सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान में सीएम वर्चुअल, जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं

सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान में सीएम वर्चुअल, जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने सरकार की वर्चुअल मुलाकातों बयान जारी कर पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है पूनिया ने बोला कि प्रदेश की कांग्रेस पार्टी सरकार वर्चुअल है सीएम वर्चुअल हैं और अगले चुनाव में इनको वोट भी वर्चुअल ही मिलेंगे, क्योंकि ऐसी जनविरोधी और वादाखिलाफी वाली सरकार से जनता किनारा कर लेगी पूनिया ने बोला कि जनता भी इनसे वर्चुअल जैसा ही व्यवहार करेगी

पूनिया ने बोला कि सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से अपने घर से सीएम कार्यालय तक भी नहीं गए और ना ही प्रदेश में कहीं दौरे पर गए सतीश पूनिया ने बोला कि सीएम जनता से भी नहीं मिले हैं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने बोला कि ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनको प्रदेश की जनता की बिल्कुल चिंता नहीं है और बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर भी सीएम गंभीर नहीं हैं क्योंकि प्रदेश में आए दिन दुष्कर्म, गैंगरेप के मुद्दे आ रहे हैं, लेकिन सीएम जो गृहमंत्री भी हैं, वे कोई ठोस एक्शन प्लान बनाने के बजाय केवल वर्चुअल बैठकों में व्यस्त रहते हैं

 उन्होंने बोला कि सीएम तो वर्चुअली सरकार चला ही रहे हैं, लेकिन इनके प्रभारी मंत्रियों ने भी जनता से पूरी तरह दूरी बना रखी है कोविड-19 काल में भी इनका एक भी मंत्री जनता की सुध लेने नहीं पहुंचा इससे साफ है कि जब राजा ही प्रजा के हाल नहीं पूछ रहा तो मंत्री भी क्यों पूछे, इसी ढर्रे पर सरकार चल रही है

पूनिया का बोलना है कि कोविड से संक्रमित होने के बाद स्वस्थ्य होकर उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने अपने-अपने प्रदेश के दौरे किए और जनता से लगातार सम्पर्क में रहे उन्होंने हॉस्पिटल ों की व्यवस्थाएं मजबूत की, जमीन पर कार्य भी किया, लेकिन सीएम गहलोत केवल वर्चुअल ढंग से ही सरकार चला रहे हैं, जिससे वादे पूरे नहीं हो रहे और प्रदेश की जनता में आक्रोश है

उन्होंने बोला कि प्रदेश के किसानों से सम्पूर्ण कर्जमाफी का वादा अभी तक सीएम ने पूरा नहीं किया और ना ही भर्तियां पूरी कर रहे हैं पूनिया ने बोला कि आज प्रदेश का युवा विभिन्न भर्तियों को पूरी करने के लिए आंदोलनरत है, लेकिन सीएम का किसानों, युवाओं और आमजन के हितों से कोई सरोकार नहीं है


अखिलेश यादव ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया ‘ई-रावण’, कहा...

अखिलेश यादव ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया ‘ई-रावण’, कहा...

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर सियासी फायदे के लिए षड्यंत्र रचने और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं को ‘ई-रावण’ का नाम दिया. पूर्व मुख्यमंत्री ने बोला कि इनसे निपटने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सावधान कर दिया है.

ने बोला कि बीजेपी अपने प्रचार और नफरत फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर ‘ई-रावण’ की किरदार में आ गई है और वह रावण की तरह ही भेष बदलकर सोशल मीडिया पर अफ़वाह और असत्य फैला रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेता छद्म रूप में सपा समर्थक बनकर सोशल मीडिया पर आते हैं और सपा के विरूद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करते हैं. यादव ने बोला कि मैंने अपनी पार्टी के कैडर से ऐसे छद्म लोगों से सावधान रहने और सोशल प्‍लेटफॉर्म पर उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए बोला है. उन्हें कुछ भी साझा करने, उत्तर देने की आवश्यकता नहीं है बल्कि संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों के बारे में पार्टी ऑफिस को रिपोर्ट करने को बोला गया है.

सपा को निशाना बनाकर झूठी सूचना फैलाने वालों के विरूद्ध आक्रामक रुख अपनाते हुए पार्टी ने पिछले सप्ताह कार्रवाई भी की. के कथित फर्जी ट्विटर एकाउंट बनाकर घृणा फैलाने के मुद्दे में सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने अज्ञात लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई और ट्वीट के स्‍क्रीन शॉट्स भी दिये जिसमें दावा किया गया था कि प्रदेश में सपा के सत्ता में आने के बाद अयोध्या में राम मंदिर के जगह पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया जाएगा.

इस मुद्दे में 25 जुलाई को राजधानी के गौतमपल्ली थाने में अज्ञात लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी. अखिलेश यादव ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, “2022 के चुनाव समीप हैं और बीजेपी के लोग कुछ भी कर सकते हैं क्योंकि वे सत्ता हथियाने के लिए असत्य बोलने और लोगों को बेवकूफ बनाने में माहिर हैं. उनका उद्देश्य विकास सहित मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाना है.

अखिलेश ने कहा, “हमने अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासित, सभ्य और सोशल मीडिया में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा में धैर्य बरतने के लिए बोला है, जो संवाद और विचार जाहीर करने के लिए एक मजबूत माध्यम के रूप में उभरा है. दुर्भाग्य से बीजेपी इसका दुरुपयोग कर रही है.

यादव ने बोला कि प्रदेश में बीजेपी सरकार के साढ़े चार वर्ष बीत चुके हैं और विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि बीजेपी के पास अपनी उपलब्धि गिनाने के लिए एक भी कार्य नहीं है. सपा से ही प्रदेश के लोगों को उम्‍मीद बताते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी 2022 के विधानसभा चुनावों में 350 सीटें जीतेगी.

यादव ने कहा, “जब बीजेपी असत्य बोलकर 300 से अधिक सीटें जीत सकती है, तो हम अपनी सरकार में किए गए विकास कार्यों के मामले पर अधिक सीटें क्यों नहीं जीत सकते?”

उन्होंने बोला कि प्रदेश में बीजेपी शासन में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेकार है और स्त्रियों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं. उन्होंने बोला “पूरे देश ने देखा है कि पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान स्त्रियों के साथ क्या व्यवहार किया गया. कैसे बीजेपी के गुंडों ने स्त्रियों के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए कानून अपने हाथ में लिया.

अखिलेश ने आरोप लगाया कि “भाजपा को लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है. लोकतंत्र खतरे में है और लोकतंत्र को बीजेपी के धोखे से बचाने के लिए सपा लोगों की आवाज उठा रही है.

यादव ने पहले आरोप लगाया था कि लखीमपुर खीरी में हाल ही में हुए क्षेत्र पंचायत प्रमुख चुनाव के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सपा उम्मीदवार रितु सिंह और उनकी प्रस्तावक अनीता यादव की साड़ियां खींच ली थी.

रितु सिंह की कम्पलेन के आधार पर लखीमपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं के विरूद्ध केस दर्ज किया गया था और इस मुद्दे में छह पुलिसवालों को भी निलंबित कर दिया गया. दूसरी ओर बीजेपी ने बोला कि किसी भी दुर्व्यवहार में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.