मध्य प्रदेश में जल्द ही एक लाख लोगों को मिलेगा रोजगार, CM शिवराज सिंह चौहान का एलान

मध्य प्रदेश में जल्द ही एक लाख लोगों को मिलेगा रोजगार, CM शिवराज सिंह चौहान का एलान

मध्य प्रदेश में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही एक लाख पदों पर भर्तियां शुरू होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते दिन इसका एलान किया था। सीएम ने कहा था कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रोजगार है। राज्य सरकार कुछ ही दिनों में एक लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर रही है। इस बडे़ एलान के बाद ही प्रदेश में नौकरी की आस लगाए बैठे बेरोजगारों के मन में आस जरूर जग गई है। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं को भी रोजगार मिलना चाहिए।

प्रदेश में बेरोजगारी दूर करने के लिए और करना कार्य- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हम जल्द ही एक लाख लोगों को रोजगार देंगे, लेकिन वह काफी नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि कोरोना काल में 300 से अधिक उद्योगों के लिए जमीन आवंटित भी गई है। इससे रोजगार सृजन में 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हमें ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर तलाशने होंगे और बेरोजगारी को दूर करने के लिए कार्य करना होगा।


मध्य प्रदेश में 15 सितंबर से खुल रहे कालेज और विश्वविद्यालय

उधर, 15 सितंबर यानी कल से मध्य प्रदेश में सभी कालेज और विश्वविद्यालय 15 सितंबर से खोले जाने हैं। ऐसे में छात्रों की 50 फीसद उपस्थिति के साथ पढ़ाई शुरू की जाएगी। इस दौरान संपूर्ण शैक्षणिक तथा अशैक्षणिक स्टाफ को मौजूद रहने का आदेश जारी किया गया है। साथ ही टीकाकरण की पहले डोज की प्रमाण पत्र जमा करने के बाद ही कालेज और विश्वविद्यालय में प्रवेश करन दिया जाएगा।

 
अब कालेजों में रामायण और महाभारत भी पढाई जाएगी, शिक्षा विभाग ने दी जानकारी

ऐसे में खबर है कि अब कालेजों में छात्रों को अब रामायण और महाभारत भी पढ़ाई जाएगी। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि इंजीनियरिंग छात्रों के पाठ्यक्रम में रामायण, महाभारत और रामचरितमानस को शामिल किया गया हैं।


कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग (EUA) की मंजूरी जल्द ही मिलने  की उम्मीद है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री डा भारती प्रवीण पवार ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि उम्मीद है कि डब्लूएचओ जल्द ही कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देगा। इससे पहले खबर सामने आी थी कि भारत के इस टीके को 5 अक्टूबर तक आपात उपयोग के लिए डब्लूएचओ से मंजूरी मिलने की संभावना है।

वैक्सीन विकसित करने वाली कंपनी भारत बायोटेक वैक्सीन की सुरक्षा और क्लीनिकल ट्रायल का ​​​​डेटा और जोखिम प्रबंधन योजनाओं और अन्य कार्यान्वयन विचारों पर एक प्रजेंनटेशन देगी। कंपनी ने हाल ही में कहा था कि उसने आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए कोवैक्सीन से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को सौंप दिया है और वैश्विक उससे प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है।


कोवैक्सीन तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में 77.8 प्रतिशत की प्रभावी पाया गया था। इसे हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट की ऑफ वायरोलाजी (NIV) के सहयोग से विकसित किया था। भारत बायोटेक ने कहा था कि आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए ट्रायल से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है और संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी स्पष्टीकरणों का जवाब भी दे दिया गया है।

कोवैक्सीन उन टीकों में शामिल है, जिसका इस्तेमाल भारत में कोरोना टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा कोवीशील्ड नाम से विकसित आक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन और रुस की वैक्सीन स्पुतनिक v का इस्तेमाल टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। डब्लूएचओ ने अब तक फाइजर/बायोएनटेक,आक्सफोर्ड/ एस्ट्राजेनेका, जानसन एंड जानसन, माडर्ना और सिनोफार्म द्वारा निर्मित कोविड -19 के टीकों को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है।