चीन से बढ़ते खतरों के बीच अपना रक्षा बजट बढ़ाएगा जापान, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को उम्मीद

चीन से बढ़ते खतरों के बीच अपना रक्षा बजट बढ़ाएगा जापान, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने उम्मीद जताई है कि जापान अपने रक्षा बजट में वृद्धि करेगा। जापानी मीडिया ने शनिवार को बताया कि जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के साथ अक्टूबर में फोन काल पर बातचीत के दौरान बाइडन  ने उम्मीद जताई थी कि जापान अपना रक्षा बजट बढाएगा।

क्योडो न्यूज ने एक राजनयिक स्रोत का हवाला देते हुए बताया कि बाइडन की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब किशिदा ने चीन और उत्तर कोरिया से बढ़ते खतरों के बीच देश की रक्षा के लिए एक मजबूत आत्मरक्षा बल बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। जापान ने अब तक अपना रक्षा बजट देश के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 1 प्रतिशत रखा है। शनिवार को जापानी प्रधानमंत्री ने देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने का संकल्प लिया।

क्योडो न्यूज ने बताया कि किशिदा की टिप्पणी ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जीएसडीएफ) बेस पर एक भाषण के दौरान आई, जहां उन्होंने उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रौद्योगिकी के तेजी से विकास और चीन के सैन्य विस्तार के बारे में चिंता व्यक्त की। किशिदा ने अपनी पहली सैन्य समीक्षा में दुश्मन के ठिकाने पर हमला करने की क्षमता हासिल करने सहित सभी विकल्पों पर विचार करने का संकल्प दोहराया। किशिदा ने कहा कि जापान (उत्तर कोरिया के) हाल के विकास और नई तकनीकों जैसे हाइपरसोनिक ग्लाइड हथियारों और अनियमित कक्षाओं वाली मिसाइलों के विकास की अनदेखी नहीं कर सकता।

इससे पहले किशिदा ने शुक्रवार को लगभग 50 एशियाई और यूरोपीय देशों के नेताओं की वर्चुअल बैठक में अपनी टिप्पणी के दौरान चीन में मानवाधिकारों के मुद्दों पर भी कड़ी चिंता व्यक्त की थी। किशिदा ने शिखर सम्मेलन के दौरान हांगकांग के साथ-साथ उत्तर-पश्चिमी चीन के शिंजियांग क्षेत्र में अधिकारों की स्थिति के बारे में चिंता व्यक्त की।


भारत-पाक बंटवारे में जुदा हुए दो भाई मिले 74 साल बाद, ऐसी रही दोनों की मुलाकात

भारत-पाक बंटवारे में जुदा हुए दो भाई मिले 74 साल बाद, ऐसी रही दोनों की मुलाकात

इस्लामाबाद फिर दो दिलों को मिलाने का जरिया बना है। इस बार कॉरिडोर के कारण 74 साल बाद दो बिछड़े भाइयों की मुलाकात हुई है। ये दोनों भाई भारत-पाकिस्तान बंटवारे के कारण एक दूसरे से अलग हो गए थे। दोनों भाईयों को पहचान मुहम्मद सिद्दीक और भारत में रहने वाले उनके भाई हबीब उर्फ शेला के नाम से हुई है।

74 साल बाद भरी आंखों के साथ मिले दोनों भाई पाकिस्तानी मीडिया एआरवॉय न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 80 साल के मुहम्मद सिद्दीक पाकिस्तान के फैसलाबाद शहर में रहते हैं। वे बंटवारे के वक्त अपने परिवार से अलग हो गए थे। उनके भाई हबीब उर्फ शेला भारत के पंजाब में रहते हैं। करतारपुर कॉरिडोर में इतने लंबे अरसे बाद एक दूसरे को देख दोनों की आंखें भर आई और वे भावुक होकर गले मिले।

सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा वीडियो सोशल मीडिया पर इन दोनों भाइयों के मुलाकात का एक वीडियो भी शेयर किया जा रहा है। इसमें दोनों अपने-अपने रिश्तेदारों के साथ करतारपुर कॉरिडोर में दिखाई दे रहे हैं। मुलाकात के दौरान दोनों भाई एक दूसरे को भावुक होकर गले लगाते नजर आए। इस वीडियो में परिवार के अलावा गुरुद्वारा प्रबंधन के अधिकारी भी नजर आ रहे हैं।

पहले भी मिल चुके हैं दो दोस्त इससे पहले पिछले साल भी करतारपुर कॉरिडोर में दो बिछड़े दोस्त 74 साल बाद मिल पाए थे। भारत के सरदार गोपाल सिंह अपने बचपन के दोस्त अब 91 साल के मोहम्मद बशीर से 1947 में अलग हो गए थे। इस समय सरदार गोपाल सिंह की उम्र 94 साल जबकि मोहम्मद बशीर 91 साल के हो चुके हैं।

करतारपुर कॉरिडोर के बारे में जानिए भारत में पंजाब के डेरा बाबा नानक से पाक सीमा तक कॉरिडोर का निर्माण किया गया है और वहीं पाकिस्तान भी सीमा से नारोवाल जिले में गुरुद्वारे तक कॉरिडोर का निर्माण हुआ है। इसी को करतारपुर साहिब कॉरिडोर कहा गया है। करतारपुर साहिब सिखों का पवित्र तीर्थ स्थल है। यह पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित है। यह भारत के पंजाब के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से तीन से चार किलोमीटर दूर है और करीब लाहौर से 120 किलोमीटर दूर है। यह सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव जी का निवास स्थान था और यहीं पर उनका निधन भी हुआ था। ऐसे में सिख धर्म में इस गुरुद्वारे के दर्शन का का बहुत अधिक महत्व है।