उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया से वार्ता की इच्‍छा जताई लेकिन शत्रुतापूर्ण नीतियों को खत्म करने की रखी यह शर्त

उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया से वार्ता की इच्‍छा जताई लेकिन शत्रुतापूर्ण नीतियों को खत्म करने की रखी यह शर्त

उत्तर कोरिया ने पड़ोसी दक्षिण कोरिया के साथ वार्ता बहाल करने की इच्छा जताई है। हालांकि इसके साथ ही शत्रुतापूर्ण नीतियों और दोहरे मानदंड को खत्म करने की शर्त भी रखी है। उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग ने कहा कि अगर उत्तर कोरिया को लेकर दक्षिण कोरिया अपनी शत्रुतापूर्ण नीतियों और दोहरे मानदंड को बढ़ावा देना बंद करता है तो उनका देश बातचीत बहाल करने की इच्छा रखता है।

खुल सकती शांति की राह

किम यो जोंग का यह बयान दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन की उस अपील पर आया, जिसमें उन्होंने वर्ष 1950-53 के कोरियाई युद्ध को खत्म करने की घोषणा के लिए वार्ता की मांग दोहराई थी। इससे शांति की राह खुल सकती है। उस दौर में दोनों देशों में युद्ध विराम हो गया था, लेकिन शांति समझौता अभी तक नहीं हुआ है।

हाल में किए थे कई मिसाइल परीक्षण


किम की बहन के इस वार्ता प्रस्ताव से कुछ दिनों पहले ही उत्तर कोरिया ने कई मिसाइल परीक्षण किए थे। इस दौरान दक्षिण कोरिया ने भी पनडुब्बी से मार करने वाली मिसाइल का पहला परीक्षण किया था। बता दें कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास और अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों को उत्तर कोरिया अपने प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया मानता है।

2018 से सुधरे थे संबंध


वर्ष 2018 से उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों में सुधार आया था। नतीजन तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच तीन बार मुलाकात हुई थी, लेकिन 2019 में परमाणु मसले पर बातचीत विफल हो गई थी। इसके बाद से उत्तर कोरिया की अमेरिका और दक्षिण कोरिया से वार्ता बंद है।


फेसबुक समेत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मो पर आस्ट्रेलिया लगाएगा कानूनी लगाम

फेसबुक समेत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मो पर आस्ट्रेलिया लगाएगा कानूनी लगाम

आस्ट्रेलिया ने आनलाइन विज्ञापनदाताओं पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है। खासकर बच्चों के मामले में वह फेसबुक समेत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मो पर कानूनी रूप से नजर रखने की योजना बना रहा है। इसके लिए आस्ट्रेलिया सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के फेसबुक जैसे इंटरनेट मीडिया पर रहने के लिए माता-पिता की सहमति लेने के प्रविधान करने की योजना बनाई है। यह ऐतिहासिक कानून आस्ट्रेलियाई नागरिकों की आनलाइन सुरक्षा का ख्याल रखेगा। इस कानून का उल्लंघन करने पर 75 लाख डालर का जुर्माना तक लग सकता है। इस कानून के मसौदे को जारी किया जा चुका है।

यूजर्स को विभिन्न आनलाइन प्लेटफार्मो पर कोड से बंधी हुई मिलेंगी सेवाएं

नए कानून के तहत इंटरनेट मीडिया को सभी जिम्मेदार कदम उठाने होंगे ताकि यूजर्स की उम्र की पुष्टि की जा सके। इस उम्र के आधार पर ही यूजर्स को विभिन्न आनलाइन प्लेटफार्मो पर कोड से बंधी हुई सेवाएं मिलेंगी। इन इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्मो पर बच्चों से जुड़ी प्राथमिक चिंताओं का ध्यान रखा जाएगा। नियमों से बंधे इन कोड में इन इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्मो पर बच्चों का होना काफी सहज और सुरक्षित होगा। 16 साल से कम उम्र के बच्चों को इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंचों पर आने के लिए माता-पिता की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया जाएगा।

प्रस्तावित कानून लाने की प्रारूप तब लाया गया जब पिछले दिनों फेसबुक के पूर्व प्रोडक्ट मैनेजर फ्रांसिस हुगन ने कहा था कि जब भी जनता की भलाई और कंपनी के फायदे के बीच चुनना होगा, वह अपने हितों को देखेंगे।

फेसबुक समेत कई अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के नियम कानून को लेकर कई देश उनपर शिकंजा कसते जा रहे हैं। फेसबुक की कई भ्रामक पोस्ट को लेकर यूजर्स पहले भी कई आपत्ति दर्ज कराते आए हैं।