ख़त्म हुई रिटर्न भरने की लास्ट डेट तब भी न लें टेंशन

ख़त्म हुई रिटर्न भरने की लास्ट डेट तब भी न लें टेंशन
  • सरकार कुछ खास तरह की आय को आयकर के दायरे से बाहर रखती
  • Tax Free आय पर आम लोगों को टैक्स नहीं भरना पड़ता है
  • Tax free income पर आपको कोई रिटर्न फाइल करने की आवश्यकता नहीं है

ITR Alert: टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों के लिए 31 तारीख लास्ट डेट थी, जो अब बीत चुकी है. अब आपके पास 1000 से 5000 रुपये के जुर्माने के साथ 31 दिसंबर तक रिटर्न फाइल करने का अंतिम समय बचा है. आम तौर पर हर नागरिक को जरूरी रुप से अपनी कमाई पर टैक्स भरना होता है. लेकिन इसके बाद भी गवर्नमेंट कुछ खास तरह की आय को आयकर के दायरे से बाहर रखती है, यानि इन आय पर आम लोगों को टैक्स नहीं भरना पड़ता है. ऐसे में यदि टैक्स रिटर्न की तारीख बीत भी क्यों न गई हो, यदि आपकी आय का साधन टैक्स के दायरे से बाहर है तो आपको कोई रिटर्न फाइल करने की आवश्यकता ही नहीं है. आइए जानते हैं इन 10 तरह की कमाई के बारे में जो आपके लिए टैक्स फ्री हैः  

कृषि से हुई आय

कृषि से होने वाली आय पर गवर्नमेंट टैक्‍स नहीं लेती है. इनकम टैक्‍स की धारा 1961 के अनुसार कृषि से होने वाली आय पर टैक्‍स छूट दी गई है. कृषि से हुई आय पर टैक्‍स छूट मिलता है. करदाता कृषि से होने वाली आय को अपने रिटर्न में दिखाकर टैक्‍स छूट प्राप्‍त कर सकता है.

ग्रेच्युटी से आय

वेतनभोगी कर्मचारियों की वेतन का एक हिस्‍सा ग्रेच्युटी के रूप में काटा जाता है. कंपनी एक निश्‍चित अवधि तक जॉब करने के बाद कर्मचारी को ग्रेच्‍युटी का भुगतान करती है. ग्रेच्‍युटी से होने वाली आमदनी पूरी तरह टैक्‍स फ्री होती है.

सेविंग एकाउंट से आय

अगर सेविंग एकाउंट से मिलने वाला ब्याज 10,000 रुपए से कम है तो इस पर टैक्‍स नहीं देना होता है. यह छूट एक से अधिक एकाउंट से मिलने वाले ब्याज पर भी मिलती है. अगर, आपके पास एक से अधिक बैंक एकाउंट है और उन पर क्रमश: 10000 रुपए और 5000 रुपए ब्याज मिलता है तो आपकी टैक्सेबल इनकम 5000 रुपए होगी.

स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति से आय

स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति से होने वाली आमदनी में 5 लाख रुपए तक की आय टैक्‍स फ्री होती है. इनकम टैक्‍स की धारा 2BA के मुताबिक यदि कोई व्‍यक्ति किसी कंपनी या लोकल अथॉरिटी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेता है, तो इससे होने वाली आय पर 5 लाख रुपए तक टैक्‍स छूट मिलेगा.

विदेशी सेवाओं के लिए भत्ता

अगर, आप सरकारी जॉब में हैं और आपकी नियुक्ति राष्ट्र के बाहर है और इसके एवज में कोई भत्‍ता मिलता है, तो उस पर इनकम टैक्‍स नहीं लगेगा. इनकम टैक्‍स की धारा 10(7) में यह प्रावधान किया गया है कि सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मी जो विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उसकी एवज में उनको भत्‍ता मिल रहा है तो वह टैक्‍स फ्री होगा.

पार्टनरशिप फर्म का शेयर

अगर, आप किसी पार्टनरशिप फर्म में पार्टनर हैं और उसके शेयर आपके पास हैं तो इनकम टैक्‍स की धारा10(2) के मुताबिक फर्म में हुई आय के लिए पार्टनर इनकम टैक्‍स भरने के लिए उत्तरदायी नहीं है. शेयर के अतिरिक्त यदि आप पारिश्रमिक या दूसरे फायदा लेते हैं तो यह आय टैक्सेबल इनकम के दायरे में आएगी.

भविष्‍य निधि से आय

इनकम टैक्‍स की धारा 10 (11,12,13) के मुताबिक ऐसी आय जो पीपीएफ, पीएफ या सेवानिवृत्ति निधि से होता है तो उस पर इनकम टैक्‍स नहीं चुकाना होता है.

लांग टर्म कैपिटल गेन

इक्विटी या म्युचुअल फंड में किए हुए निवेश पर होने वाले लांग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्‍स छूट मिलती है. इनकम टैक्‍स की धारा 10(36) के अनुसार यदि एक वर्ष से उससे अधिक समयावधि में शेयर या म्युचुअल फंड बेचने से कैपिटल गेन होता है, तो उस पर इनकम टैक्‍स छूट मिलती है. हालांकि,डेट म्युचुअल फंड पर यह लागू नहीं होता है और इससे होने वाली आय पर टैक्‍स देना होता है.

छात्रवृत्ति या पुरस्कार

किसी भी प्रकार की छात्रवृत्ति या पुरस्कार पर इनकम टैक्‍स नहीं लगता है. इनकम टैक्‍स एक्ट 1961 के अनुसार छात्रवृत्ति या पुरस्कार के भीतर मिलने वाली रकम पर इनकम टैक्‍स नहीं लिया जाता है. छात्रवृत्ति या पुरस्कार की राशि तय नहीं की गई है.

सीनियर सिटिजन सेविंग स्‍कीम

अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं और आपने सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SSSS) में निवेश कर रखा है तो आपकी मूल राशि पर कोई टैक्‍स नहीं लगेगा. लेकिन, इसके ब्याज से होने वाली आय पर आपको टैक्‍स देना पड़ सकता है. साथ ही इस बात का भी ख्याल रखें कि इसका उलेल्ख आपको इनकम टैक्स रिटर्न में भी करना होगा