रक्षा संबंधों को मजबूती देने श्रीलंका पहुंचे सेना प्रमुख नरवणे, शीर्ष सैन्य अधिकारियों से होगी वार्ता

रक्षा संबंधों को मजबूती देने श्रीलंका पहुंचे सेना प्रमुख नरवणे, शीर्ष सैन्य अधिकारियों से होगी वार्ता

भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे चार दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को श्रीलंका पहुंचे। इस दौरान वह द्विपक्षीय सैन्य संबंधों की प्रगाढ़ता के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा की चुनौतियों जैसे मुद्दों पर श्रीलंकाई नेतृत्व व शीर्ष सैन्य अधिकारियों से बातचीत करेंगे। द्वीपीय राष्ट्र में प्रभाव बढ़ाने की चीन की कोशिशों के बीच जनरल नरवणे का श्रीलंकाई दौरा अहम माना जा रहा है।

श्रीलंकाई समकक्ष जनरल शावेंद्र सिल्वा के निमंत्रण पर कोलंबो पहुंचे नरवणे का हवाईअड्डे पर शीर्ष सैन्य कमांडर ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट किया, 'जनरल नरवणे का दौरा भारत व श्रीलंका के बीच सैन्य सहयोग को और मजबूत करेगा।' जनरल नरवणे श्रीलंकाई सेना के सर्वोच्च कमांडर व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे तथा प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे से भी मुलाकात कर सकते हैं।

श्रीलंकाई सेना ने बताया, 'जनरल नरवणे को बुधवार को सैन्य मुख्यालय में रंगारंग गार्ड टर्नआउट के साथ विशेष गारद सलामी दी जाएगी।' जनरल नरवणे गुरुवार को मादुरु ओया स्पेशल फोर्स ट्रेनिंग स्कूल में चल रहे द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास 'मित्र शक्ति' के अंतिम प्रदर्शन का साक्षी बनेंगे। 12 दिनों तक चलने वाले इस द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास के आठवें संस्करण की शुरुआत चार अक्टूबर को हुई थी। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच आतंकवाद के मुकाबले के लिए साझा सहयोग विकसित करना है।


जनरल नरवणे भारतीय शांति सेना (आइपीकेएफ) के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए कोलंबो के करीब पहाड़ पर बने स्मारक का भी दौरा कर सकते हैं। वह वर्ष 1987-90 के बीच आइपीकेएफ के तहत श्रीलंका के उत्तरी व पूर्वी क्षेत्र में सेवा दे चुके हैं। उल्लेखनीय है कि एक हफ्ते पहले ही विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला ने श्रीलंका का दौरा किया था और देश के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की थी। उन्होंने राष्ट्रपति राजपक्षे को द्विपक्षीय मुद्दों पर वार्ता के लिए धन्यवाद भी दिया था।


फेसबुक समेत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मो पर आस्ट्रेलिया लगाएगा कानूनी लगाम

फेसबुक समेत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मो पर आस्ट्रेलिया लगाएगा कानूनी लगाम

आस्ट्रेलिया ने आनलाइन विज्ञापनदाताओं पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है। खासकर बच्चों के मामले में वह फेसबुक समेत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मो पर कानूनी रूप से नजर रखने की योजना बना रहा है। इसके लिए आस्ट्रेलिया सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के फेसबुक जैसे इंटरनेट मीडिया पर रहने के लिए माता-पिता की सहमति लेने के प्रविधान करने की योजना बनाई है। यह ऐतिहासिक कानून आस्ट्रेलियाई नागरिकों की आनलाइन सुरक्षा का ख्याल रखेगा। इस कानून का उल्लंघन करने पर 75 लाख डालर का जुर्माना तक लग सकता है। इस कानून के मसौदे को जारी किया जा चुका है।

यूजर्स को विभिन्न आनलाइन प्लेटफार्मो पर कोड से बंधी हुई मिलेंगी सेवाएं

नए कानून के तहत इंटरनेट मीडिया को सभी जिम्मेदार कदम उठाने होंगे ताकि यूजर्स की उम्र की पुष्टि की जा सके। इस उम्र के आधार पर ही यूजर्स को विभिन्न आनलाइन प्लेटफार्मो पर कोड से बंधी हुई सेवाएं मिलेंगी। इन इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्मो पर बच्चों से जुड़ी प्राथमिक चिंताओं का ध्यान रखा जाएगा। नियमों से बंधे इन कोड में इन इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्मो पर बच्चों का होना काफी सहज और सुरक्षित होगा। 16 साल से कम उम्र के बच्चों को इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंचों पर आने के लिए माता-पिता की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया जाएगा।

प्रस्तावित कानून लाने की प्रारूप तब लाया गया जब पिछले दिनों फेसबुक के पूर्व प्रोडक्ट मैनेजर फ्रांसिस हुगन ने कहा था कि जब भी जनता की भलाई और कंपनी के फायदे के बीच चुनना होगा, वह अपने हितों को देखेंगे।

फेसबुक समेत कई अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के नियम कानून को लेकर कई देश उनपर शिकंजा कसते जा रहे हैं। फेसबुक की कई भ्रामक पोस्ट को लेकर यूजर्स पहले भी कई आपत्ति दर्ज कराते आए हैं।