसा लोन कुल बांटे गए कर्ज़ का दस प्रतिशत है.

ऐसे कर्जदारों के बैंक खातों, गारंटरों व गिरवी रखी संपत्तियों का ब्योरा साझा किया जाए. सूचना साझा करने से पहले ऐसे लोन चूककर्ताओं के बकाया कर का भी ध्यान रखा जाएगा. डिफॉल्टर की चल या अचल संपत्ति की बिक्री से प्राप्त रकम के प्रयोग से पहले बैंक इनकम टैक्स ऑफिसर से एनओसी लेंगे.