Corona Vaccine 2nd Phase: कोरोना वैक्सीन का दूसरा चरण 1 मार्च से

Corona Vaccine 2nd Phase: कोरोना वैक्सीन का दूसरा चरण 1 मार्च से

केंद्र सरकार ने 24 फरवरी ऐलान कर बताया कि देश में 1 मार्च से कोरोना वायरस वैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है। इस चरण में उन लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी जिनकी उम्र 60 साल से ज़्यादा है और साथ ही उन लोगों को भी जिनकी उम्र 45 साल से ज़्यादा और वे किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। हालांकि, ऐसे लोगों को बीमारी से संबंधित काग़ज़ात भी दिखाने होंगे।

प्राइवेट अस्पताल में फ्री नहीं होगी वैक्सीन

केंद्र मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ये साफ कर दिया है कि सरकार ने करीब 20 हज़ार अस्पतालों को चुना है, जहां कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी, लेकिन वहां वैक्सीन के लिए पैसे भी देने होंगे। वहीं सरकारी वैक्सीन सेंटर्स में कोरोना की वैक्सीन मुफ्त में लगाई जाएगी। केंद्र सरकार कुछ दिनों में प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन के दाम को भी तय करेगी। प्रकाश जावड़ेकर ने ये भी साफ किया कि एक बार वैक्सीन के दाम तय हो जाएं, फिर कैबिनेट के सभी मंत्री भी पैसे देकर ही वैक्सीन लगवाएंगे। 


वैक्सीन चुनने का विकल्प अभी नहीं

60 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों का डेटा Co-Win एप में फीड किया जाएगा। 45-50 की तुलना में 60 साल से ज़्यादा की उम्र के लोगों की आबादी कम है। प्राइवेट अस्पतालों में भी कोविशील्ड या कोवैक्सीन में से एक ही दी जाएगी। हालांकि, ये अभी साफ नहीं है कि लोग अपने लिए वैक्सीन चुन सकते हैं या नहीं। पिछले हफ्ते ही केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने घोषणा की थी कि एक मार्च से 60 साल से ज़्यादा के लोगों को भी कोरोना वैक्सीन की 


 डोज़ लगनी शुरू कर दी जाएगी। पहले फेज़ में फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोरोना वायरस वैक्सीन लगाई गई थी। अब दूसरे फेज़ में 60 से ज़्यादा उम्र वालों को वैक्सीन लगाई जाएगी।

केंद्र ने अनुमान लगाया है कि प्राथमिकता के इस दूसरे समूह की आबादी करीब 27 करोड़ है। सरकार ने फैसला किया है कि सरकार द्वारा बनाए गए करीब 10 हज़ार सेंटर्स में वैक्सीन मुफ्त में लगाई जाएगी, हालांकि प्राइवेट अस्पतालों में लोगों को इसके लिए दाम चुकाना होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय प्राइवेट अस्पतालों में लगाई जाने वाली कोरोना वैक्सीन की कीमत अगले कुछ दिनों में तय कर देगा।


वैक्सीन के लिए कैसे रजिस्टर करें?

दूसरे चरण में खुद रेजिस्ट्रेशन करवाने का सिस्टम होगा। जिसे वैक्सीन लगनी है, उसे Co-Win 2.0 नाम की ऐप डाउनलोड करनी होगी और खुद को वैक्सीन के लिए रजिस्टर करवाना होगा।

रेजिस्ट्रेशन के लिए किसी तरह के काग़ज़ात की ज़रूरत होगी?

अपनी उम्र साबित करने के लिए, आपको या तो चुनाव आईडी कार्ड दिखाना होगा या फिर आधार। आपको Co-Win ऐप डाउनलोड करनी होगी और फिर खुद को रेजिस्टर कराना होगा, उसके बाद ऐप का बैक-एंड आधार और मतदाता सूची से डेटा हासिल कर लेगा। उम्र के आंकड़ों जैसे ही मिल जाएंगे, ऐप आगे की जानकारी अपलोड करेगी।


अस्वस्थ वर्ग में कौन लोग आते हैं?

अभी तक केंद्र सरकार ने अस्वस्थ वर्ग के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी है। हालांकि, इस वर्ग में वे लोग आते हैं, जो कैंसर, किडनी फेलियर, दिल की बीमारी, डायबिटीज़ और हाइपरटेंशन जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।

अंतिम चुनावी दस्तावेज़ के मुताबिक उम्र 50 साल से कम है, तो इसे कैसे बदलें?

ज़िला मजिस्ट्रेट के पास आपके अंतिम मतदाता सूची के आंकड़ों होंगे, जिससे आपकी उम्र के दावों को सही किया जा सकता है। DM द्वारा वैरीफाई करने के बाद, लेटेस्ट उम्र अपडेट की जा सकती है।


क्या अपनी मर्ज़ी की तारीख और जगह चुन सकते हैं? 

जी हां, एक बार जब Co-Win ऐप आपका डेटा मैच करने में सफल हो जाएगी, तो आपके सामने वैक्सीनेशन सेंटर्स खोल दिए जाएंगे। आप उस लिस्ट में से सेंटर चुन सकते हैं। उसके बाद आप तारीख भी चुन सकते हैं। हालांकि, दिन, सेंटर और तारीख चुनना उपलब्ध स्लॉट्स के आधार पर ही मुमकिन है।

एक राज्य का इलेक्शन कार्ड होने पर क्या व्यक्ति दूसरे राज्य में वैक्सीनेशन लगवा सकता है?


जी हां, सरकार देश के किसी भी राज्य में वैक्सीनेशन का विकल्प दे रही है। उदाहरण के तौर पर, अगर एक व्यक्ति तमिल नाडु का है लेकिन वह दिल्ली में जॉब करता है, तो वो वैक्सीन दिल्ली में भी लगवा सकता है।


कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से गर्भवती महिलाओं को घबराने की नहीं, सजग व सतर्क रहने की है जरूरत

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से गर्भवती महिलाओं को घबराने की नहीं, सजग व सतर्क रहने की है जरूरत

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण लोगों में तनाव ज्यादा है। गर्भवती महिलाओं के जेहन में भी तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। देहरादून स्थित कंबाइंड मेडिकल इंस्टीट्यूट की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ सुमिता प्रभाकर की सलाह गर्भवती महिलाओं के लिए काफी अहमियत रखती है। उनका कहना है कि यह वक्त घबराने का नहीं, बल्कि सजग एवं सतर्क रहने का है।

गर्भस्थ शिशु में नहीं होता संक्रमण

आज तक कोरोना का वायरस एमनियोटिक द्रव या ब्रेस्ट मिल्क के नमूनों में नहीं पाया गया है। भ्रूण में किसी तरह के संक्रमण का कोई प्रमाण नहीं है। ऐसा भी कोई डाटा नहीं है, जो सिद्ध करता हो कि कोरोना वायरस संक्रमण से गर्भपात या गर्भस्थ शिशु नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।

ब्रेस्ट फीडिंग कराते समय भी मास्क पहनें

मेडिकल रिपोर्ट बताती हैं कि ब्रेस्ट मिल्क से वायरस संक्रमण का खतरा नहीं है। चूंकि यह वायरस रेस्पिरेट्री ड्रॉपलेट्स के जरिए फैलता है, इसलिए स्तनपान कराते वक्त मास्क पहनें। ब्रेस्ट फीडिंग और बच्चों को उठाने से पहले अच्छे से हाथ धो लें जिससे नवजात में संक्रमण का खतरा न के बराबर रहे।

श्वसन प्रणाली को स्वस्थ रखें

इस समय बाहर वॉक पर नहीं जाया जा सकता इसलिए श्वसन प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए योग एक अच्छा विकल्प है। प्राणायाम आपके फेफड़ों को मजबूत करने के साथ ही रक्त संचार बढ़ाने में भी मदद करेगा। पर्याप्त आराम लेना जरूरी है। साथ ही पानी भी खूब पीती रहें।

इम्यूनिटी पर दें ध्यान

विटामिन डी और सी से शरीर को मजबूती मिलेगी। विटामिन डी के लिए बालकनी में बैठकर धूप ले सकती हैं। नींबू, आंवला, संतरा आदि से विटामिन सी की पूर्ति होती है। इससे सर्दी-जुकाम से लड़ने में मदद मिलती है। हड्डियों के पोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए कैल्शियम भी बहुत जरूरी है। इसके लिए पालक खाएं। प्रोटीन के लिए दाल, हरी सब्जी, मौसम फल आदि भरपूर लें।


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