लखनऊ : बेटी के प्रेमी ने पहले घरवालों का लिया लोकेशन व फिर ऐसे रची हत्या की साजिश

लखनऊ :  बेटी के प्रेमी ने पहले घरवालों का लिया लोकेशन व फिर ऐसे रची हत्या की साजिश

लखनऊ में गुडंबा के सीमांतनगर निवासी बिजली ठेकेदार वीरेंद्र वर्मा की पत्नी किरण वर्मा (45) की शनिवार को मर्डर उसकी बेटी के प्रेमी ने की थी. पुलिस ने मंगलवार को इसका खुलासा किया. पुलिस ने आरोपी को अरैस्ट कर लिया है. उसने मर्डर की बात कुबूल की है.

पुलिस ने मर्डर में प्रयोग चाकू, बाइक, हेलमेट व जूता बरामद किया है. पुलिस को आरोपी ने बताया कि बेटी के साथ उसकी आपत्तिजनक फोटो व वीडियो दिखाकर महिला रकम वसूल रही थी. इससे तंग आकर उसने मर्डर की थी. मर्डर के वक्त महिला घर पर अकेली थी.

बेटे के मुताबिक, शाम करीब 7.10 बजे वह घर लौटा तो मर्डर का पता चला. अपर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के मुताबिक, किरण की बड़ी बेटी का बाराबंकी के जैदपुर स्थित बरबसौली निवासी अभय कुमार सिंह से प्रेम संबंध था. जानकारी होने पर किरण ने उसकी विवाह कर दी.

इसी बीच बेटी के मोबाइल पर अभय के साथ बेटी की कुछ आपत्तिजनक तस्वीर व वीडियो मिल गई. जिसे दिखाकर किरण उसे ब्लैक मेल कर रही थी. आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने करीब 40 हजार रुपये उसे दिए भी थे. इसके बाद उसकी मांग बढ़ने लगी. इससे परेशान होकर उसने मर्डर की.

पहले घरवालों का लोकेशन लिया

अभय को शनिवार को जब जानकारी मिली कि बिजली वायरिंग ठेकेदार बाराबंकी गया है. छोटी बेटी बड़ी बहन के घर गई है. दोनों बेटे कोचिंग गए हैं. इसके एक-एक कर सभी को कॉल कर उनकी लोकेशन ली.

बड़े बेटे को फिल्म दिखाने के बहाने ले गया
क्षेत्राधिकारी गाजीपुर दीपक कुमार सिंह के मुताबिक अभय ओला कार चलाता है. उसको यह पता चला कि बड़ा बेटा घर पहुंच गया है. तो उसे कॉल कर फिल्म दिखाने के बहाने एसआरएस मॉल बुलाया. वहीं टिकट के लिए रुपये दिये. दोनों फिल्म देखने लगे.

फिल्म देखने के कुछ देर बाद अभय ने बोला कि ओला की बुकिंग आ गई है. कुछ देर में लौटेगा. मॉल से निकलने के बाद अभय कार की बुकिंग की दिशा में चला. आकस्मित उसने कार का जीपीएस बंद कर दिया, ताकि लोकेशन न मिले.

वह एक परिचित के घर के पास कार खड़ी, ताकि उसका नंबर सीसीटीवी की निगरानी में रहे, लेकिन कार में कौन है यह रिकार्ड न हो सके. वहां से बाइक ली. हेलमेट लगाकर सीमांतनगर पहुंचा. बाइक घर से कुछ दूर पर खड़ी की. घर के अंदर दाखिल हुआ.

वहां किरण से वार्ता के दौरान झगड़ा हुआ. उसने पहले केबिल वायर से गला घोंटा, इसके बाद सब्जी काटने वाले चाकू से गला रेत दिया. किरण की मृत्यु होने के बाद अभय वहां से निकल गया. वह पड़ोसी का दीवार फांदकर बाहर आया. उसे पड़ोस की एक महिला ने देखा था. हालांकि हेलमेट के चलते पहचान नहीं सकी.

प्रभारी निरीक्षक रवींद्र नाथ राय के मुताबिक मर्डर का राज सीसीटीवी फुटेज व ओला के लोकेशन ने खोला. मर्डर के बाद घर पहुंची पुलिस ने करीबी लोगों से वार्ता करनी प्रारम्भ की.वहां भी अभय उपस्थित था. उसने कई बातें पुलिस को बताई भी थी.

उसकी हरकत से पुलिस को शक हुआ. पुलिस ने अभय के पीछे सादी वर्दी में पुलिसकर्मी लगाया गया. पुलिस ने अभय के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली. इसमें किरण वर्मा व उसके वार्ता के रिकार्ड मिले. पुलिस को एक संदिग्ध नंबर मिला.

जिस नंबर से अभय ने ओला की बुकिंग की थी. वहीं एक टीम उसके ओला कंपनी से सम्पर्क किया गया. वहां उसके रिकार्ड निकाले तो पता चला कि ओला कार का जीपीएस वारदात वाले दिन कुछ देर के लिए बेकार हो गया था. इससे उस कार का लोकेशन नहीं मिल सका.

पुलिस ने बुकिंग रिकार्ड देखा तो वारदात के दिन उसने कुछ बुकिंग भी ली थी. सारे रिकॉर्ड हासिल करने के बाद पुलिस ने सोमवार देर शाम को अभय को हिरासत में लेकर पूछताछ प्रारम्भ की. पुलिस ने साक्ष्य उसके सामने रखे तो मर्डर का राज खुल गया.