ब्रेन डेड घोषित हो चूका 18 वर्ष का लड़का हुआ जीवित परिजनों की खुशी का नही ठिकाना, सुनी थी यह आवाज

तेलंगाना में ब्रेन डेड घोषित हो चुके 18 वर्ष केलड़के के जीवित होने कीघटना सामने आई है. उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी की जा रही थीं. तभीउसकी मांउसके पास बैठ कर रोने लगी. मां को रोते सुन लड़के के आंखों से आंसू निकलने लगे. ऐसा देखकर वहां उपस्थित परिजनों पर खुशी की लहर दौड़ गई.फौरन उसे अस्पताल ले जाया गया.

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घटना तेलंगाना के सूर्यपेट जिले के पिल्लालमर्री गांव की है. लड़के का नाम गंधम किरन है. गंधम की मां ने बताया कि जब वह उसके पास बैठ कर रो रही थी तभी देखा कि उसकी आंखों से आंसू बह रहे हैं. ऐसा देखकर उसने अपने संबंधियों को बताया व चिकित्सक को बुलाया गया.

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'मेरा बेटा अब स्वस्थ है'
गंधम किरन की मांसैदम्मा ने बताया, "डॉक्टर ने उसका हाथ पकड़कर बताया कि यह अभी जीवित है. नाड़ी भी चल रही है. तब हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा."हैदराबाद के डॉक्टरों की सलाह पर सूर्यपेट जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उपचार किया था. किरन तीन दिन में ही सबको पहचानने लगा व वार्ता करने लगा. उन्होंनेबताया कि डॉक्टरों ने उनके बेटे को रविवार को डिस्चार्ज कर दिया.अब वह स्वस्थ है.

गंभीर हेपेटाइटिसथा

किरण को 26 जून को बहुत तेज बुखार व उल्टी की शिकायत के बाद सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया था. चिकित्सक ने उसे गंभीर हेपेटाइटिस बताया था. तबीयत बेहद खराबहोने के बाद उसे 28 जून को हैदराबाद लाया गया. यहां आते ही वह 3 जुलाई को कोमा में चला गया.इसके बाद चिकित्सक ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया.