KYC अपडेट करने के लिए ग्राहक को दिसंबर तक का समय दें बैंक, RBI ने दी सख्‍त हिदायत

KYC अपडेट करने के लिए ग्राहक को दिसंबर तक का समय दें बैंक, RBI ने दी सख्‍त हिदायत

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा है कि 31 दिसंबर 2021 तक कोई भी Bank Account खाताधारक की KYC अपडेट न होने के कारण Freeze नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी कहा कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) और भुगतान प्रणाली परिचालक आधार ई-केवाईसी सत्यापन लाइसेंस (Aadhaar E kyc Verification) के लिए केंद्रीय बैंक के पास आवेदन कर सकते हैं। मई, 2019 में वित्त मंत्रालय ने बैंकिंग कंपनियों को छोड़कर अन्य इकाइयों द्वारा आधार सत्यापन सेवाओं के इस्तेमाल के लिए आवेदन को विस्तृत प्रक्रिया जारी की थी।

आधार ईकेवाईसी वेरिफिकेशन

रिजर्व बैंक की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि एनबीएफसी, भुगतान प्रणाली परिचालरक और भुगतान प्रणाली भागीदार आधार सत्यापन लाइसेंस-केवाईसी प्रयोगकर्ता एजेंसी (केयूए) लाइसेंस या उप-केयूए लाइसेंस के लिए विभाग को आवेदन कर सकते हैं जिसे आगे यूआईडीएआई (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) के पास भेजा जाएगा।

Sandbox योजना

इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने कहा है कि नियामकीय ‘सैंडबॉक्स’ योजना के तहत छह इकाइयों ने ‘पहले समूह’ का परीक्षण चरण पूरा कर लिया है। इसका विषय खुदरा भुगतान है। उनके उत्पादों को नियामकीय इकाइयों द्वारा स्वीकार्यता के लिए व्यावहारिक माना गया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि इन इकाइयों के उत्पाद मुख्य रूप से ऑफलाइन डिजिटल भुगतान, प्रीपेड कार्ड, संपर्करहित भुगतान और वॉयस आधारित यूपीआई से संबंधित हैं।

नए प्रोडक्‍ट और सर्विस की टेस्टिंग

नियामकीय सैंडबॉक्स से सामान्य तौर पर तात्पर्य नियंत्रित/परीक्षण वाले नियामकीय माहौल में नए उत्पादों और सेवाओं के सीधे परीक्षण से होता है। इसमें नियामक कुछ रियायतों की अनुमति भी दे सकता है। पहले समूह में जिन इकाइयों के उत्पाद रिजर्व बैंक द्वारा तय निमयों के अनुकूल पाए गए हैं उनमें न्यूक्लियस सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट्स (पेसे), टैप स्मार्ट डेटा इन्फॉर्मेशन सर्विसेज (सिटीकैश), नैचुरल सपोर्ट कंसल्टेंसी सर्विसेज (आईएनडी-ई-कैश), नफा इनोवेशंस (टोन टैग), उबोना टेक्नोलॉजीज (भीम वॉयस) और ईरूट टेक्नोलॉजीज (सिम के जरिये ऑफलाइन भुगतान) शामिल हैं।


प्रधानमंत्री मोदी के अभियान सौभाग्य योजना के तहत 2.82 करोड़ परिवारों को मिला बिजली कनेक्शन

प्रधानमंत्री मोदी के अभियान सौभाग्य योजना के तहत 2.82 करोड़ परिवारों को मिला बिजली कनेक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू किए गए अभियान, सौभाग्य योजना के तहत अब तक 2.82 करोड़ परिवारों को बिजली का कनेक्शन हासिल हो चुका है। बिजली मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी उपलब्ध कराई है। सौभाग्य योजना के चार साल पूरे होने पर एक बयान जारी करते हुए बिजली मंत्रालय ने यह कहा है कि, "इस योजना के शुरू होने के बाद से, इस साल 31 मार्च तक, 2.82 करोड़ घरों में बिजली का कनेक्शन दिया जा चुका है। मार्च 2019 तक, देश के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में 2.63 करोड़ घरों को 18 महीने के रिकॉर्ड समय में बिजली का कनेक्शन प्रदान किया गया था।"

"इसके बाद, सात राज्यों असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मणिपुर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों में, 31 मार्च, 2019 से पहले चिन्हित किए गए लगभग 18.85 लाख बिना बिजली कनेक्शन वाले घर, जो पहले कनेक्शन नहीं लेना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की इच्छा जाहिर की थी। इस तरह के घर भी इस योजना के तहत शामिल थे।"

क्या है सौभाग्य योजना

सौभाग्य योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर, 2017 को की थी और यह दुनिया के सबसे बड़े घरेलू विद्युतीकरण अभियानों में से एक है। इस योजना का उद्देश्य अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी के जरिए देश में 'सार्वभौमिक घरेलू विद्युतीकरण' प्राप्त करना है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों के उन सभी घरों और क्षेत्रों में बिजली कनेक्शन देना है, जिन घरों और शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों तक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंचा है।


इस योजना की शुरुआत करते हुए, प्रधानमंत्री ने "नए युग के भारत" में बिजली कनेक्शन प्रदान करने और इक्विटी, दक्षता और स्थिरता की दिशा में काम करने का संकल्प लिया था। इस योजना के तहत कुल बजट 16,320 करोड़ रुपये का था, जबकि सकल बजटीय सहायता (जीबीएस) 12,320 करोड़ रुपये की थी।