विपक्षी दल ने इमरान सरकार को ठहराया जिम्मेदार, कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे पाकिस्तान के लोग

विपक्षी दल ने इमरान सरकार को ठहराया जिम्मेदार, कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे पाकिस्तान के लोग

इमरान सरकार के चलते पाकिस्तान की जनता कठिन परिस्थितियों से गुजर रही है। पाकिस्तान के विपक्षी दल- पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार को यह कहते हुए फटकार लगाई कि यह एक 'अक्षम सरकार' है। इस सरकार ने लोगों के जीवन को मुश्किल बना दिया है।

सिंध विधानसभा समिति कक्ष में शनिवार को पाकिस्तान पिपुल्स पार्टी के प्रांतीय मंत्रियों और सलाहकारों ने एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान मंजूर हुसैन वासन, इम्तियाज शेख और मुकेश चावला समेत पीपीपी नेताओं ने कहा कि समय आ गया है कि सरकार अब लोगों की जान बख्श दे।

एक पाकिस्तानी अखबार के अनुसार कृषि सलाहकार मंजूर वासन ने भविष्यवाणी की थी कि साल 2022 प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए खतरनाक होगा। वहीं, अब एक बार फिर वासन ने कहा, 'अक्टूबर में इमरान खान इस्तीफा दे सकते हैं। नए साल की जनवरी से उनकी चिंताएं और बढ़ जाएंगी।'

इमरान खान ने हमेशा सिंध को हर चीज के लिए ठहराया जिम्मेदार

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई पर वासम ने कहा कि देश चलाना इमरान खान का व्यवसाय नहीं है। देश में चीनी संकट पाकिस्तान तहरीक-ए- इंसाफ (पीटीआइ) सरकार द्वारा बनाया गया है। इमरान खान ने हमेशा सिंध को हर चीज के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

इमरान सरकार द्वारा सिंध को गैस और पेट्रोल से किया जा रहा वंचित 

इस बीच प्रांतीय ऊर्जा मंत्री इम्तियाज अहमद शेख ने कहा कि सिंध में गैस एक अहम मुद्दा है। ऊर्जा मंत्री ने दावा किया कि संघीय सरकार ने भी जानबूझकर देश में गैस की कमी पैदा की है। ओजीआरए में सिंध का कोई प्रतिनिधि नहीं है। वे सिंध को पीछे धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। शेख ने कहा कि यह अफसोस की बात है कि गैस और पेट्रोल उत्पादक प्रांत होने के बावजूद सिंध को गैस और पेट्रोल से वंचित किया जा रहा है ।


भारत-पाक बंटवारे में जुदा हुए दो भाई मिले 74 साल बाद, ऐसी रही दोनों की मुलाकात

भारत-पाक बंटवारे में जुदा हुए दो भाई मिले 74 साल बाद, ऐसी रही दोनों की मुलाकात

इस्लामाबाद फिर दो दिलों को मिलाने का जरिया बना है। इस बार कॉरिडोर के कारण 74 साल बाद दो बिछड़े भाइयों की मुलाकात हुई है। ये दोनों भाई भारत-पाकिस्तान बंटवारे के कारण एक दूसरे से अलग हो गए थे। दोनों भाईयों को पहचान मुहम्मद सिद्दीक और भारत में रहने वाले उनके भाई हबीब उर्फ शेला के नाम से हुई है।

74 साल बाद भरी आंखों के साथ मिले दोनों भाई पाकिस्तानी मीडिया एआरवॉय न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 80 साल के मुहम्मद सिद्दीक पाकिस्तान के फैसलाबाद शहर में रहते हैं। वे बंटवारे के वक्त अपने परिवार से अलग हो गए थे। उनके भाई हबीब उर्फ शेला भारत के पंजाब में रहते हैं। करतारपुर कॉरिडोर में इतने लंबे अरसे बाद एक दूसरे को देख दोनों की आंखें भर आई और वे भावुक होकर गले मिले।

सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा वीडियो सोशल मीडिया पर इन दोनों भाइयों के मुलाकात का एक वीडियो भी शेयर किया जा रहा है। इसमें दोनों अपने-अपने रिश्तेदारों के साथ करतारपुर कॉरिडोर में दिखाई दे रहे हैं। मुलाकात के दौरान दोनों भाई एक दूसरे को भावुक होकर गले लगाते नजर आए। इस वीडियो में परिवार के अलावा गुरुद्वारा प्रबंधन के अधिकारी भी नजर आ रहे हैं।

पहले भी मिल चुके हैं दो दोस्त इससे पहले पिछले साल भी करतारपुर कॉरिडोर में दो बिछड़े दोस्त 74 साल बाद मिल पाए थे। भारत के सरदार गोपाल सिंह अपने बचपन के दोस्त अब 91 साल के मोहम्मद बशीर से 1947 में अलग हो गए थे। इस समय सरदार गोपाल सिंह की उम्र 94 साल जबकि मोहम्मद बशीर 91 साल के हो चुके हैं।

करतारपुर कॉरिडोर के बारे में जानिए भारत में पंजाब के डेरा बाबा नानक से पाक सीमा तक कॉरिडोर का निर्माण किया गया है और वहीं पाकिस्तान भी सीमा से नारोवाल जिले में गुरुद्वारे तक कॉरिडोर का निर्माण हुआ है। इसी को करतारपुर साहिब कॉरिडोर कहा गया है। करतारपुर साहिब सिखों का पवित्र तीर्थ स्थल है। यह पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित है। यह भारत के पंजाब के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से तीन से चार किलोमीटर दूर है और करीब लाहौर से 120 किलोमीटर दूर है। यह सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव जी का निवास स्थान था और यहीं पर उनका निधन भी हुआ था। ऐसे में सिख धर्म में इस गुरुद्वारे के दर्शन का का बहुत अधिक महत्व है।