स्थान की कमी के कारण यहाँ छतों पर किया जाता है वाहनों को पार्क, लिफ्ट कर उन्हें छत तक जाया जाता है पहुंचाया

स्थान की कमी के कारण यहाँ छतों पर किया जाता है वाहनों को पार्क,  लिफ्ट कर उन्हें छत तक जाया जाता है पहुंचाया

विदेशों में, बड़े मॉल या होटलों में छत पर पार्किंगदेखने को मिलती है. स्थान की कमी के कारण वहां वाहनों को छतों पर ही पार्ककिया जाता है. ऐसे स्थानों पर वाहन मॉल या होटल की छत पर सीधे नहीं पहुंचती, बल्कि उन्हें लिफ्ट कर उन्हें छत तक पहुंचाया जाता है.

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उदयपुर के भू व्यवसायी नेे प्रकृति से मिली सौगात के बाद अलावा पैसा लगाए बगैर पर छत पर बिना लिफ्ट के पार्किंग बना ली.हम बात कर रहे हैं उदयपुर के अंबाबगढ़ की. जहां गली इतनी संकरी हैं किमहज मोटरसाइकिल ही गुजर पाती है. जमीन कारोबारी लालजी कटारिया ने इस क्षेत्र में मकान बनाने का फैसला लिया लेकिन समस्या थी कि यहां बिनाचौपहिया वाहन कैसे रहा जाए?

जहां मजीन थी उसके बयालीस फिट की ऊंचाई सेपहाड़ी से होटलों के लिए रास्ता निकलता था. इसी से उन्हें आइडिया आया व उन्होंने प्रकृति की इस सौगात को वरदान मानकर 42 फिट का चार मंजिला मकानबनाया. जिसकी उपरी मंजिल की छत होटलों को जाने वाली पहाड़ी रास्ते से भिड़ गई. इस तरह उनके मकान का टॉप फ्लॉर पहाड़ी की सडक़ से मिल गया.इसीसडक़ के माध्यम से वह अपने मकान की छत पर कारों को पार्क करने लगे.

इस तरह प्रारम्भ हुई उलटी गंगा आमतौर पर घर की सीढिय़ां नीचे से ऊपर तक जाती है लेकिन कटारिया परिवार छतके रास्ते ऊपर से नीचे उतरता है. यानी गाडिय़ां छत पर पार्क करने के बाद वे चार, तीन या दो व पहली मंजिल पर पहुंचते हैं.