आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने बताया कोरोनो वायरस से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा यह प्रभाव

 आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने बताया कोरोनो वायरस से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा यह प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने सोमवार को जी-20 राष्ट्रों के वित्त मंत्रियों तथा केन्द्रीय बैंकों के प्रमुखों के साथ कोरोना वायरस (कोविड-19) की स्थति व इसके आर्थिक प्रभावों पर चर्चा की। 

आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने सोमवार को बोला कि कोरोनो वायरस (Coronavirus) महामारी से दुनिया अर्थव्यवस्था को "गंभीर" आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। यह मंदी 2009 में आई मंदी से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है। अब सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कितनी जल्दी कोविड-19 को नियंत्रित कर लेते हैं।

जॉर्जीवा ने बोला कि छोटी अर्थव्यवस्था वाले राष्ट्रों को अधिक सहायता प्रदान करने के लिए उभरते बाजारों वाली अर्थव्यवस्थाओं वाले राष्ट्रों सामने आना चाहिए। उन्होंने ये भी बोला कि आईएमएफ 1 ट्रिलियन डॉलर का उधार देने की क्षमता रखता है व वह ये उधार देने के लिए तैयार है।

संसार के अधिकतर लोगों को बड़े पैमाने पर बंद का सामना करना पड़ रहा है। जॉर्जीवा ने 20 राष्ट्रों के समूह के वित्त मंत्रियों को चेतावनी दी कि 2020 के लिए दृष्टिकोण निगेटिव है - कम से कम वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान या इससे भी बदतर मंदी आने का अनुमान लगाया जा रहा है। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के परिणामस्वरूप 2009 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 0.6 फीसदी की कमी आई, लेकिन उस समय चाइना व हिंदुस्तान जैसे प्रमुख उभरते मार्केट तेजी से बढ़ रहे थे।


कोरोनावायरस महामारी दुनियाभर में आर्थिक व मानव नरसंहार का कारण बन रही है। कुछ पूर्वानुमानकर्ताओं (forecasters) का बोलना है कि मंदी 1.5 फीसदी हो सकती है।