महज 5.50 लाख की Triber में आसानी से फिट हो जाएगी 7 लोगों की फैमिली

महज 5.50 लाख की Triber में आसानी से फिट हो जाएगी 7 लोगों की फैमिली

भारत में अगर सबसे सस्ती एमपीवी की बात की जाए तो इसमें रेनो Triber का नाम सबसे पहले आता है। ये एक दमदार फैमिली कार है जिसमें 7 लोगों का बड़ा परिवार एक बार में ही फिट हो जाता है। इतना ही नहीं आपको ये जानकर हैरानी होगी कि भारत में मिलने वाली कुछ हैचबैक कारों के कीमत Triber से भी महंगी है। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये आम आदमी के लिए कितनी किफायती फैमिली कार है। अगर आप भी इस कार को खरीदने का मन बना रहे हैं तो आज हम आपको Triber से जुड़ी अहम जानकारियां देने जा रहे हैं।  

Renault Triber को ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में एडल्ट ऑक्यूपेंट के लिए 4 स्टार और बच्चों की सुरक्षा के लिए 3 स्टार रेटिंग मिली है। यानि कि Renault Triber केवल स्पेसियस और किफायती ही नहीं, बल्कि भारतीय मार्केट में मौजूद सबसे सुरक्षित गाड़ियों में से एक है। इसके बेस मॉडल के बारे में बात करें तो ये है Renault Triber RXE जिसे भारत में 5,50,000 रुपये (एक्स-शोरूम) में खरीद सकते हैं।

Renault Triber में 999cc का 3 सिलेंडर वाला इंजन दिया गया है जो कि 6250 Rpm पर 71 Hp की पावर और 3500 Rpm पर 96 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। वहीं ब्रेकिंग सिस्टम की बात की जाए तो Triber के फ्रंट में डिस्क ब्रेक और रियर में ड्रम ब्रेक है। वहीं सस्पेंशन की बात करें तो Triber के फ्रंट में लोअर ट्रायंगल और क्वाइल स्प्रिंग के साथ मैकफर्शन स्ट्रटन सस्पेंशन और रियर में टोर्शियन बीम एक्स्ल सस्पेंशन है।


डाइमेंशन की बात की जाएतो Triber की लंबाई 3990 mm, चौड़ाई 1739 mm, फ्रंट ट्रैक 1547 mm, रियर ट्रैक 1545 mm, ऊंचाई 1643 mm, व्हीलबेस 2636 mm, ग्राउंड क्लीयरेंस 182 mm, बूट स्पेस लाइफ मोड 625 लीटर, बूट स्पेस ट्राइब मोड 84 लीटर और फ्यूल टैंक कैपेसिटी 40 लीटर की है। फीचर्स की बात करें तो Triber में 8-इंच का टचस्क्रीन इंफोटनमेंट सिस्टम, सेकेंड एंड थर्ड रो सीट के लिए एसी वेंट्स औक सेफ्टी के लिए एयरबैग्स जैसे फीचर्स हैं।


प्रधानमंत्री मोदी के अभियान सौभाग्य योजना के तहत 2.82 करोड़ परिवारों को मिला बिजली कनेक्शन

प्रधानमंत्री मोदी के अभियान सौभाग्य योजना के तहत 2.82 करोड़ परिवारों को मिला बिजली कनेक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू किए गए अभियान, सौभाग्य योजना के तहत अब तक 2.82 करोड़ परिवारों को बिजली का कनेक्शन हासिल हो चुका है। बिजली मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी उपलब्ध कराई है। सौभाग्य योजना के चार साल पूरे होने पर एक बयान जारी करते हुए बिजली मंत्रालय ने यह कहा है कि, "इस योजना के शुरू होने के बाद से, इस साल 31 मार्च तक, 2.82 करोड़ घरों में बिजली का कनेक्शन दिया जा चुका है। मार्च 2019 तक, देश के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में 2.63 करोड़ घरों को 18 महीने के रिकॉर्ड समय में बिजली का कनेक्शन प्रदान किया गया था।"

"इसके बाद, सात राज्यों असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मणिपुर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों में, 31 मार्च, 2019 से पहले चिन्हित किए गए लगभग 18.85 लाख बिना बिजली कनेक्शन वाले घर, जो पहले कनेक्शन नहीं लेना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की इच्छा जाहिर की थी। इस तरह के घर भी इस योजना के तहत शामिल थे।"

क्या है सौभाग्य योजना

सौभाग्य योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर, 2017 को की थी और यह दुनिया के सबसे बड़े घरेलू विद्युतीकरण अभियानों में से एक है। इस योजना का उद्देश्य अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी के जरिए देश में 'सार्वभौमिक घरेलू विद्युतीकरण' प्राप्त करना है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों के उन सभी घरों और क्षेत्रों में बिजली कनेक्शन देना है, जिन घरों और शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों तक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंचा है।


इस योजना की शुरुआत करते हुए, प्रधानमंत्री ने "नए युग के भारत" में बिजली कनेक्शन प्रदान करने और इक्विटी, दक्षता और स्थिरता की दिशा में काम करने का संकल्प लिया था। इस योजना के तहत कुल बजट 16,320 करोड़ रुपये का था, जबकि सकल बजटीय सहायता (जीबीएस) 12,320 करोड़ रुपये की थी।