नड्डा को लिखे पत्र में रमेश ने कहा...

नड्डा को लिखे पत्र में रमेश ने कहा...

नड्डा को लिखे पत्र में रमेश ने कहा, ‘‘मैं यह जानकर स्तब्ध हूं कि आपकी पार्टी के कुछ सहयोगियों ने जानबूझकर एक चैनल पर कल (एक जुलाई को) प्रसारित हुई एक शरारतपूर्ण रिपोर्ट को साझा किया है.’’

नयी दिल्ली| कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी से जुड़े एक वीडियो को बीजेपी के कुछ नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद शनिवार को बोला कि यह वीडियो ‘फर्जी खबर’ के रूप में फैलाया गया है और यदि बीजेपी एवं उसके नेताओं ने इसके लिए माफी नहीं मांगी, तो उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बीजेपी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर बोला है कि वह ‘झूठ’ फैलाने के लिए अपने नेताओं की तरफ से माफी मांगें.

दरअसल, यह वीडियो एक समाचार चैनल से संबंधित है. कांग्रेस पार्टी का बोलना है कि राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र वायनाड स्थित उनके कार्यालय पर एसएफआई के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर किए गए हमले के संदर्भ में उसके पूर्व अध्यक्ष ने एक टिप्पणी की, जिसे एक चैनल ने उदयपुर की घटना से जोड़कर पेश कर दिया.

राहुल गांधी ने इसी प्रकरण की तरफ इशारा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘दुष्प्रचार और असत्य ही भाजपा-आरएसएस की नींव है. राष्ट्र को नफ़रत की आग में झोंककर हाथ सेंकने वाली भाजपा-आरएसएस का इतिहास पूरा भारत जानता है. ये देशद्रोही चाहे जितना तोड़ने का काम कर लें, कांग्रेस पार्टी उससे ज़्यादा हिंदुस्तान जोड़ने का काम करती रहेगी.’’

नड्डा को लिखे पत्र में रमेश ने कहा, ‘‘मैं यह जानकर स्तब्ध हूं कि आपकी पार्टी के कुछ सहयोगियों ने जानबूझकर एक चैनल पर कल (एक जुलाई को) प्रसारित हुई एक शरारतपूर्ण रिपोर्ट को साझा किया है.’’

पत्र में बोला गया, ‘‘वास्तविक वीडियो में राहुल गांधी अपने वायनाड कार्यालय पर एसएफआई द्वारा की गई हिंसा के संबंध में टिप्पणी कर रहे थे, लेकिन चैनल द्वारा उसे जानबूझकर और शरारतपूर्ण ढंग से काट-छांटकर इस प्रकार से प्रस्तुत किया गया, जैसे कि यह टिप्पणी उदयपुर में कन्हैया लाल की जघन्य मर्डर के संबंध में थी.’’

रमेश ने कहा, ‘‘इस बात को हमारी ओर से तुरंत सभी संबंधित लोगों के ध्यान में लाया गया कि यह रिपोर्ट नितांत झूठी है और भ्रम की स्थिति पैदा करने के लिए जानबूझकर इसे प्रसारित किया गया. वास्तव में, किसी भी अन्य चैनल ने इस क्लिप को इस प्रकार जानबूझकर मनगढ़ंत और विकृत ढंग से प्रस्तुत नहीं किया.’’

रमेश ने पत्र में कहा, ‘‘इससे भी बड़ी चिंता की बात यह है कि आपकी पार्टी के कई सहयोगियों-राज्यवर्धन राठौर, सुब्रत पाठक, कमलेश सैनी, कई विधायक और अन्य लोगों ने बड़े उत्साहपूर्वक और कोई सत्यापन किए बिना जानबूझकर इस मनगढ़ंत और विकृत रिपोर्ट को सोशल मीडिया पर प्रकाशित और साझा किया.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने पहले ही मूल प्रसारणकर्ता चैनल के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है. हम आशा करते हैं कि आप और आपकी पार्टी के सहयोगी इस तरह के असत्य फैलाना बंद करेंगे और ऐसी हरकतों से बाज आएंगे. इसके अतिरिक्त, मुझे आशा है कि आप अपने उन सहयोगियों की ओर से तुरंत उचित माफीनामा जारी करेंगे, जिन्होंने सच्चाई का इस तरह से घोर अपमान किया है.’’

कांग्रेस महासचिव ने चेतावनी दी, ‘‘अगर यह माफीनामा आज जारी नहीं किया जाता तो हम आपकी पार्टी और उसके उन नेताओं के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे, जो इस तरह के गैर-जिम्मेदार और आपराधिक ढंग से सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने पर जोर देते हैं.’’

उधर, राठौर की ओर से ट्विटर पर राहुल गांधी से जुड़े इस वीडियो को साझा किए जाने पर माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ने इसे ‘फ्लैग’ करते हुए लिखा, ‘‘इस मीडिया को संदर्भ से हटकर पेश किया गया है.’’

चैनल द्वारा बाद में माफीनामा जारी करने के साथ एंकर रोहित रंजन ने कहा, ‘‘कल हमारे शो डीएनए में राहुल गांधी के बयान को उदयपुर की घटना से जोड़कर गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया, यह मानवीय भूल थी, जिसके लिए हमारी टीम माफी मांगती है.’’

भाजपा ने अभी इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की.
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने बोला कि बीजेपी के जिन नेताओं ने राहुल गांधी का ‘‘फर्जी वीडियो’’ डाला है, उन्हें राष्ट्र के दौरे के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि उन्हें कई शहरों की अदालतों का चक्कर लगाना होगा.