वैक्सीन नहीं कोरोना वायरस से बेहतर बचाव करेंगे मास्क!

वैक्सीन नहीं कोरोना वायरस से बेहतर बचाव करेंगे मास्क!

कोरोना वायरस महामारी के कुछ महीनों बाद से ही कई वैक्सीन के लॉन्च होने की बात हम सुनते आ रहे हैं। हम सभी ये ज़रूर चाहते हैं कि वैक्सीन जल्द से जल्द आए, लेकिन साथ ही इस बात को लेकर चिंतित भी हैं कि वह कितनी सुरक्षित और कारगर साबित होगी। हम ये जानते हैं कि जो वैक्सीन सबसे पहले आएगी वो अधिक सुरक्षा प्रदान नहीं करेगी। साथ ही पूरी दुनिया के सभी लोगों को वैक्सीन मिलने में दो से तीन साल लग जाएंगे।    

हाल ही में वैक्सीन से जुड़े कई साइड-इफेक्ट्स सामने आए हैं, फिर चाहे वो ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राज़ेनेका की वैक्सीन हो या फिर रूस की। जिसकी वजह से लोगों के बीच इसको लेकर डर बढ़ गया है। साथ ही अभी ये भी साफ नहीं है कि सिर्फ एक वैक्सीन मानव जाति को कयामत से बचाने में सक्षम होगी या नहीं। अभी आने वाले कई सालों तक हमें शारीरिक दूरी, साफ-सफाई और मास्क पहनना जारी रखना होगा।

सीडीसी यानी डायरेक्टर्स ऑफ सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ने इस परेशानी को और बढ़ा दिया है। सीडीसी के डायरेक्टर रॉबर्ट रेडफील्ड ने कबा कि वैक्सीन कुछ हद तक इस वायरस से हमें बचाने में मदद करेगी, लेकिन इससे बेहतर सुरक्षित आपके फेस मास्क प्रदान कर रहे हैं। इसलिए कोरोना से बचने के लिए सावधानियां बरतनी बेहद ज़रूरी हैं।

क्या वैक्सीन से बेहतर विकल्प हैं मास्क?

मास्क और वैक्सीन दो बिल्कुल अलग चीज़ें हैं और अलग से काम भी करते हैं। इन दोनों की तुलना सही नहीं है, लेकिन इस वक्त महामारी को रोकने के लिए मास्क का उपयोग हमारी काफी मदद कर सकता है। वास्तव में, मास्क का उपयोग करने से भविष्य में वैक्सीन बनाने वालों का काम आसान हो सकता है।

शुरुआती वैक्सीन सबसे सुरक्षित नहीं होगी। उससे होने वाले साइड-इफेक्ट्स के दुष्प्रभावों का जोखिम हमेशा बना रहेगा। इस वक्त ऐसी वैक्सीन की उम्मीद करना जो बिलकुल कारगर साबित हो, मुमकिन नहीं है। 

इसकी तुलना में, अभी उपलब्ध मास्क ज्यादातर सुरक्षित हैं और उपयोग करने के लिए बहुत कम सटीकता की आवश्यकता होती है। मास्क का वितरण और उपयोग करना भी सस्ता है, वहीं शुरुआती वैक्सीन को उपलब्ध कराने की तुलना में मास्क अधिक किफायती हैं।

मास्क पहनना सबसे सुरक्षित और संक्रमण के जोखिम से बचाव का सबसे अच्छा तरीका हो सकता है। यहां तक कि मास्क हर उम्र के इंसान के लिए फायदेमंद है। 

मास्क कितनी सुरक्षा दे सकते हैं?

सीडीसी के दिशानिर्देश बताते हैं कि मास्क पहनना कोरोना वायरस के संक्रमण का जोखिम काफी कम हो जाता है। मास्क का उपयोग प्रभावी ढंग से लार की मात्रा को कम करता है, खासकर जब कोई कमरे में खांसता या छींकता है। इसका मतलब ये हुआ कि अगर बीमार लोग मास्क पहनते हैं, तो बाकी सभी लोग बेहतर तरीके से सुरक्षित रहेंगे।

लेकिन ये भी ज़रूरी है कि आप मास्क सही तरीके से पहन रहे हों, यानि मास्क किस तरह का है, ढीला तो नहीं है और चेहरे पर अच्छे से फिट हो रहा है या नहीं। मास्क कोरोना को फैलने से रोकने में कुछ हद तक मदद कर सकता है। मास्क पहनने से अलक्षणी लोगों से भी संक्रमण का ख़तरा कम हो जाता है।

इसलिए, आप चाहे बीमार हैं या नहीं, या लक्षण दिख रहे हैं या नहीं, मास्क पहनना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।


नींद नहीं आती है रातों में? अपनाएं ये उपाय

नींद नहीं आती है रातों में? अपनाएं ये उपाय

अच्छी नींद से बेहतर शरीर के लिए कुछ भी नहीं है दिन भर की थकान और बॉडी के सेल्स में हुए डैमेज की नींद भरपाई करती है लेकिन कई लोगों के साथ नींद न आने की गंभीर समस्या होती है थकान के बावजूद बिस्तर पर जाते ही नींद का भाग जाना आपकी स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है हम आपको बेहतर नींद के लिए कुछ टिप्स दे रहे हैं जिन्हें अपनाने पर आप रात को शाँति से सो पाएंगे

दरअसल, नींद नहीं आने के कई कारण है जैसे कैफीन, निकोटीन का अधिक सेवन करना, किसी भी तरह की दवा का सेवन करना, लगातार कार्य करना, कार्यालय और घर के बीच तालमेल नहीं बैठना इसके साथ ही तनाव आपकी नींद का सबसे बड़ा शत्रु है निगेटिव सोच, बेवजह का डर और चिंता आपके श्वसन तंत्र को उत्तेजित करती है जिसकी वजह से आपकी नींद हराम हो जाती है

अगर आप भी आधी रात तक जागते हैं और दिन तक सोते हैं तो हम आपको अच्छी नींद लाने के कुछ प्राकृतिक तरीकों के बारे में बताते है, जिनकी सहायता से आपको शीघ्र नींद भी आएगी और आप एनर्जेटिक भी महसूस करेंगे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे टीवी और मोबाइल की ब्लू लाइट से आपके दिमाग को दिन होने की आसार लगती है, इससे मेलाटोनिन हॉर्मोन अपना ठीक तरह से कार्य नहीं कर पाता

मेलाटोनिन हॉर्मोन अच्छी नींद के लिए उत्तरदायी होता है सोने से दो घंटे पहले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे मोबाइल का इस्तेमाल न करें, यदि आप इनका इस्तेमाल कर रहे हैं तो चश्मा लगाकर करें इससे लाइट का सीधा प्रभाव आपकी आंखों पर नहीं पड़ेगा

दिन के दौरान सूर्य के प्रकाश के सम्पर्क में आने से आपकी सर्कैडियन रिदम को रेगुलेट किया जा सकता है सर्कैडियन प्रणाली जिसे जैविक घड़ी भी बोला जाता है, ये प्राकृतिक दैनिक चक्र है जो आराम और गतिविधि के पैटर्न को नियंत्रित करता है सर्केडियन रिदम लोगों को नियमित नींद और जागने के शेड्यूल को बनाए रखने में सहायता करता है आपको प्रतिदिन सूरज की रौशनी जरूर लेनी चाहिए


कच्चे ऑयल के दम पर की 2021 में जमकर कमाई       e-Vehicle: केजरीवाल सरकार का चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने पर जोर       Atom 1.0 बाइक से केवल 7 रुपये में करें 100 किलोमीटर का सफर       गर्म पानी पीने से हो सकता है स्वास्थ्य को ये नुकसान!       नींद नहीं आती है रातों में? अपनाएं ये उपाय       उरी बेस कैंप पहुंचे Vicky Kaushal, इंडियन आर्मी संग फोटोज़ शेयर कर बोले...       ये प्यारी सी 'डिमांड' भी कर दी, Sonu Sood ने बिहार की बहन के लिए दिखाई दरियादिली       इस मंदिर में चढ़ाया जाता है इंसान के निजी अंग का डमी मॉडल, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान       सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों का बाजार कैपिटलाइजेशन 1.94 लाख करोड़ रुपये बढ़ा       करोड़ों में लगी Twitter के CEO के पहले ट्वीट की बोली...       इस दिन लगेगा खरमास, जानें इस दौरान क्या करें       बस इन नियमों का करना होगा पालन, सूर्य देव को अर्घ्य देने से बन जाते हैं कैसे भी बिगड़े काम       RSWS 2021: इंग्लैंड ने बांग्लादेश लीजेंड्स को हराया, केविन पीटरसन की धुआंधार बैटिंग       खिताबी सिक्सर लगाने उतरेगी रोहित की मुंबई, RCB से खेलेगी पहला मैच       44 लेयर में भरी जाएगी राम मंदिर की 15 मीटर गहरी नींव, पारंपरिक शैली में होगा निर्माण       दुनियाभर में फैली दहशत, कोरोना महामारी पर WHO ने दी चेतावनी       आर्मी तक पहुंची वैक्सीन, रिटायर्ड सैन्य कर्मियों का टीकाकरण       गौतम बुद्ध के ये अनमोल वचन बदल देंगे आपकी जिंदगी       कब से शुरू हो रहा है खरमास, नहीं कर पाएंगे कोई शुभ कार्य       मार्च में है महाशिवरात्रि, होली, विजया एकादशी जैसे महत्वपूर्ण व्रत एवं त्योहार