दिल्ली में कोरोना केस बढ़ने के साथ ही कंटेनमेंट जोन की संख्या हुई इतनी , संक्रमण में हुई वृद्धि

दिल्ली में कोरोना केस बढ़ने के साथ ही कंटेनमेंट जोन की संख्या हुई इतनी , संक्रमण में  हुई वृद्धि

नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना केस बढ़ने के साथ ही कंटेनमेंट जोन की संख्या भी काफी तेजी से बढ़ रही है। स्थिति यह है कि बीते 12 दिन में ही कंटेनमेंट जोन की संख्या में 17 गुना बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल 20 हजार से ज्यादा इलाके पूरी तरह से कंटेनमेंट जोन के दायरे में आ चुके हैं। 


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दिल्ली में एक जनवरी तक 1,243 कंटेनमेंट जोन थे, जो अब बढ़कर 20,878 हो गई है। राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण में वृद्धि के अनुपात में इन क्षेत्रों की संख्या में वृद्धि हुई है। जिला अधिकारियों के अनुसार संक्रमण फैलने से रोकने के लिए माइक्रो कंटेनमेंट पर जोर दिया जा रहा है। आम तौर पर एक क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन के रूप में तब नामित किया जाता है जब परिवार या पड़ोस में तीन या अधिक संक्रमित मिल रहे हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि हर जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को क्षेत्र की स्थिति का आकलन करना होता है। कई बार भले ही किसी घर में एक भी मामला हो लेकिन एहतियात के तौर पर वहां कंटेनमेंट जोन भी बनाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित करना सीडीएमओ, जिला मजिस्ट्रेट और जिला निगरानी अधिकारी के आकलन पर निर्भर करता है।
आंकड़ों के अनुसार, मध्य जिले में 3,400 से अधिक सक्रिय कंटेनमेंट जोन में हैं। इसके बाद पश्चिम में 2,680 और दक्षिण जिले में 1,481 जोन बन चुके हैं। पूर्वी और पूर्वोत्तर जिले में क्रमश: 139 और 278 सक्रिय कंटेनमेंट जोन हैं। इस साल एक जनवरी को जब कोरोना के दैनिक मामलों की संख्या 2,716 थी और संक्रमण दर 3.64 फीसदी थी, तब कंटेनमेंट जोन की संख्या 1,243 थी। अगले दिन 4.5 फीसदी से अधिक संक्रमण दर हुई और कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़कर 1,621 तक पहुंच गई।


देश में तीसरे दिन दो लाख से आये अधिक केस, दिल्ली मई इतने लोगो की हुई मौत

देश में तीसरे दिन दो लाख से  आये अधिक केस,  दिल्ली मई इतने लोगो की हुई मौत

विस्तार दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि राजधानी में कोरोना का पीक निकल गया है। अब रोजाना मिलने वाले मामलों में गिरावट आएगी। हालांकि, बीते दो दिन में कोरोना की जांच 36 फीसदी तक कम भी हुई हैं। कोरोना की लहर से निपटने के लिए सप्ताहांत कर्फ्यू का शनिवार को असर रहा। बाजार बंद होने से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। सार्वजनिक परिवहन भी कम दिखे। हालांकि लोगों को आवश्यक सेवाएं निर्बाध रूप से मिलीं। 


दो दिन की तुलना में जांच का आंकड़ा 98 हजार से कम होकर 67 हजार तक पहुंच गया है। एक दिन में 67,624 नमूनों की जांच में 30.64, यानी 20,718 संक्रमित मिले हैं। इस दौरान 30 मरीजों की मौत हुई है।

कोरोना की संक्रमण दर 16 फीसदी पार, गंभीर श्रेणी के जिलों की संख्या हुई दोगुनी
कोरोना की तीसरी लहर देश के लगभग सभी राज्यों को अपनी चपेट में ले चुकी है। लगातार तीसरे दिन दो लाख से अधिक केस मिले हैं। देश के 236 जिले गंभीर श्रेणी में हैं। सात से 13 जनवरी के बीच इनमें साप्ताहिक संक्रमण दर 10 फीसदी से भी अधिक पहुंच गई है। पिछले एक सप्ताह के दौरान ही रेड जोन वाले जिलों की संख्या दोगुनी तक बढ़ी है।

देश में बीते एक दिन में 2,68,833 संक्रमित मिले हैं। इस दौरान 1,22,684 ठीक हुए व 402 की मौत हुई है। वहीं, ओमिक्रॉन के मामलों में एक दिन में 5.01 फीसदी की वृदि्ध दर्ज की है। अब 6,041 लोग संक्रमित हैं। संक्रमण दर 16 फीसदी के पार जा चुकी है। 

154 जिलों में दर 5 से 10 फीसदी 154 जिलों में साप्ताहिक संक्रमण दर 5 से 10 फीसदी है। इन जिलों को चिंताजनक श्रेणी में रखा गया है।  यूपी : 15,795 नए मरीज मिले हैं। गौतमबुद्ध नगर में 1873, गाजियाबाद में 1371 मरीज मिले हैं।   मुंबई : 10,661 नए मामले और 11 लोगों की मौत, सक्रिय मामले की संख्या हुई 73518।  हरियाणा : किशोरों को बिना टीका स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलेगा। 26 जनवरी तक स्कूल-कॉलेज बंद हैं। प. बंगाल : चार नगर पालिकाओं के चुनाव अब 12 फरवरी को होंगे। कोविड प्रतिबंध 31 तक रहेंगे।