चौंकिए नहीं, डेनमार्क ओपन में खेलने को लेकर विदेश मंत्रालय की नहीं कोई किरदार, भारतीय शटलर को नही मिला वीजा

चौंकिए नहीं, डेनमार्क ओपन में खेलने को लेकर विदेश मंत्रालय की नहीं कोई किरदार, भारतीय शटलर को नही मिला वीजा

भारतीय शटलर साइना नेहवाल (Saina Nehwal) ने डेनमार्क ओपन (Denmark Open) में खेलने के लिए विदेश मंत्रालय से मदद मांगी है. चौंकिए नहीं, डेनमार्क ओपन में खेलने को लेकर विदेश मंत्रालय की कोई किरदार नहीं है, लेकिन वहां जाने के लिए अब तक भारतीय शटलर को वीजा नहीं मिला है. 775,000 अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि वाला यह बैडमिंटन टूर्नामेंट डेनमार्क के तीसरे सबसे बड़े शहर ओडेंसे (ODENSE) स्थित ओडेंसे स्पोर्ट्सपार्क (ODENSE SPORTSPARK) में 15 से 20 अक्टूबर तक खेला जाना है. डेनमार्क ओपन को बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन सुपर 750 टूर्नामेंट का दर्जा हासिल है.

साइना ने वीजा जारी करने में मदद की गुहार लगाते हुए ट्विटर हैंडल से लिखा है है. उन्होंने लिखा, ‘मैं डेनमार्क जाने के लिए अपना व अपने ट्रेनर के वीजा को लेकर महत्वपूर्ण निवेदन करना चाहती हूं. अगले हफ्ते मुझे ओडेंसे में टूर्नामेंट में भाग लेना है. लेकिन अब तक हमारे वीजा बन नहीं पाए हैं. हमारे मैच अगले हफ्ते मंगलवार को प्रारम्भ हो रहे हैं.’ पिछले वर्ष साइना नेहवाल इस प्रतियोगिता में दूसरे जगह पर रही थीं. उन्हें चाइना की ताई तजु-यिंग ने फाइनल मुकाबले में पराजित किया था. 29 वर्ष की भारतीय शटलर ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी हैं.

साइना ने अपने ट्वीट को विदेश मंत्री एस जयशंकर को भी टैग किया है. खबरों की मानें तो भारतीय शटलर को नियमों में परिवर्तन के कारण इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. नए नियम के मुताबिक, जिस भी आदमी को डेनमार्क का वीजा चाहिए उसे दिल्ली स्थित उसके दूतावास में खुद मौजूद होना होगा. हालांकि, बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) ने दूतावास से खिलाड़ियों को खुद की मौजूदगी के नियम में छूट की मांग की थी, लेकिन इस पर अब तक कोई जवाब नहीं आया है.


भारतीय शटलरों के यात्रा दस्तावेजों का कार्य संभालने वाले आनंद खरे के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया ने लिखा है, ‘उनसे सिर्फ ईमेल पर बात की जा सकती है व इस पर वहां से कोई जवाब नहीं आया है. हमने उन्हें लिखा था कि साइना व किदांबी जैसे खिलाड़ियों के लिए व्यक्तिगत रूप से आ पाना बहुत कठिन होगा.’