2012 में चिकन पॉक्स के इलाज के लिए ली गयी दवाई से डोपिंग उल्लघंन कर बैठा था यह खिलाड़ी

 2012 में चिकन पॉक्स के इलाज के लिए ली गयी दवाई से डोपिंग उल्लघंन कर बैठा था यह खिलाड़ी

हिंदुस्तान के स्टार बॉक्सर अमित पंघाल ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया. ऐसा करके उन्होंने इतिहास रच दिया क्योंकि वह यह पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं. इश मौके पर पंघाल ने बोला कि उन्हें पर्सनल सम्मान की दरकार नहीं है. वह अपने पूर्व कोच अनिल धनकड़ के लिए सम्मान चाहते हैं. अमित पंघाल शियन गेम्स व एशियन चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। अर्जुन पुरस्कार के लिए उनके नाम की अनदेखी की गयी क्योंकि 2012 में चिकन पॉक्स के इलाज के लिए ली गयी दवाई से वह डोपिंग उल्लघंन कर बैठे थे। डोपिंग परीक्षण में विफल होने के कारण उन पर एक वर्ष का प्रतिबंध भी लगा था.

भारत के इस स्टार बॉक्सर ने कहा, मैं पुरस्कारों की परवाह नहीं करता लेकिन मुझे खुशी होगी अगर मेरे पूर्व कोच अनिल धनकड़ के नाम पर द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए विचार किया जाए। उन्होंने शुरुआती सालों में मुझे ट्रेनिंग दी व अगर वह नहीं होते तो मैं आज ऐसा मुक्केबाज नहीं होता। ’ पंघाल ने कहा, ‘मैंने 2008 में मुक्केबाजी प्रारम्भ की थी व धनकड़ सर तब से मेरे लिये अहम बने रहे हैं। अब भी जब मुझे किसी मुद्दे में मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है तो मैं धनकड़ सर के पास जाता हूं। उन्हें पुरस्कार मिलने का मतलब मुझे पुरस्कार मिलना होगा। बल्कि मुझे ज्यादा खुशी होगी. धनखड़ मुक्केबाजी में एक वक्त राष्ट्रीय स्तर के पदकधारी हुआ करते थे.