हरियाणा सरकार ने इससे जुड़े चिकित्सा व पारा मेडिकल स्टाफ को लेकर लिया यह बड़ा निर्णय, जाने खबर

हरियाणा सरकार ने इससे जुड़े चिकित्सा व पारा मेडिकल स्टाफ को लेकर लिया यह बड़ा निर्णय, जाने खबर

कोरोना वायरस के मरीजों के उपचार के लिए दुनियाभर में चिकित्सा स्टाफ जुटा हुआ है. ऐसे में हरियाणा सरकार ने इससे जुड़े चिकित्सा व पारा मेडिकल स्टाफ जिनका इस माह रिटायरमेंट होना है की सेवा को आगे बढ़ाने का निर्णय किया है. 

क्राइसिस कॉर्डिनेशन कमिटी की मीटिंग में ये निर्णय लिया गया है. देश  में कोरोना वायरस की सक्रियतता भयानक होती जा रही है. दरअसल संक्रमण अब देश में तेजी से फैल रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक देश में इससे 10 लोगों की मृत्यु हो चुकी है. राजधानी में मृत्यु का दूसरा मुद्दा सामने आया. वहीं, तमिलनाडु में भी एक मृत्यु हुई है. इसके साथ ही देश में कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़कर 605 हो गई.

कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश में बुधवार से 21 दिनों का लॉकडाउन प्रारम्भ हो गया है. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार रात लॉकडाउन की घोषणा करते हुए लोगों से घर से बाहर नहीं निकलने को बोला था. उन्होंने बोला कि यह लॉकडाउन कर्फ्यू जैसा ही होगा. हालांकि, महत्वपूर्ण सेवाओं की चीजें पहले की तरह ही चलती रहेंगी. इसको लेकर गृहमंत्रालय ने छह पन्नों वाली गाइडलाइन भी जारी की है.

अध्ययन में बताया गया है कि यदि कोरोना वायरस को रोकने के लिए कोई तरीका नहीं किए गए तो 15 मई तक प्रति एक लाख आबादी में से 161 लोग कोरोना के संक्रमण का शिकार बन जाएंगे. अगर देशभर में इस दौरान यातायात प्रतिबंधित कर दिया जाए तो यह संख्या घटकर प्रति लाख आबादी पर 48 रह जाएगी. यातायात प्रतिबंध के साथ अगर लोगों को सोशल क्वारंटाइन कर दिया जाए तो भी प्रति लाख 4 लोग इस संक्रमण का शिकार होंगे. वहीं, एक हफ्ते का संपूर्ण लॉकडाउन कोरोना संक्रमण को एक आदमी प्रति लाख आबादी पर ला सकता है. विशेषज्ञों की मानें तो तीन हफ्ते का लॉकडाउन कोरोना वायरस के संक्रमण को पूरी तरह निष्प्रभावी कर सकता है.