ट्रान्स अटलांटिक संबंधों के नवीनीकरण में यूरोपीय संघ के व्यापार युद्ध को समाप्त करने की हुई कोशिश

ट्रान्स अटलांटिक संबंधों के नवीनीकरण में यूरोपीय संघ के व्यापार युद्ध को समाप्त करने की हुई कोशिश

यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका ने आज ब्रसेल्स में एक शिखर सम्मेलन में अपने ट्रान्साटलांटिक विवादों को समाप्त करने की कोशिश करते हुए दोनों संघों के बीच मुक्त व्यापार समझौता स्थापित करने का प्रयास के लिए प्रतिबद्ध है। ईयू और यूएस ने मुक्त व्यापार समझौता यानि (टीटीआईपी) को विस्तारित करते हुए दोनों संघों ने कुछ मसौदा तैयार किया गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार यह मसौदा सात पृष्ठ का है। जनवरी 2021 में डोनाल्ड ट्रम्प के बाद पदभार ग्रहण करते ही अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ ठोस परिणाम दिखाने का लक्ष्य रखा है। आज जो बाइडन वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय संघ के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल से मिलेंगे, जो यूरोपीय संघ की सरकारों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने 17 साल से चली आ रही विमान सब्सिडी विवाद को खत्म करने तथा स्टील और एल्मूनियम व्यापार विवाद से टैरिफ समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा यूरोपीय संघ के नेताओं से मिलकर ट्रम्प-युग के व्यापार युद्ध के मोर्चे को समाप्त करने की कोशिश करेंगे। बाइडन पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रम्प के तहत चार साल के संबंधों को फिर से स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिन्होंने यूरोपीय संघ पर शुल्क लगाया और ब्रिटेन को इससे दूर किया।

राष्ट्रपति जो बाइडन और ईयू ने आपसी सहमति से यूरोपीय संघ के शराब और अमेरिकी तंबाकू तथा स्पिरिट्स पर पांच साल के लिए 11.5 बिलियन डॉलर के सामान पर शुल्क हटाने की तैयारी है। अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग और यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी एयरबस के लिए राज्य सब्सिडी को एक दूसरे के आधार पर अनुकूल रखा है। वही यूरोपीय आयोग के प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि मैं बहुत सकारात्मक हूं, आज हम एयरबस-बोइंग मुद्दे पर एक समझौता करेंगे।

बाइडन ने सोमवार देर रात ब्रसेल्स में एक संवाददाता सम्मेलन में नाटो नेताओं से कहा कि अमेरिका वापस आ गया है। वही बाइडन ने रूस और चीन पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों हमारी ट्रान्साटलांटिक एकजुटता में एक कील ठोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने रूस और चीन की सैन्य और आर्थिक वृद्धि के सामने पश्चिमी उदार लोकतंत्रों की रक्षा के लिए यूरोपीय संघ से समर्थन की मांग करने की बात कही।

राष्ट्रपति बाइडन और अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन ने पहले बेल्जियम के राजा फिलिप, प्रधान मंत्री अलेक्जेंडर डी क्रू और विदेश मंत्री सोफी विल्म्स से मुलाकात की। और बुधवार को जिनेवा में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे।

शिखर सम्मेलन के मसौदे के अंतिम बयान में कहा गया है कि उनके पास "लोगों को जीवित रहने और उन्हें सुरक्षित रखने, जलवायु परिवर्तन से लड़ने और लोकतंत्र तथा मानवाधिकारों के लिए खड़े होने में मदद करने का एक मौका और जिम्मेदारी भी है"। हालांकि, मसौदा में जलवायु परिवर्तन पर कोई समझौता नहीं है। लेकिन दोनों पक्ष कोयले को जलाने को रोकने के लिए एक तिथि निर्धारित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जहां ट्रम्प प्रशासन ने माल व्यापार में बढ़ते अमेरिकी घाटे को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया। वही बाइडन यूरोपीय संघ को मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन से लड़ने और कोविड महामारी को समाप्त करने में एक सहयोगी के तौर पर देखते हैं।

राष्ट्रपति बाइडन और अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन ने पहले बेल्जियम के राजा फिलिप, प्रधान मंत्री अलेक्जेंडर डी क्रू और विदेश मंत्री सोफी विल्म्स से मुलाकात की। और बुधवार को जिनेवा में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे।


भारत-चीन: 12वें दौर की बातचीत भले ही नौ घंटे चली हो, लेकिन...

भारत-चीन: 12वें दौर की बातचीत भले ही नौ घंटे चली हो, लेकिन...

भारत और चाइना के सैन्य कमांडरों ने पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए 12 वें दौर की बातचीत की. बातचीत कोई नौ घंटे चली लेकिन इसके नतीजे अनुमान के अनुरूप ही आए. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक दोनों राष्ट्रों के सैन्य कमांडरों के बीच में सीमा क्षेत्र में तनाव घटाने, एकतरफा सैन्य कार्रवाई या एक दूसरे को उकसाने जैसी कार्रवाई से बचने के तरीकों पर सहमति बनी है, लेकिन गोगरा पोस्ट और हॉटस्प्रिंग समेत भारतीय चिंताओं वाले इलाके से अपनी फौज को पीछे ले जाने पर चाइना की तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला. विदेश मंत्रालय के ऑफिसरों को भी वैसे अभी इस मामले का सीधा निवारण नहीं दिखाई दे रहा है.


हॉटस्प्रिंग, गोगरा पोस्ट समेत अन्य स्थानों से चीनी सुरक्षा बलों की वापसी को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 14 जुलाई को अपने चाइना के समकक्ष वांग यी से चिंताओं का  साझा किया था. विदेश मंत्री ने दोनों राष्ट्रों के विदेश मंत्रियों के बीच में विसैन्यीकरण को लेकर पहली बनी सहमति का भी हवाला दिया था और कम्पलेन दर्ज कराते हुए अभी तरक पूर्ण विसैन्यीकरण न हो पाने का उल्लेख किया था. दोनों विदेश मंत्रियों के बीच में यह बातचीत संघाई योगदान संगठन के विदेश मंत्रियों की मीटिंग से इतर दुशांबे में हुई थी. विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में हिंदुस्तान की विसैन्यीकरण को लेकर चिंताओं को प्रमुखता से रेखांकित किया गया था.

 लेकिन चाइना के विदेश मंत्री वांग यी ने दे दी नसीहत
विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान के अंश को विदेश मंत्रालय द्वारा जारी करने के बाद चीनी दूतावास ने विदेश मंत्री वांग यी के वार्ता के अंश को जारी किया. वांग यी इसमें हिंदुस्तान को नसीहत देते दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने अपने बयान में हिंदुस्तान को संबंध को सामान्य बनाने की नसीहत दे दी है. वांग यी ने अपने बयान में साफ बोला कि पिछले वर्ष भारत-चीन सीमा क्षेत्र में जो कुछ हुआ उसके अधिकार और गलतियां बहुत स्पष्ट हैं और जिम्मेदारी चीनी पक्ष की नहीं है. चाइना ने मामले के निवारण के लिए वार्ता के माध्यम से निवारण पर सहमति जताई, लेकिन विसैन्यीकरण के मामले पर विदेश मंत्री टाल मटोल करते नजर आए. इसके बजाय वह दोनों राष्ट्रों के द्विपक्षीय संबंधों में सुधार, विस्तार पर जोर देते रहे. उन्होंने बोला कि दोनों राष्ट्रों के बीच में द्विपक्षीय संबंध निचले स्तर हैं. इस दिशा में सार्थक प्रयासों की जरूरत है.

पेंचीदगियां बढ़ रही हैं, चाइना चल रहा चाल
विदेश मामलों के जानकार रंजीत कुमार कहते हैं कि मुख्य मामला तो हॉट स्प्रिंग और गोगरा पोस्ट से चाइना के  सुरक्षा बलों के पीछे जाने का है. लेकिन यह नहीं बोला जा सकता कि आगे क्या होगा और कब होगा? रंजीत कुमार कहते हैं कि पेंचीदगियां बढ़ रही हैं.पूर्व विदेश सचिव शशांक का भी बोलना है कि चाइना अब विसैन्यीकरण के मामले को टाल रहा है. विदेश मंत्रालय के एक संयुक्त सचिव कहते हैं कि वार्ता सकारात्मक माहौल में हो रही है. दोनों देश सीमा पर शांति, सौहार्द बनाए रखने के तरीका कर रहे हैं. वह कहते हैं कि केस कुछ तकनीकी होता जा रहा है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि वार्ता से इसका निवारण निकल आएगा. सूत्र का बोलना है कि हिंदुस्तान और चाइना के तमाम आर्थिक, सियासी हित जुड़े हैं. इसलिए आशा है कि जल्द ही इसका निवारण निकल आएगा.