Covid-19 के मुद्दे फिर बढ़े, बीते 24 घंटे में सामने आए 41,831 केस

Covid-19 के मुद्दे फिर बढ़े, बीते 24 घंटे में सामने आए 41,831 केस

कोविड-19 वायरस ( Covid-19 ) के विरूद्ध हिंदुस्तान की जंग जारी है देश में पिछले 24 घंटे में 41 हजार से अधिक लोग कोविड-19 पॉजिटिव (Corona Latest Update) हो गए वहीं मौंतों के मुद्दे में शनिवार के मुकाबले कुछ राहत मिली है पिछले दिन की तुलना में आज वायरस से कम मौतें (Death Due To Covid-19) हुई हैं और करीब दो हजार अधिक लोग रिकवर हुए हैं

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे में देश में कोविड-19 वायरस के 41 हजार 831 नए केस रजिस्टर किए गए और 541 लोगों की वायरस की वजह से मृत्यु हो गई हालांकि 39,258 संक्रमित इस दौरान रिकवर भी हुए

हिंदुस्तान में Covid-19 से रिकवरी रेट (Recovery Rate) 97.36 प्रतिशत हो गया है देश में अब तक 3,08,20,521 लोग कोविड-19 से ठीक हो चुके हैं हिंदुस्तान में इस समय सक्रिय मामलों (Corona Active Cases In India) का आंकड़ा 4,10,952 तक पहुंच गया है यह अब तक रजिस्टर हुए कोविड-19 के मामलों की कुल संख्या का 1.30 प्रतिशत है

देश में Covid-19 का पॉजिटिविटी रेट अभी 2.34 फीसदी है शनिवार तक देश में 46.82 करोड़ लोगों का कोविड-19 टेस्ट किया गया वहीं साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 2.42 फीसदी तक पहुंच गया है देश में टीकाकरण अभियान (Vaccination Drive) तेजी से चलाया जा रहा है अब तक 47.02 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है

शनिवार को जारी किए आंकड़ों के मुताबिक, हिंदुस्तान में 24 घंटे अंदर कोविड-19 के 41,649 नए केस सामने आए थे और 593 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी वहीं 37,291 लोग कोविड-19 संक्रमण से ठीक हुए थे


कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग (EUA) की मंजूरी जल्द ही मिलने  की उम्मीद है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री डा भारती प्रवीण पवार ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि उम्मीद है कि डब्लूएचओ जल्द ही कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देगा। इससे पहले खबर सामने आी थी कि भारत के इस टीके को 5 अक्टूबर तक आपात उपयोग के लिए डब्लूएचओ से मंजूरी मिलने की संभावना है।

वैक्सीन विकसित करने वाली कंपनी भारत बायोटेक वैक्सीन की सुरक्षा और क्लीनिकल ट्रायल का ​​​​डेटा और जोखिम प्रबंधन योजनाओं और अन्य कार्यान्वयन विचारों पर एक प्रजेंनटेशन देगी। कंपनी ने हाल ही में कहा था कि उसने आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए कोवैक्सीन से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को सौंप दिया है और वैश्विक उससे प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है।


कोवैक्सीन तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में 77.8 प्रतिशत की प्रभावी पाया गया था। इसे हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट की ऑफ वायरोलाजी (NIV) के सहयोग से विकसित किया था। भारत बायोटेक ने कहा था कि आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए ट्रायल से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है और संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी स्पष्टीकरणों का जवाब भी दे दिया गया है।

कोवैक्सीन उन टीकों में शामिल है, जिसका इस्तेमाल भारत में कोरोना टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा कोवीशील्ड नाम से विकसित आक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन और रुस की वैक्सीन स्पुतनिक v का इस्तेमाल टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। डब्लूएचओ ने अब तक फाइजर/बायोएनटेक,आक्सफोर्ड/ एस्ट्राजेनेका, जानसन एंड जानसन, माडर्ना और सिनोफार्म द्वारा निर्मित कोविड -19 के टीकों को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है।