वैक्सीनेशन पर पॉलिटिक्स करने वालों पर पीएम ने साधा निशाना, बोले...

वैक्सीनेशन पर पॉलिटिक्स करने वालों पर पीएम ने साधा निशाना, बोले...

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज घोषणा कर दी है कि अब केन्द्र सरकार देश के सभी नागरिकों को मुफ्त वैक्सीन (Free Vaccination) उपलब्ध कराएगी। लेकिन इसके पहले इशारों में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैक्सीनेशन के विकेंद्रीकरण की मांग करने वालों पर निशाना भी साधा है। उन्होंने बोला कि जब वैक्सीनेशन प्रोग्राम केन्द्र सरकार चला रही थी तब ये मांग उठी कि इसमें राज्यों को भी छूट मिलनी चाहिए तो हमने छूट दी। लेकिन अब बोला रहा है कि पुरानी वाली व्यवस्था ठीक थी।
उन्होंने कहा, 'इस वर्ष 16 जनवरी से अप्रैल महीने के अंत तक हिंदुस्तान का वैक्सीनेशन प्रोग्राम मुख्यत: केन्द्र सरकार के गुलाम ही चला। देश के नागरिक भी अनुशासन का पालन करते हुए अपनी वैक्सीन लगवा रहे थे। इस बीच, कई प्रदेश सरकारों ने फिर बोला कि वैक्सीन का कार्य विकेंद्रीकृत किया जाए। तरह-तरह के स्वर उठे, जैसे वैक्सीनेशन के लिए एज ग्रुप क्यों बनाए गए? कुछ आवाजें तो ऐसी उठीं कि बुजुर्गों का वैक्सीनेशन पहले क्यों हो रहा है? देश के मीडिया के एक वर्ग ने इसे कैंपेन के रूप में भी चलाया। इसके बाद यह सहमति बनी कि प्रदेश सरकारें यदि ऐसा कोशिश करना चाहती हैं तो हिंदुस्तान सरकार अकेले क्यों करे। इस बात को ध्यान में रखते हुए 25 प्रतिशत कार्य राज्यों को दिया गया। 1 मई से इसकी आरंभ हुई। उसे पूरा करने के लिए उन्होंने अपने तरीकेसे  कोशिश किया। इस दौरान किस तरह की परेशानी आती हैं, उन्हें इसका पता चला। '
अब केन्द्र सरकार मुफ्त उपलब्ध कराएगी वैक्सीन
पीएम मोदी बोले, 'मई में दो हफ्ते बीतते-बीतते कुछ प्रदेश यह कहने लगे कि पहले वाली व्यवस्था अच्छी थी। वैक्सीन का कार्य राज्यों पर छोड़ा जाए, जो इसकी वकालत कर रहे थे उनके विचार भी बदलने लगे। अच्छी बात ये रही है कि समय रहते हुए प्रदेश पुनर्विचार की मांग के साथ फिर आगे आए। राज्यों की मांग पर हमने भी सोचा कि देशवासियों को कोई तकलीफ न आए। इसलिए 1 मई से पहले वाली पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू किया जाए। साथियों आज ये फैसला लिया गया है कि राज्यों के पास जो वैक्सीनेशन से जुड़ा जो 25 प्रतिशत कार्य था, उसकी जिम्मेदारी भी हिंदुस्तान सरकार उठाएगी। ये व्यवस्था आने वाले दो हफ्ते में लागू की जाएगी। इस दो हफ्ते में केन्द्र और प्रदेश आवश्यक व्यवस्था तैयार कर लेंगे। '


अखिलेश यादव ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया ‘ई-रावण’, कहा...

अखिलेश यादव ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया ‘ई-रावण’, कहा...

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर सियासी फायदे के लिए षड्यंत्र रचने और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं को ‘ई-रावण’ का नाम दिया. पूर्व मुख्यमंत्री ने बोला कि इनसे निपटने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सावधान कर दिया है.

ने बोला कि बीजेपी अपने प्रचार और नफरत फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर ‘ई-रावण’ की किरदार में आ गई है और वह रावण की तरह ही भेष बदलकर सोशल मीडिया पर अफ़वाह और असत्य फैला रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेता छद्म रूप में सपा समर्थक बनकर सोशल मीडिया पर आते हैं और सपा के विरूद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करते हैं. यादव ने बोला कि मैंने अपनी पार्टी के कैडर से ऐसे छद्म लोगों से सावधान रहने और सोशल प्‍लेटफॉर्म पर उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए बोला है. उन्हें कुछ भी साझा करने, उत्तर देने की आवश्यकता नहीं है बल्कि संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों के बारे में पार्टी ऑफिस को रिपोर्ट करने को बोला गया है.

सपा को निशाना बनाकर झूठी सूचना फैलाने वालों के विरूद्ध आक्रामक रुख अपनाते हुए पार्टी ने पिछले सप्ताह कार्रवाई भी की. के कथित फर्जी ट्विटर एकाउंट बनाकर घृणा फैलाने के मुद्दे में सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने अज्ञात लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई और ट्वीट के स्‍क्रीन शॉट्स भी दिये जिसमें दावा किया गया था कि प्रदेश में सपा के सत्ता में आने के बाद अयोध्या में राम मंदिर के जगह पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया जाएगा.

इस मुद्दे में 25 जुलाई को राजधानी के गौतमपल्ली थाने में अज्ञात लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी. अखिलेश यादव ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, “2022 के चुनाव समीप हैं और बीजेपी के लोग कुछ भी कर सकते हैं क्योंकि वे सत्ता हथियाने के लिए असत्य बोलने और लोगों को बेवकूफ बनाने में माहिर हैं. उनका उद्देश्य विकास सहित मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाना है.

अखिलेश ने कहा, “हमने अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासित, सभ्य और सोशल मीडिया में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा में धैर्य बरतने के लिए बोला है, जो संवाद और विचार जाहीर करने के लिए एक मजबूत माध्यम के रूप में उभरा है. दुर्भाग्य से बीजेपी इसका दुरुपयोग कर रही है.

यादव ने बोला कि प्रदेश में बीजेपी सरकार के साढ़े चार वर्ष बीत चुके हैं और विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि बीजेपी के पास अपनी उपलब्धि गिनाने के लिए एक भी कार्य नहीं है. सपा से ही प्रदेश के लोगों को उम्‍मीद बताते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी 2022 के विधानसभा चुनावों में 350 सीटें जीतेगी.

यादव ने कहा, “जब बीजेपी असत्य बोलकर 300 से अधिक सीटें जीत सकती है, तो हम अपनी सरकार में किए गए विकास कार्यों के मामले पर अधिक सीटें क्यों नहीं जीत सकते?”

उन्होंने बोला कि प्रदेश में बीजेपी शासन में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेकार है और स्त्रियों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं. उन्होंने बोला “पूरे देश ने देखा है कि पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान स्त्रियों के साथ क्या व्यवहार किया गया. कैसे बीजेपी के गुंडों ने स्त्रियों के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए कानून अपने हाथ में लिया.

अखिलेश ने आरोप लगाया कि “भाजपा को लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है. लोकतंत्र खतरे में है और लोकतंत्र को बीजेपी के धोखे से बचाने के लिए सपा लोगों की आवाज उठा रही है.

यादव ने पहले आरोप लगाया था कि लखीमपुर खीरी में हाल ही में हुए क्षेत्र पंचायत प्रमुख चुनाव के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सपा उम्मीदवार रितु सिंह और उनकी प्रस्तावक अनीता यादव की साड़ियां खींच ली थी.

रितु सिंह की कम्पलेन के आधार पर लखीमपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं के विरूद्ध केस दर्ज किया गया था और इस मुद्दे में छह पुलिसवालों को भी निलंबित कर दिया गया. दूसरी ओर बीजेपी ने बोला कि किसी भी दुर्व्यवहार में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.