कई सिलसिलेवार धमाकों से फिर दहला अफगानिस्तान, तीन की मौत

कई सिलसिलेवार धमाकों से फिर दहला अफगानिस्तान, तीन की मौत

अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आते ही वहां अस्थिरता का माहौल है। अफगान की राजधानी काबुल समेत अन्य प्रांतों में ब्लास्ट की घटनाएं बढ़ गई हैं। अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत के जलालाबाद शहर में सिलसिलेवार कई विस्फोट हुए हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार शुक्रवार सुबह तीन शव मिले हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सभी मृतकों को अस्पताल ले जाया गया।

घटना की अधिक जानकारी देते हुए टोलो न्यूज ने ट्वीट किया, 'शुक्रवार सुबह नंगरहार के जलालाबाद शहर में तीन शव मिले और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय अधिकारियों ने इस घटना के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है।'

वहीं, दूसरी घटना को लेकर इसके पहले टोलो ने बताया था कि बुधवार को पूर्वी प्रांत नंगरहार में जलालाबाद शहर में कई हमले हुए, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी।

अफगानिस्तान के मौजूदा हालात को लेकर भारत समेत विश्वभर के कई शीर्ष नेताओं ने चिंता जाहिर की है। पिछले दिनों पाकिस्तान में मौजूद संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी की हाई कमिश्नर फिलिपो ग्रांडी ने कहा कि अफगानिस्तान में मानवीय स्थितियां बहुत ही खराब हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तत्काल मदद के लिए आगे आना चाहिए।


बेरोजगारी के चलते अफगान के पूर्व पुलिसकर्मी ने की आत्महत्या

तालिबान के सत्ता में आते ही पूरे अफगानिस्तान की आर्थिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। अफगानिस्तान में बेरोजगारी अपने चरम पर है। पूर्वी कुनार प्रांत में एक पूर्व अफगान पुलिसकर्मी ने नौकरी से निकाले जाने व आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते आत्महत्या कर ली। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को 38 वर्षीय पुलिसकर्मी शाकर की आत्महत्या से मौत हो गई।


अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था। पिछली सरकार ने भी उनके तीन महीने के वेतन का भुगतान नहीं किया था। मृतक की दो पत्नियां और सात बच्चे थे, साथ ही उसकी मां और भाई-बहन भी थे, जो सभी उसके द्वारा आर्थिकआय पर निर्भर थे।

तालिबान के अधिग्रहण के बाद से अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों में आत्महत्या के करीब दस मामले सामने आ चुके हैं।


फेसबुक समेत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मो पर आस्ट्रेलिया लगाएगा कानूनी लगाम

फेसबुक समेत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मो पर आस्ट्रेलिया लगाएगा कानूनी लगाम

आस्ट्रेलिया ने आनलाइन विज्ञापनदाताओं पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है। खासकर बच्चों के मामले में वह फेसबुक समेत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मो पर कानूनी रूप से नजर रखने की योजना बना रहा है। इसके लिए आस्ट्रेलिया सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के फेसबुक जैसे इंटरनेट मीडिया पर रहने के लिए माता-पिता की सहमति लेने के प्रविधान करने की योजना बनाई है। यह ऐतिहासिक कानून आस्ट्रेलियाई नागरिकों की आनलाइन सुरक्षा का ख्याल रखेगा। इस कानून का उल्लंघन करने पर 75 लाख डालर का जुर्माना तक लग सकता है। इस कानून के मसौदे को जारी किया जा चुका है।

यूजर्स को विभिन्न आनलाइन प्लेटफार्मो पर कोड से बंधी हुई मिलेंगी सेवाएं

नए कानून के तहत इंटरनेट मीडिया को सभी जिम्मेदार कदम उठाने होंगे ताकि यूजर्स की उम्र की पुष्टि की जा सके। इस उम्र के आधार पर ही यूजर्स को विभिन्न आनलाइन प्लेटफार्मो पर कोड से बंधी हुई सेवाएं मिलेंगी। इन इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्मो पर बच्चों से जुड़ी प्राथमिक चिंताओं का ध्यान रखा जाएगा। नियमों से बंधे इन कोड में इन इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्मो पर बच्चों का होना काफी सहज और सुरक्षित होगा। 16 साल से कम उम्र के बच्चों को इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंचों पर आने के लिए माता-पिता की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया जाएगा।

प्रस्तावित कानून लाने की प्रारूप तब लाया गया जब पिछले दिनों फेसबुक के पूर्व प्रोडक्ट मैनेजर फ्रांसिस हुगन ने कहा था कि जब भी जनता की भलाई और कंपनी के फायदे के बीच चुनना होगा, वह अपने हितों को देखेंगे।

फेसबुक समेत कई अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के नियम कानून को लेकर कई देश उनपर शिकंजा कसते जा रहे हैं। फेसबुक की कई भ्रामक पोस्ट को लेकर यूजर्स पहले भी कई आपत्ति दर्ज कराते आए हैं।