कैलिफोर्निया में वैक्सीन जैकपॉट, जानें दस विजेताओं को मिलेगी कितनी धनराशि

कैलिफोर्निया में वैक्सीन जैकपॉट, जानें दस विजेताओं को मिलेगी कितनी धनराशि

कैलिफोर्निया में वैक्सीन लॉटरी के दस विजेताओं के नाम का ऐलान किया गया। वैक्सीन जैकपॉट के जरिए घोषित विजेताओं में से प्रत्येक को 15 लाख रुपये की धनराशि बतौर इनाम दिए जाएंगे। राज्य में कोरोना वायरस सख्ती को खत्म करने के क्रम में गवर्नर गेविन न्यूसम (Governor Gavin Newsom) ने मंगलवार को यूनिवर्सल स्टुडियोज में वैक्सीन की खुराक ले चुके कैलिफोर्निया के दस लोगों को ईनाम देने की घोषणा की है। दरअसल लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रोत्साहित करने के क्रम में यहां वैक्सीन लेने के बाद पुरस्कृत करने का प्रोग्राम 'Vax for the Win' चलाया गया।

लॉस एंजेल्स में नर्स कोरडोवा (Cordova) राज्य की पहली नागरिक हैं जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की खुराक पिछले साल दिसंबर में ली थी। उन्होंने कहा कि यह उनके करियर का सबसे बुरा फेज है जब इतनी मौतों का सामना करना पड़ा। 22 मिलियन लोगों में से उन दस विजेताओं के नामों की घोषणा हुई जो कम से कम वैक्सीन की एक डोज भी ले चुके हैं। बता दें कि 2019 के अंत में चीन के वुहान में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला सामने आया था। इसके दो-तीन माह बाद ही 11 मार्च को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी घोषित कर दिया। कोरोना संक्रमण के कारण सबसे बुरा हाल अमेरिका का रहा।


देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य कैलिफोर्निया में पूरी तरह पाबंदियों को हटाने से पहले अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाने के क्रम में इस तरह की योजनाओं को लाया गया। कैलिफोर्निया ऐसा पहला राज्य नहीं है, जहां वैक्सीन लगाने के बदले में इनामी राशि की घोषणा की गई है। ओहायो में भी ‘वैक्स-ए-मिलियन’ प्रतियोगिता आयोजित की गई और 10 विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा कोलोराडो और ओरेगांव ने भी 10 लाख डॉलर के इनाम की घोषणा की गई थी। उल्लेखनीय है कि दुनिया के अधिकांश देशों में कोरोना वैक्सीन की डोज लेने में लोग कतरा रहे हैं।


भारत-चीन: 12वें दौर की बातचीत भले ही नौ घंटे चली हो, लेकिन...

भारत-चीन: 12वें दौर की बातचीत भले ही नौ घंटे चली हो, लेकिन...

भारत और चाइना के सैन्य कमांडरों ने पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए 12 वें दौर की बातचीत की. बातचीत कोई नौ घंटे चली लेकिन इसके नतीजे अनुमान के अनुरूप ही आए. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक दोनों राष्ट्रों के सैन्य कमांडरों के बीच में सीमा क्षेत्र में तनाव घटाने, एकतरफा सैन्य कार्रवाई या एक दूसरे को उकसाने जैसी कार्रवाई से बचने के तरीकों पर सहमति बनी है, लेकिन गोगरा पोस्ट और हॉटस्प्रिंग समेत भारतीय चिंताओं वाले इलाके से अपनी फौज को पीछे ले जाने पर चाइना की तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला. विदेश मंत्रालय के ऑफिसरों को भी वैसे अभी इस मामले का सीधा निवारण नहीं दिखाई दे रहा है.


हॉटस्प्रिंग, गोगरा पोस्ट समेत अन्य स्थानों से चीनी सुरक्षा बलों की वापसी को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 14 जुलाई को अपने चाइना के समकक्ष वांग यी से चिंताओं का  साझा किया था. विदेश मंत्री ने दोनों राष्ट्रों के विदेश मंत्रियों के बीच में विसैन्यीकरण को लेकर पहली बनी सहमति का भी हवाला दिया था और कम्पलेन दर्ज कराते हुए अभी तरक पूर्ण विसैन्यीकरण न हो पाने का उल्लेख किया था. दोनों विदेश मंत्रियों के बीच में यह बातचीत संघाई योगदान संगठन के विदेश मंत्रियों की मीटिंग से इतर दुशांबे में हुई थी. विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में हिंदुस्तान की विसैन्यीकरण को लेकर चिंताओं को प्रमुखता से रेखांकित किया गया था.

 लेकिन चाइना के विदेश मंत्री वांग यी ने दे दी नसीहत
विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान के अंश को विदेश मंत्रालय द्वारा जारी करने के बाद चीनी दूतावास ने विदेश मंत्री वांग यी के वार्ता के अंश को जारी किया. वांग यी इसमें हिंदुस्तान को नसीहत देते दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने अपने बयान में हिंदुस्तान को संबंध को सामान्य बनाने की नसीहत दे दी है. वांग यी ने अपने बयान में साफ बोला कि पिछले वर्ष भारत-चीन सीमा क्षेत्र में जो कुछ हुआ उसके अधिकार और गलतियां बहुत स्पष्ट हैं और जिम्मेदारी चीनी पक्ष की नहीं है. चाइना ने मामले के निवारण के लिए वार्ता के माध्यम से निवारण पर सहमति जताई, लेकिन विसैन्यीकरण के मामले पर विदेश मंत्री टाल मटोल करते नजर आए. इसके बजाय वह दोनों राष्ट्रों के द्विपक्षीय संबंधों में सुधार, विस्तार पर जोर देते रहे. उन्होंने बोला कि दोनों राष्ट्रों के बीच में द्विपक्षीय संबंध निचले स्तर हैं. इस दिशा में सार्थक प्रयासों की जरूरत है.

पेंचीदगियां बढ़ रही हैं, चाइना चल रहा चाल
विदेश मामलों के जानकार रंजीत कुमार कहते हैं कि मुख्य मामला तो हॉट स्प्रिंग और गोगरा पोस्ट से चाइना के  सुरक्षा बलों के पीछे जाने का है. लेकिन यह नहीं बोला जा सकता कि आगे क्या होगा और कब होगा? रंजीत कुमार कहते हैं कि पेंचीदगियां बढ़ रही हैं.पूर्व विदेश सचिव शशांक का भी बोलना है कि चाइना अब विसैन्यीकरण के मामले को टाल रहा है. विदेश मंत्रालय के एक संयुक्त सचिव कहते हैं कि वार्ता सकारात्मक माहौल में हो रही है. दोनों देश सीमा पर शांति, सौहार्द बनाए रखने के तरीका कर रहे हैं. वह कहते हैं कि केस कुछ तकनीकी होता जा रहा है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि वार्ता से इसका निवारण निकल आएगा. सूत्र का बोलना है कि हिंदुस्तान और चाइना के तमाम आर्थिक, सियासी हित जुड़े हैं. इसलिए आशा है कि जल्द ही इसका निवारण निकल आएगा.