ये डाइट प्लान करें फॉलो, तेजी से बढ़ेगी इम्यूनिटी

ये डाइट प्लान करें फॉलो, तेजी से बढ़ेगी इम्यूनिटी

कोरोना (Corona) से बचने के लिए आज ज्यादातर लोग अपनी जीवनशैली (Lifestyle ) में बदलाव कर रहे हैं और खुद को फिट रखने के लिए व्यायाम (Excersize) और खाने-पीने पर ध्यान दे रहे हैं। ऐसे में, केंद्र सरकार ने भी प्रकोप के दौरान नेचुरल इम्यूनिटी (Natural immunity) बढ़ाने के लिए कुछ खाने की लिस्ट जारी की है।

कोविड-19 से पीड़ित लोगों के लिए, केंद्र ने डार्क चॉकलेट, हल्दी वाला दूध और प्रोटीन युक्त खाने की सिफारिश की है। सरकार ने mygovindia के ट्विटर हैंडल के माध्यम से, एक बेसिक डाइट प्लान सुझाया है जिससे इम्यूनिटी सुधारने और मांसपेशियों की शक्ति और ऊर्जा को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।

केंद्र की तरफ से जारी डाइट प्लान कुछ ऐसा-

कोरोना से पीड़ित इंसान को न महक आती है और न ही किसी चीज में स्वाद। इसके साथ ही, उनकी भूख और खाना चबाने की क्षमता भी खत्म होती है। इससे मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है, इसलिए सरकार ने नियमित अंतराल पर नरम चीजों का सेवन करने और आहार में अमचूर (सूखा आम) शामिल करने की सिफारिश की है।

जारी इन दिशानिर्देशों में लिखा गया है, कि कोरोना मरीजों के लिए मुख्य ध्यान उन खाद्य पदार्थों का सेवन करना है जो मांसपेशियों, इम्यूनिटी और ऊर्जा के स्तर को फिर से बनाने में मदद करें। साबुत अनाज जैसे रागी, ओट्स की सलाह दी जाती है। प्रोटीन के अच्छे स्रोत जैसे चिकन, मछली, अंडे, पनीर, सोया, दाने और बीज की भी सिफारिश की जाती है। इसके अलावा, केंद्र ने 'अखरोट, बादाम, जैतून का तेल जैसे हेल्दी फैट' खाने को भी कहा है।

साथ ही पर्याप्त विटामिन और मिनरल पाने के लिए रंगीन फलों और सब्जियों को पांच बार खाएं। चिंता से छुटकारा पाने के लिए कम से कम 70% कोको के साथ थोड़ी डार्क चॉकलेट खाएं। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए दिन में एक बार हल्दी वाला दूध पीएं।।

अब तक, भारत ने कोरोना के 2,14,91,598 मामले दर्ज किए हैं जिसमें से 1,76,12,351 लोग अब तक ठीक हो चुके हैं जबकि 2,34,083 लोगों ने वायरस के कारण दम तोड़ दिया है। देश भर में 36,45,164 सक्रिय मामले हैं। ऐसे में ये डाइट प्लान कोरोना से लड़ने में मददगार साबित हो रहा है।


कोविड होने के कितने दिन बाद तक बच्‍चों पर दें विशेष ध्‍यान

कोविड होने के कितने दिन बाद तक बच्‍चों पर दें विशेष ध्‍यान

नई दिल्‍ली कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर (Covid Third Wave) को लेकर लोगों में चिंता है वहीं कई वैज्ञानिकों के तीसरी लहर में बच्‍चों के कोविड प्रभावित होने की आसार जताने के बाद यह चिंता और भी ज्‍यादा बढ़ गई है ऐसे में कोविड और कोविड के बाद होने वाली रोंगों (Post Covid Disease) को लेकर भी सावधान रहना महत्वपूर्ण है

भारत में आई पहली और दूसरी लहर में कोविड-19 की चपेट में आए कुछ बच्‍चों में मल्‍टी सिस्‍टम इन्‍फ्लेमेट्री सिंड्रोम (multi system inflammatory syndrome) की रोग देखी गई है इसमें बच्‍चों के दिल, दिमाग, फेफड़ों, किडनी और लीवर पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ा है हिंदुस्तान के कई राज्‍यों में बच्‍चों में कोविड-19 से ठीक होने के बाद आकस्मित अन्‍य बीमारियां उभर आईं, जिसे लेकर जानकारों ने भी चिंता जाहिर की है

कोविड-19 के बाद पैदा हुई ये वे बीमारियां हैं जो पोस्‍ट कोविड इफैक्‍ट या लांग कोविड के रूप में बच्‍चों को लंबे समय तक परेशान करेंगी बच्‍चों में डायबिटीज और ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या भी सामने आई है ऐसे में कोविड-19 से बचाव के साथ ही स्‍वास्‍थ्‍य जानकार अभिभावकों को बच्‍चों को कोविड के बाद होने वाली रोंगों से बचाने की सलाह दे रहे हैं

ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के पूर्व निदेशक डाक्टर एमसी मिश्र कहते हैं कि बच्‍चों को कोविड-19 से बचाने के लिए उनकी सुरक्षा और कोविड-19 के नियमों का पालन सबसे ज्‍यादा महत्वपूर्ण है पहले तो बच्‍चों को कोविड-19 की चपेट में आने से बचाना है यदि बच्‍चों को कोविड-19 हो भी जाता है तो अभिभावकों को उनके स्‍वास्‍थ्‍य पर नजर रखनी होगी ताक‍ि उन्‍हें पोस्‍ट कोविड होने वाली लाइफलांग रोंगों से बचाया जा सके
कोविड-19 होने के बाद इतने दिन तक रखें विशेष ध्‍यान

डाक्टर मिश्र कहते हैं कि बच्‍चों की स्वास्थ्य का ध्‍यान अभिभावकों को ही रखना होता है ऐसे में कोविड-19 से संक्रमित होकर ठीक हो गए बच्‍चों को लेकर लापरवाह नहीं होना है रोग ठीक होने के कम से कम दो से छह हफ्तों तक इनकी अच्‍छे से नज़र करनी है और किसी भी रोग के लक्षण उभरते हैं तो उसका चिकित्‍सकीय उपचार कराना है

डाक्टर कहते हैं कि मल्‍टी सिस्‍टम इन्‍फ्लेमेट्री सिंड्रोम (multi system inflammatory syndrome) के लक्षण कोविड-19 होने के दो से छह सप्ताह के भीतर दिखाई देने लगते हैं इनमें बीपी का बढ़ना घटना, लगातार बुखार, अंगों का लाल हो जाना, आंखों की सूजन आदि शामिल है ऐसे किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें अन्यथा बच्‍चों के अंगों पर प्रभाव पड़ सकता है उनके शारीरिक अंग बेकार हो सकते हैं

लिहाजा महत्वपूर्ण है कि कोविड-19 से बचाव के साथ ही कोविड-19 होने के बाद भी बच्‍चों की स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहा जाए और सावधानियां बरती जाएं यदि एक बार बच्‍चे के किसी अंग में कमी आ गई तो वह जीवनभर की कठिनाई पैदा कर सकती है ऐसे में बच्‍चों का विशेष ध्‍यान रखें


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