भविष्य में और आएंगी कोरोना व मंकीपॉक्स जैसी महामारियां

भविष्य में और आएंगी कोरोना व मंकीपॉक्स जैसी महामारियां
भविष्य में कोविड-19 और मंकीपॉक्स जैसी अन्य महामारियां देखने को मिल सकती है विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बोला कि पिछले एक दशक में अफ्रीका में जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाली रोंगों की संख्या में 60% से अधिक की वृद्धि हुई है ऐसे में दुनिया भविष्य में मंकीपॉक्स, इबोला और कोरोनावायरस जैसी अधिक रोंगों का सामना कर सकती है

संयुक्त देश की हेल्थ एजेंसी ने गुरुवार को एक बयान में बोला कि 2012 से 2022 तक प्रजातियों की बाधा को तोड़ने वाले पशु रोगों की संख्या में 63 प्रतिशत की वृद्धि हुई है विश्व स्वास्थ्य संगठन ने घोषणा की कि वह अगले हफ्ते एक इमरजेंसी बैठक आयोजित करेगा ताकि यह आकलन किया जा सके कि क्या मंकीपॉक्स को अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया जाना चाहिए

डब्ल्यूएचओ के अफ्रीका निदेशक, डॉ मात्शिदिसो मोएती ने एक बयान में कहा, हमें जूनोटिक रोंगों को रोकने के लिए काम करना होगा ताकि वे व्यापक संक्रमण का कारण नहीं बन सकें और अफ्रीका को उभरती संक्रामक रोंगों के लिए हॉटस्पॉट बनने से रोक सकेंउन्होंने बोला कि अफ्रीका में जानवरों में होने वाली रोंगों ने सदियों से लोगों को संक्रमित किया है, लेकिन महाद्वीप में तेजी से इनके प्रसार से चिंता बढ़ गई है विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह भी पाया किया कि अफ्रीका में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती जनसंख्या है शहरीकरण के बढ़ने से जंगली जानवरों के लिए घूमने वाले क्षेत्र कम हुए हैंवैज्ञानिकों को यह भी डर है कि जो प्रकोप कभी दूर ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित थे, अब अंतर्राष्ट्रीय यात्राओं के कारण अफ्रीका के बड़े शहरों में अधिक तेज़ी से फैल सकते हैं, जो पूरे विश्व में रोंगों के प्रसार का कारण बन सकते हैं बता दें कि कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया में तबाही मचाई थी इसके बाद महामारी के प्रसार को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट्स की चिंताएं बढ़ गई है वहीं इस वर्ष मंकीपॉक्स के बढ़ते संक्रमण के चलते ये चिंता और बढ़ गई है