नाखूनोंं की शेप खराब हो रही हो या बढ़ रहे हों तो उन्हें ऐसे दे शेप और साइज़

नाखूनोंं की शेप खराब हो रही हो या बढ़ रहे हों तो उन्हें ऐसे दे शेप और साइज़

नाखून हाथों की सुन्दरता का एक आईना होते हैंं। इसकी देखभाल कर आप सुन्दर हाथों की मालिका बन सकती हैं। नाखून हाथों की सुन्दरता के साथ आपके अच्छे स्वास्थ्य को भी दर्शाते हैं। टूटे-फूटे नाखून, टेढ़े नाखून, सफेद चपटे नाखून शरीर की कई कमियों को बताते हैं। अपने नाखूनों की उचित देखभाल कर अपने हाथों की सुन्दरता को इस प्रकार बढ़ाएं -

अपने नाखूनों को कैंची, चाकू या नेलकटर से न काटें। यदि नाखूनोंं की शेप खराब हो रही हो या बढ़ रहे हों तो उन्हें एमरी बोर्ड से फाइल कर उचित शेप और साइज़ दें। पहले लगी हुई नेलपालिश को नेलपालिश रिमूवर से साफ करें। कभी उन्हें किसी नुकीली चीज से खुरचें नहीं।

रिमूवर में एसीटोन होता है। इसका प्रयोग सप्ताह में एक बार से अधिक न करें। जब भी साबुन से हाथ धोएं, उसके तुरंत बाद हाथों और नाखूनों पर हैंड क्रीम या हैंड लोशन जरूर लगायें ताकि हाथों और नाखूनों की प्राकृतिक सुंदरता समाप्त न हो और उनमें सूखापन न आए।

रात्रि में सोने से पहले हाथों और नाखूनों पर माइश्चराजर या वैसलीन लगायें ताकि नाखूनों के आस पास की त्वचा सूखी न रहे।

कभी भी नाखूनों को दांतों से न चबाएं। यह गंदी आदत के साथ-साथ नाखूनों के स्वास्थ्य और सुन्दरता के लिए भी खतरनाक है। इससे नाखूनों में इन्फेक्शन भी हो सकता है।

घर पर मेनिक्योर करने का सबसे उत्तम समय होता है जब आपने बर्तन साफ किए हो,ं कपड़े धोए हों या नहाने के बाद करने से तब नाखून भी साफ होते हैं। उन पर मैल कम होता है और नाखूनों के आस पास की त्वचा भी नर्म होती है। नाखूनों के जड़ के पास की त्वचा को रोज़ वुडस्टिक से या रबड़ लगे क्यूटीकल पुशर से दबायें क्योंकि यहां पर नाखूनों की जड़ें होती हैं और जड़ें ही नाखूनों को सुरक्षित रखती हैं।

दुबारा नेलपालिश लगाने से पूर्व नाखूनों को अच्छी तरह साफ कर लगायें। यदि आपके नाखून कच्चे हैं, बार-बार टूटते हैं या उनमें दरारे पड़ती हों तो नाखूनों पर शहद से मालिश करें।

बर्तन साफ करते समय कपड़े धोते समय, सब्जी काटते समय डिस्पोजेबल ग्लब्स का प्रयोग करें ताकि नाखून सुरक्षित रह सकें और उन पर दाग भी न लग पायें।