दशहरे से पहले ही मिलेंगे लड्डू, इन लाखों कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का हो गया ऐलान

दशहरे से पहले ही मिलेंगे लड्डू, इन लाखों कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का हो गया ऐलान

केंद्र के बाद अब राज्‍य सरकार के कर्मचारियों की बल्‍ले-बल्‍ले होने वाली है। क्‍योंकि राज्‍य सरकारों ने उनके लिए खजाने का मुंह खोल दिया है। इनमें बिहार सरकार ने दशहरे (Dusshehra 2021) पर सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देने का फैसला किया है। राज्‍य सरकार बढ़े हुए महंगाई भत्‍ते (Dearness Allowance) की रकम अक्टूबर में कर्मचारियों को दो महीने के एरियर के साथ देगी। बिहार कैबिनेट ने हाल में इस फैसले को मंजूरी दी है। इसके साथ ही मध्‍य प्रदेश में भी Dearness Allowance में इजाफे का ऐलान जल्‍द हो सकता है। एमपी गवर्नमेंट 7 लाख कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और पेंशनरों को महंगाई राहत भत्‍ता देने का आदेश अक्‍टूबर में जारी करेगी।

उधर, उत्‍तराखंड में भी महंगाई भत्‍ते में 11 फीसद की बढ़ोतरी का ऐलान हो गया है। कैबिनेट ने शुक्रवार शाम इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इससे अक्‍टूबर में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी बढ़कर आएगी। सरकारी प्रवक्‍ता के मुताबिक उत्‍तराखंड के कर्मचारियों को केंद्र के समान DA अक्‍टूबर से मिलेगा। इससे राज्य पर प्रतिमाह 150 करोड़ रुपये का भार आएगा। इन राज्‍यों में DA बढ़ने से 15 लाख से ज्‍यादा कर्मचारियों और पेंशनरों को फायदा होगा।

कितना होगा फायदा

महंगाई भत्‍ते की गणना करने वाले एजी ऑफिस ब्रदरहुड के पूर्व अध्‍यक्ष हरिशंकर तिवारी ने 7th Pay Matrix Level 1 कर्मचारी की सैलरी की गणना की है, जो इस प्रकार है :

बेसिक सैलरी : न्‍यूनतम 18,000 रुपए महीना

महंगाई भत्ता (17%) जो पहले मिल रहा था = 3060 रुपए महीना

DA में बढ़ोतरी (11 फीसद) कितनी हुई = 1980 रुपए महीना


कुल DA (28 फीसद) अब मिलेगा =5040 रुपए महीना

House Rent Allowance (HRA) (अगर दिल्‍ली जैसे मेट्रो में रहते हैं तो) = 4860 रुपए महीना

Transport Allowance (TA) (अगर दिल्‍ली जैसे मेट्रो में रहते हैं तो) = 1728 रुपए महीना

Total Salary : करीब 29,628 रुपए महीना (Excluding other Perks) बनेगी

कितना बढ़ा TA और HRA

हरिशंकर तिवारी के मुताबिक महंगाई भत्‍ता बढ़ने के कारण HRA और TA में भी जोरदार इजाफा हुआ है। Level 1 के कर्मचारी के HRA में, जो X कैटेगरी के शहर में रहता है, करीब 540 रुपए महीने का फायदा हुआ है। जबकि उनके Transport Allowance (TPTA Cities) में करीब 230 रुपए महीने की बढ़ोतरी हुई है।


टॉप 5 कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में आई गिरावट, Reliance, TCS, और HUL को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

टॉप 5 कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में आई गिरावट, Reliance, TCS, और HUL को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

भारत की टॉप 10 में से टॉप 5 कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में पिछले सप्ताह गिरावट देखने को मिली। टॉप-5 कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्यांकन पिछले सप्ताह 1,42,880.11 करोड़ रुपये घट गया, जिसमें Hindustan Unilever, Reliance Industries and Tata Consultancy Services को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।

Hindustan Unilever Ltd (HUL) का बाजार मूल्यांकन 45,523.33 करोड़ रुपये घटकर 5,76,836.40 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, Reliance Industries Ltd (RIL) का बाजार मूल्यांकन 45,126.6 करोड़ रुपये घटकर 16,66,427.95 करोड़ रुपये का रह गया। Tata Consultancy Services (TCS) का बाजार मूल्यांकन 41,151.94 करोड़ रुपये घटकर 12,94,686.48 करोड़ रुपये रह गया।


इसके अलावा Bajaj Finance का बाजार मूल्यांकन (M-cap) 8,890.95 करोड़ रुपये गिरकर 4,65,576.46 करोड़ रुपये का रह गया। जबकि, HDFC बैंक लिमिटेड के बाजार मूल्यांकन में 2,187.29 करोड़ रुपये की गिरावट देखने को मिली और इसका बाजार मूल्यांकन 9,31,371.72 करोड़ रुपये पर आ गया।

इन कंपनियों के अलावा बाकी की कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में बढ़त देखने को मिली। इसमें Kotak Mahindra Bank ने 30,747.78 करोड़ रुपये जोड़े, जिससे उसका मूल्यांकन 4,30,558.09 करोड़ रुपये हो गया। ICICI Bank का बाजार मूल्यांकन 22,248.14 करोड़ रुपये बढ़कर 5,26,497.27 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।


HDFC का मूल्यांकन 17,015.22 करोड़ रुपये बढ़कर 5,24,877.06 करोड़ रुपये का हो गया। State Bank of India का बाजार मूल्यांकन 11,111.14 करोड़ रुपये बढ़कर 4,48,863.34 करोड़ रुपये का हो गया। वहीं, Infosys ने 1,717.96 करोड़ रुपये जोड़े और इसका मूल्यांकन 7,29,410.37 करोड़ रुपये हो गया।

इसके अलावा पिछले हफ्ते बीएसई के 30 शेयरों वाले बेंचमार्क सेंसेक्स में 484.33 अंक या 0.79 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स के साथ निफ्टी में भी शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली थी।

शीर्ष -10 सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग में, रिलायंस ने अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। उसके बाद टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, एचयूएल, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, बजाज फाइनेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक का नंबर आता है।